पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी नहीं — भूपेश बघेल का दावा, चन्नी-रंधावा से जल्द मुलाकात की बात
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने 8 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ में राज्य इकाई में अंदरूनी कलह की सभी अटकलों को दृढ़ता से नकार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब कांग्रेस में कोई गुट नहीं है और सभी नेता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ एकजुट हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब हालिया संगठनात्मक फेरबदल के बाद राज्य इकाई में खींचतान की चर्चाएँ तेज़ थीं।
बघेल का स्पष्ट संदेश: पार्टी एकजुट है
बघेल ने कहा, 'ऐसा कुछ भी नहीं है। सभी लोग कांग्रेस धड़े के हैं। यहाँ कांग्रेस एक है। हमारे नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे हैं। उनके अलावा कोई और नहीं है।' उन्होंने बताया कि हाल ही में पंजाब कांग्रेस कमेटी की बैठक हुई, जिसके बाद जिला अध्यक्षों के साथ भी बैठक की गई। दोनों कमेटियों ने आलाकमान के फैसलों का स्वागत किया।
बघेल ने यह भी बताया कि सभी नेताओं ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में पुनः नियुक्त किए जाने पर बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
चन्नी और रंधावा से मुलाकात का आश्वासन
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा से दूरी की खबरों पर बघेल ने कहा, 'मेरी दोनों से फोन पर बात हुई है। एक-दो दिन में हम लोग मिलेंगे और बैठक होगी। उनके साथ कमेटियों के बारे में भी चर्चा की जाएगी। आगामी चुनावों पर भी बात की जाएगी।' गौरतलब है कि चन्नी के करीबी माने जाने वाले कई नेताओं ने अब तक बघेल से आमने-सामने मुलाकात नहीं की है।
बैठकों का सिलसिला जारी
बघेल ने बताया कि संगठनात्मक बैठकों का दौर अभी भी जारी है। उन्होंने कहा, 'अलग-अलग कमेटियों की बैठकें हो रही हैं और हमारे विभिन्न फ्रंटल संगठनों के साथ भी बैठकें तय हैं। इसके अलावा, मैं अगले एक-दो दिनों में कई वरिष्ठ नेताओं के साथ आमने-सामने बैठकें भी कर रहा हूँ।'
संगठनात्मक फेरबदल की पृष्ठभूमि
यह बयान पंजाब कांग्रेस में हालिया संगठनात्मक बदलावों के बाद आया है, जिसमें राजा वड़िंग को एक बार फिर प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। इस फेरबदल के बाद से ही कुछ वरिष्ठ नेताओं की नाराज़गी की अटकलें लगाई जा रही थीं। बघेल का यह दौरा उन्हीं अटकलों को शांत करने और संगठन को एकजुट दिखाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
आगे क्या होगा
आने वाले दिनों में भूपेश बघेल पंजाब के कई वरिष्ठ नेताओं से व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे और फ्रंटल संगठनों के साथ भी बैठकें होंगी। आगामी चुनावों की रणनीति पर भी चर्चा प्रस्तावित है। देखना यह होगा कि क्या चन्नी खेमे के नेता बघेल से मुलाकात कर पार्टी लाइन पर वापस आते हैं।