पंजाब 2027 विधानसभा चुनाव: कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल की चंडीगढ़ में दो दिवसीय रणनीतिक बैठक
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने 6 और 7 जुलाई 2025 को चंडीगढ़ में लगातार दो दिन संगठन की व्यापक समीक्षा बैठकें कीं, जिनमें 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव की रणनीति, बूथ-स्तरीय संगठन को सुदृढ़ करने और जनता से सीधे संवाद बढ़ाने पर केंद्रित चर्चा हुई। यह दौरा स्पष्ट संकेत है कि कांग्रेस ने पंजाब में चुनावी मोड में प्रवेश कर लिया है, जहाँ वह वर्तमान में विपक्ष की भूमिका में है।
मुख्य घटनाक्रम
6 जुलाई को पंजाब पहुँचने पर भूपेश बघेल का कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के चंडीगढ़ स्थित आवास पर वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की, जिसमें राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और संगठन को मज़बूत करने पर विचार-विमर्श हुआ।
पंजाब कांग्रेस भवन में आयोजित बैठकों में 2027 चुनाव के लिए घोषणापत्र समिति के अध्यक्ष डॉ. अमर सिंह, चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति के अध्यक्ष विजय इंदर सिंगला, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राणा केपी सिंह और पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक
भूपेश बघेल ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, नवनियुक्त कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार वेरका और सुखजिंदर सिंह डैनी के साथ प्रदेश कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पीसीसी के संगठन महासचिव कैप्टन संदीप संधू, कोषाध्यक्ष अमित विज और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव रविंद्र दलवी, हीना कावरे तथा सूरज ठाकुर भी उपस्थित रहे।
बघेल ने कहा कि बैठक में आगामी चुनावों को लेकर संगठन की तैयारियों और पार्टी को जमीनी स्तर पर मज़बूत बनाने के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
जिला अध्यक्षों के साथ विशेष बैठक
7 जुलाई को पंजाब कांग्रेस भवन में जिला अध्यक्षों की एक अलग महत्वपूर्ण बैठक भी हुई। इसमें राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों, जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर तक संगठन को सुदृढ़ करने और कार्यकर्ताओं के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विस्तृत चर्चा की गई। इसी दिन भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने राज्य के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से आए नेताओं और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद किया।
आम जनता पर असर और राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार है और कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में कानून-व्यवस्था, कृषि संकट और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश में है। बूथ-स्तरीय संगठन पर ज़ोर यह दर्शाता है कि पार्टी 2022 की करारी हार से सबक लेकर जमीनी स्तर से पुनर्निर्माण की रणनीति अपना रही है।
आगे की राह
इन बैठकों में नेताओं ने 2027 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की वापसी सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया। घोषणापत्र समिति की सक्रियता और चुनाव प्रबंधन समिति का गठन संकेत देता है कि पार्टी संगठनात्मक ढाँचे को चुनाव-केंद्रित बनाने की प्रक्रिया में तेज़ी ला रही है। आने वाले महीनों में जनसंपर्क अभियान और अधिक व्यापक होने की उम्मीद है।