क्या कांग्रेस ने कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को मजाक बना दिया है? - शाहनवाज हुसैन
सारांश
Key Takeaways
- कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद की खींचतान पर कांग्रेस की छवि प्रभावित हो रही है।
- डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच की लड़ाई सत्ता की भूख को दर्शाती है।
- भाजपा ने कांग्रेस की आंतरिक समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया है।
नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कर्नाटक कांग्रेस में मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए चल रही खींचतान पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पद को मजाक बना दिया है और उन्हें आम जनता की कोई चिंता नहीं है।
शाहनवाज हुसैन ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच एक खुली लड़ाई चल रही है, जिसमें कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी भी शामिल हैं। आज कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद का महत्व कम हो गया है, जबकि उनके एमएलए दिल्ली की ओर दौड़ रहे हैं। सिद्धारमैया अब अपनी स्थिति को सुरक्षित रखने में लगे हुए हैं।"
भाजपा के प्रवक्ता ने यह भी कहा कि कांग्रेस के नेताओं को अब यह समझ में आ गया है कि केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें झूठे आश्वासन दिए हैं। डीके शिवकुमार तो मुख्यमंत्री बनने के लिए प्रयासरत हैं। लोगों को यह जानना चाहिए कि उन्हें राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने कौन से वादे किए थे।
टीएमसी द्वारा चुनाव आयोग में किए गए एक आवेदन पर टिप्पणी करते हुए शाहनवाज हुसैन ने कहा, "टीएमसी चुनाव आयोग का मजाक उड़ाना चाहती है। वे सिर्फ बयान देने के लिए गए हैं। एसआईआर बिहार में सफल था, लेकिन जब यह पश्चिम बंगाल में लागू हुआ, तो उन्हें लगा कि उनके वोट बैंक पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वे सिर्फ अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में क्या चल रहा है, जिसके कारण मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसका विरोध कर रही हैं? एसआईआर से देश को लाभ हो रहा है। केवल वही लोग वोट डाल सकते हैं जो वैध हैं। अवैध लोग चुनाव में कोई भूमिका नहीं निभा सकते। भविष्य में पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी की सरकार गिर सकती है।
भारत की दूसरी तिमाही में जीडीपी 8.2 प्रतिशत रहने पर शाहनवाज हुसैन ने कहा, "यह बहुत सकारात्मक खबर है। इस तिमाही में जीडीपी 8.2 प्रतिशत रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसकी सराहना की है। देश तेज गति से आगे बढ़ रहा है, शेयर बाजार बढ़ रहा है और भारत विकास की दिशा में बढ़ रहा है।"