शाहनवाज हुसैन का कांग्रेस पर तीखा प्रहार: 'पंजाब में गुटबाजी, राहुल-खड़गे के फैसले को नकार रहे नेता'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता शाहनवाज हुसैन ने 15 जुलाई को पंजाब कांग्रेस में कथित अंदरूनी टूट पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में कांग्रेस कई गुटों में बिखर चुकी है और राज्य के नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों को मानने से इनकार कर रहे हैं।
मुख्य आरोप: पार्टी इंचार्ज और भूपेश बघेल के खिलाफ बगावत
हुसैन ने कहा, 'पंजाब में कांग्रेस कई गुटों में बंट गई है। वहाँ के नेता अब पार्टी इंचार्ज को स्वीकार नहीं कर रहे हैं और भूपेश बघेल के खिलाफ भी बगावत हो गई है।' उन्होंने आगे कहा, 'पंजाब में कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व के फैसले को नहीं मानने का तय किया है — फैसले के खिलाफ भी बगावत हो रही है।'
केंद्रीय नेतृत्व को चुनौती: हुसैन का व्यापक आरोप
भाजपा नेता ने यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा, 'यह आपस में नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि केंद्रीय नेतृत्व को भी चुनौती दी जा रही है। इससे एक बात साफ हो गई है — जहाँ भी कांग्रेस है, वहाँ उसके नेता आपस में बंटे हुए हैं।' उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में जोड़ा कि अब किसी भी दल में अंदरूनी कलह होने पर लोग कहते हैं कि 'ये लोग कांग्रेस की तरह व्यवहार कर रहे हैं।'
कर्नाटक सूखे पर केंद्र का रुख
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की ओर से राज्य में सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए केंद्र से एक टीम भेजने की माँग पर हुसैन ने कहा कि कर्नाटक सरकार लोगों की चिंताओं की बजाय अपने अंदरूनी मामलों में उलझी हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने हमेशा राज्यों की मुश्किलों में सहयोग दिया है और आगे भी देती रहेगी।
भोजशाला मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया
हुसैन ने भोजशाला परिसर से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के हालिया फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आया है और सरकार उस पर संज्ञान लेगी।' उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने भोजशाला परिसर के भीतर नमाज की अनुमति नहीं दी है, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार को परिसर के आसपास नमाज के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
आगे क्या
पंजाब कांग्रेस में कथित गुटबाजी के ये आरोप ऐसे समय में आए हैं जब पार्टी अगले विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर संगठनात्मक बदलाव कर रही है। गौरतलब है कि पंजाब में कांग्रेस 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) से सत्ता गँवा चुकी है। भाजपा के इस हमले के बाद कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया आना बाकी है।