11 अगस्त 2026
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पंजाब विधानसभा चुनाव: कांग्रेस नेता लखबीर सिंह लाखा ने हाईकमान को सौंपी जीत की रणनीति

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पंजाब विधानसभा चुनाव: कांग्रेस नेता लखबीर सिंह लाखा ने हाईकमान को सौंपी जीत की रणनीति

सारांश

पंजाब के पूर्व विधायक लखबीर सिंह लाखा ने दिल्ली में कांग्रेस की बैठक के बाद दावा किया कि पार्टी ने हाईकमान को पंजाब विधानसभा चुनाव की पूरी रणनीति सौंप दी है। तीन-चार महीने में चुनाव संभावित हैं और कांग्रेस सत्ता वापसी के लिए संगठनात्मक तैयारी में जुटी है।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता लखबीर सिंह लाखा ने 17 जून 2026 को नई दिल्ली में पार्टी बैठक के बाद पंजाब चुनाव रणनीति हाईकमान को सौंपने की जानकारी दी।
पंजाब में तीन से चार महीनों के भीतर विधानसभा चुनाव होने की संभावना जताई गई।
कांग्रेस का लक्ष्य किसानों, युवाओं और आम नागरिकों के मुद्दों को चुनावी अभियान का केंद्र बनाना है।
अकाल तख्त के कथित बेअदबी मामले पर लाखा ने कहा कि दो फॉरेंसिक लैब से जाँच हो चुकी है और असंतुष्ट पक्ष अदालत जा सकते हैं।
पिछले चुनाव में AAP से मिली हार के बाद कांग्रेस इस बार व्यापक संगठनात्मक तैयारी के साथ मैदान में उतरने का दावा कर रही है।

नई दिल्ली में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की एक अहम बैठक के दौरान पंजाब के पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता लखबीर सिंह लाखा ने 17 जून 2026 को दावा किया कि पार्टी आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और हाईकमान को विस्तृत चुनावी रणनीति सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को पूरा विश्वास है कि अगले विधानसभा चुनाव में पार्टी पंजाब में सत्ता में वापसी करेगी।

हाईकमान को सौंपी रणनीति

लाखा ने बताया कि पंजाब में तीन से चार महीनों के भीतर चुनावी प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। उन्होंने कहा, 'पंजाब कांग्रेस को किस रणनीति के साथ चुनाव में उतरना है, इस पर हाईकमान ने हमसे राय और सुझाव माँगे थे। हमने अपनी पूरी रणनीति पार्टी नेतृत्व को बता दी है। अब हाईकमान तय करेगा कि किस प्रकार चुनावी अभियान चलाना है और किस रणनीति के साथ जीत हासिल करनी है।' यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों की सक्रियता बढ़ रही है।

संगठनात्मक तैयारी और जनता के मुद्दे

कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी संगठन स्तर से लेकर जमीनी तैयारी तक हर मोर्चे पर सक्रिय है। कार्यकर्ताओं को चुनावी माहौल के लिए तैयार किया जा रहा है और किसानों, युवाओं और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को चुनावी एजेंडे में प्रमुखता दी जाएगी। लाखा ने कहा कि कांग्रेस को पंजाब की जनता पर पूरा भरोसा है और पार्टी को उम्मीद है कि मतदाता बदलाव के पक्ष में अपना फैसला सुनाएँगे।

अकाल तख्त बेअदबी मामले पर प्रतिक्रिया

बैठक के दौरान लाखा ने अकाल तख्त से जुड़े कथित बेअदबी मामले और मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रतिक्रिया पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अकाल तख्त के जत्थेदार द्वारा दिए गए बयानों और निर्णयों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। लाखा ने कहा, 'जत्थेदार साहब का कहना है कि इस वीडियो की दो अलग-अलग फॉरेंसिक लैब से जाँच करवाई गई है। अगर किसी को लगता है कि जाँच गलत है तो वह अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है।' उन्होंने यह भी कहा कि यदि इसके अलावा कोई अन्य तथ्य सामने आते हैं तो वह बेहद गंभीर विषय होगा।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि पंजाब में पिछले विधानसभा चुनाव में AAP ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी और कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था। इस बार कांग्रेस अपनी संगठनात्मक कमज़ोरियों को दूर कर मैदान में उतरने की तैयारी में है। हाईकमान के निर्देशों के बाद पार्टी का चुनावी अभियान और उम्मीदवारों की सूची तय होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

2022 की उस करारी हार की पृष्ठभूमि में देखा जाना चाहिए जब पार्टी महज 18 सीटों पर सिमट गई थी। रणनीति 'सौंपने' और उसे ज़मीन पर उतारने के बीच की खाई पंजाब कांग्रेस के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रही है — गुटबाज़ी और नेतृत्व के सवाल अभी भी अनसुलझे हैं। अकाल तख्त के बेअदबी मामले पर लाखा का सतर्क रुख बताता है कि कांग्रेस धार्मिक भावनाओं से जुड़े मुद्दे पर सीधे टकराव से बचना चाहती है। असली परीक्षा यह होगी कि हाईकमान संगठन को एकजुट रखने में कितना सफल होता है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखबीर सिंह लाखा ने पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर क्या दावा किया?
कांग्रेस नेता लखबीर सिंह लाखा ने 17 जून 2026 को नई दिल्ली में पार्टी बैठक के बाद दावा किया कि कांग्रेस ने पंजाब विधानसभा चुनाव की पूरी रणनीति हाईकमान को सौंप दी है और पार्टी सत्ता में वापसी के प्रति आश्वस्त है।
पंजाब विधानसभा चुनाव कब होने की संभावना है?
लखबीर सिंह लाखा के अनुसार पंजाब में तीन से चार महीनों के भीतर चुनावी प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। हालाँकि चुनाव आयोग की ओर से अभी कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है।
कांग्रेस पंजाब चुनाव में किन मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेगी?
कांग्रेस पंजाब के किसानों, युवाओं और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को चुनावी अभियान का केंद्र बनाएगी। पार्टी का दावा है कि राज्य के विकास और जनता की बुनियादी समस्याओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
अकाल तख्त बेअदबी मामले पर लाखा ने क्या कहा?
लाखा ने कहा कि अकाल तख्त के जत्थेदार के बयान और फैसले को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि संबंधित वीडियो की दो अलग-अलग फॉरेंसिक लैब से जाँच हो चुकी है और जो इससे असंतुष्ट हों वे अदालत का रुख कर सकते हैं।
2022 की हार के बाद कांग्रेस पंजाब में कैसे वापसी करने की कोशिश कर रही है?
2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP की भारी जीत के बाद कांग्रेस महज 18 सीटों पर सिमट गई थी। इस बार पार्टी संगठनात्मक स्तर पर व्यापक तैयारी कर रही है, कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा रहा है और हाईकमान के निर्देशन में चुनावी अभियान की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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