15 जुलाई 2026
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शाहनवाज हुसैन का कांग्रेस पर तीखा प्रहार: 'पंजाब में गुटबाजी, राहुल-खड़गे के फैसले को नकार रहे नेता'

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शाहनवाज हुसैन का कांग्रेस पर तीखा प्रहार: 'पंजाब में गुटबाजी, राहुल-खड़गे के फैसले को नकार रहे नेता'

सारांश

भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने पंजाब कांग्रेस को 'गुटों में बंटी पार्टी' करार दिया और दावा किया कि राज्य के नेता राहुल गांधी व मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देशों को नकार रहे हैं। भूपेश बघेल के खिलाफ बगावत और केंद्रीय नेतृत्व को खुली चुनौती — यह BJP का कांग्रेस की आंतरिक दरारों पर सीधा प्रहार है।

मुख्य बातें

BJP नेता शाहनवाज हुसैन ने 15 जुलाई को पंजाब कांग्रेस में कथित गुटबाजी पर तीखा हमला बोला।
हुसैन का दावा — पंजाब के कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के केंद्रीय नेतृत्व के फैसलों को मानने से इनकार कर रहे हैं।
भूपेश बघेल के खिलाफ भी बगावत का आरोप; पार्टी इंचार्ज को स्वीकार न करने की बात कही गई।
कर्नाटक सूखे पर हुसैन ने कहा — केंद्र हमेशा सहयोग देता आया है, राज्य सरकार खुद अपने अंदरूनी मामलों में उलझी है।
भोजशाला पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर हुसैन ने कहा — सरकार संज्ञान लेगी; कोर्ट ने परिसर में नमाज की अनुमति नहीं दी।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन ने 15 जुलाई को पंजाब कांग्रेस में कथित अंदरूनी टूट पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में कांग्रेस कई गुटों में बिखर चुकी है और राज्य के नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों को मानने से इनकार कर रहे हैं।

मुख्य आरोप: पार्टी इंचार्ज और भूपेश बघेल के खिलाफ बगावत

हुसैन ने कहा, 'पंजाब में कांग्रेस कई गुटों में बंट गई है। वहाँ के नेता अब पार्टी इंचार्ज को स्वीकार नहीं कर रहे हैं और भूपेश बघेल के खिलाफ भी बगावत हो गई है।' उन्होंने आगे कहा, 'पंजाब में कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व के फैसले को नहीं मानने का तय किया है — फैसले के खिलाफ भी बगावत हो रही है।'

केंद्रीय नेतृत्व को चुनौती: हुसैन का व्यापक आरोप

भाजपा नेता ने यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा, 'यह आपस में नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि केंद्रीय नेतृत्व को भी चुनौती दी जा रही है। इससे एक बात साफ हो गई है — जहाँ भी कांग्रेस है, वहाँ उसके नेता आपस में बंटे हुए हैं।' उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में जोड़ा कि अब किसी भी दल में अंदरूनी कलह होने पर लोग कहते हैं कि 'ये लोग कांग्रेस की तरह व्यवहार कर रहे हैं।'

कर्नाटक सूखे पर केंद्र का रुख

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की ओर से राज्य में सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए केंद्र से एक टीम भेजने की माँग पर हुसैन ने कहा कि कर्नाटक सरकार लोगों की चिंताओं की बजाय अपने अंदरूनी मामलों में उलझी हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने हमेशा राज्यों की मुश्किलों में सहयोग दिया है और आगे भी देती रहेगी।

भोजशाला मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया

हुसैन ने भोजशाला परिसर से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के हालिया फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आया है और सरकार उस पर संज्ञान लेगी।' उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने भोजशाला परिसर के भीतर नमाज की अनुमति नहीं दी है, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार को परिसर के आसपास नमाज के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

आगे क्या

पंजाब कांग्रेस में कथित गुटबाजी के ये आरोप ऐसे समय में आए हैं जब पार्टी अगले विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर संगठनात्मक बदलाव कर रही है। गौरतलब है कि पंजाब में कांग्रेस 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) से सत्ता गँवा चुकी है। भाजपा के इस हमले के बाद कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सार्वजनिक रूप से उभरती दरार है। असली सवाल यह है कि क्या कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व राज्य इकाइयों में अनुशासन और समावेश के बीच संतुलन बना पाएगा — वरना 2027 के चुनावों से पहले यह दरार और गहरी होती जाएगी।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शाहनवाज हुसैन ने पंजाब कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
हुसैन ने दावा किया कि पंजाब कांग्रेस कई गुटों में बंट चुकी है और राज्य के नेता पार्टी इंचार्ज तथा भूपेश बघेल को स्वीकार नहीं कर रहे। उनके अनुसार, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के केंद्रीय नेतृत्व के फैसलों को भी खुलेआम चुनौती दी जा रही है।
भूपेश बघेल का पंजाब कांग्रेस से क्या संबंध है?
भूपेश बघेल को कांग्रेस ने पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया है। हुसैन के अनुसार, राज्य के कांग्रेस नेता उनके नेतृत्व के खिलाफ बगावत पर उतर आए हैं, हालाँकि कांग्रेस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
कर्नाटक सूखे पर केंद्र का क्या रुख है?
मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की केंद्रीय टीम भेजने की माँग पर हुसैन ने कहा कि केंद्र सरकार हमेशा राज्यों को सहयोग देती आई है। साथ ही उन्होंने कर्नाटक सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपने अंदरूनी मामलों में उलझी है और जनता की चिंताओं पर ध्यान नहीं दे रही।
भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
सर्वोच्च न्यायालय ने भोजशाला परिसर के भीतर नमाज की अनुमति नहीं दी है। हालाँकि, न्यायालय ने मध्य प्रदेश सरकार को परिसर के आसपास नमाज के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। हुसैन ने कहा कि सरकार इस फैसले पर संज्ञान लेगी।
पंजाब में कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति क्या है?
कांग्रेस 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) से सत्ता गँवा चुकी है और तब से विपक्ष में है। कथित आंतरिक गुटबाजी पार्टी के संगठनात्मक पुनर्निर्माण के प्रयासों को कमज़ोर करती दिख रही है।
राष्ट्र प्रेस
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