23 अगस्त 2026
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पंजाब कांग्रेस का 'जन घोषणापत्र' अभियान शुरू, सांसद अमर सिंह बोले — अगली सरकार हमारी

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पंजाब कांग्रेस का 'जन घोषणापत्र' अभियान शुरू, सांसद अमर सिंह बोले — अगली सरकार हमारी

सारांश

पंजाब कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले 'जन घोषणापत्र' बनाने की मुहिम छेड़ी है — किसान, मजदूर, शिक्षक और उद्योग जगत सभी से सुझाव लिए जाएंगे। सांसद डॉ. अमर सिंह का दावा है कि अगली सरकार कांग्रेस की होगी और राहुल गांधी जल्द पंजाब आएंगे।

मुख्य बातें

पंजाब कांग्रेस ने 22 अगस्त को 'जन घोषणापत्र' तैयार करने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू की।
घोषणापत्र समिति की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए हुई; सांसद गुरजीत सिंह औजला , पूर्व मंत्री परगट सिंह और पूर्व विधायक हरदयाल सिंह कंबोज शामिल हुए।
घोषणापत्र में किसान, मजदूर, विद्यार्थी, उद्योग जगत और अर्थशास्त्रियों सहित समाज के सभी वर्गों के सुझाव शामिल किए जाएंगे।
अमर सिंह ने दावा किया कि पंजाब में अगली सरकार कांग्रेस की बनेगी।
राहुल गांधी का पंजाब दौरा अगस्त के अंत या सितंबर के पहले सप्ताह में संभावित।
अकाली दल-भाजपा गठबंधन पर अमर सिंह ने कहा — दोनों को किसान आंदोलन और एमएसपी पर जनता को जवाब देना होगा।

पंजाब कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपना 'जन घोषणापत्र' तैयार करने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी है। चंडीगढ़ में 22 अगस्त को जानकारी देते हुए कांग्रेस सांसद डॉ. अमर सिंह ने कहा कि यह घोषणापत्र केवल पार्टी का दस्तावेज नहीं, बल्कि पंजाब के आम नागरिकों की अपेक्षाओं और सुझावों का प्रतिबिंब होगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि पंजाब में अगली सरकार कांग्रेस की ही बनेगी।

घोषणापत्र समिति की बैठक और प्रमुख सदस्य

डॉ. अमर सिंह ने बताया कि घोषणापत्र समिति की एक बैठक हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, क्योंकि उस दिन पंजाब बंद था। बैठक में अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला, जालंधर से विधायक एवं पूर्व मंत्री परगट सिंह और पूर्व विधायक हरदयाल सिंह कंबोज शामिल हुए। समिति सदस्य सुखजिंदर सिंह रंधावा विदेश में होने के कारण इस बैठक में उपस्थित नहीं हो सके।

घोषणापत्र की रणनीति और व्यापक परामर्श प्रक्रिया

अमर सिंह के अनुसार, बैठक में घोषणापत्र निर्माण की आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। पार्टी पहले बड़े शहरों और प्रमुख क्षेत्रों में जाकर लोगों से संवाद करेगी, उसके बाद व्यापक स्तर पर सुझाव जुटाए जाएंगे। इस परामर्श प्रक्रिया में किसान, मजदूर, कर्मचारी, सेवानिवृत्त कर्मचारी, सेना से जुड़े लोग, उद्योग जगत, विद्यार्थी, शिक्षक, शिक्षाविद, सामाजिक संस्थाएं और अर्थशास्त्री — सभी वर्गों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि घोषणापत्र में किए गए वादे व्यावहारिक और पूरे किए जा सकने वाले होंगे, ताकि जनता का भरोसा बना रहे।

अकाली-भाजपा गठबंधन पर कांग्रेस का रुख

शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच संभावित गठबंधन पर अमर सिंह ने कहा कि दोनों दल पहले भी साथ रह चुके हैं — 2017 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी दोनों एकजुट थे, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें कड़ी चुनौती दी और कई सीटों पर हराया। उन्होंने कहा कि यदि दोनों दल फिर साथ आते हैं, तो उन्हें किसान आंदोलन के दौरान किसानों की मौत और एमएसपी (MSP) जैसे संवेदनशील मुद्दों पर जनता के सवालों का जवाब देना होगा।

अन्य राजनीतिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी द्वारा पूर्व न्यायमूर्ति रंजीत सिंह को कथित आरोपों को लेकर कानूनी नोटिस भेजे जाने पर अमर सिंह ने कहा कि यह दोनों पक्षों के बीच का मामला है और इसमें कांग्रेस का कोई संबंध नहीं है। राहुल गांधी के धरना-प्रदर्शन को BJP द्वारा 'ड्रामा' बताए जाने पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि वंदे मातरम और स्वतंत्रता आंदोलन से कांग्रेस का ऐतिहासिक संबंध रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के सामने आज शिक्षा, पेपर लीक, रोजगार, गरीबी और बढ़ती असमानता जैसे गंभीर मुद्दे हैं, जिन पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

राहुल गांधी का पंजाब दौरा और पार्टी की आंतरिक एकता

अमर सिंह ने बताया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार राहुल गांधी का पंजाब दौरा अगस्त के अंत या सितंबर के पहले सप्ताह में हो सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस दौरे से पार्टी के आंतरिक मुद्दों का समाधान होगा और चुनावी तैयारियों को गति मिलेगी। पार्टी में अलग-अलग राय रखने के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है जहाँ नेताओं को अपनी बात रखने का अधिकार है और हाईकमान उनकी बात सुनता है। घोषणापत्र की विश्वसनीयता और जनभागीदारी ही आगामी चुनाव में कांग्रेस की असली परीक्षा होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह परामर्श प्रक्रिया महज़ औपचारिकता बनकर रह जाएगी या वास्तव में नीतिगत वादों में तब्दील होगी। 2017 में कांग्रेस ने भी व्यापक वादों के साथ सत्ता हासिल की थी, लेकिन 2022 में पार्टी की करारी हार ने साबित किया कि जनता घोषणापत्र से ज़्यादा क्रियान्वयन को तरजीह देती है। आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार के खिलाफ़ सत्ता-विरोधी लहर का फायदा उठाने के लिए कांग्रेस को न केवल विश्वसनीय वादे करने होंगे, बल्कि अपनी आंतरिक एकता और संगठनात्मक ढाँचे को भी दुरुस्त करना होगा — जो अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
RashtraPress
23 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब कांग्रेस का 'जन घोषणापत्र' क्या है?
यह पंजाब कांग्रेस द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए तैयार किया जाने वाला एक समावेशी चुनावी दस्तावेज है, जिसमें किसान, मजदूर, विद्यार्थी, उद्योग जगत और अर्थशास्त्रियों सहित समाज के सभी वर्गों के सुझाव शामिल किए जाएंगे। पार्टी का लक्ष्य इसे केवल राजनीतिक दस्तावेज नहीं, बल्कि पंजाब की जनता की अपेक्षाओं का प्रतिबिंब बनाना है।
घोषणापत्र समिति की बैठक में कौन-कौन शामिल हुए?
बैठक में सांसद डॉ. अमर सिंह, अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला, जालंधर से विधायक एवं पूर्व मंत्री परगट सिंह और पूर्व विधायक हरदयाल सिंह कंबोज शामिल हुए। समिति सदस्य सुखजिंदर सिंह रंधावा विदेश में होने के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके।
अकाली दल और भाजपा के संभावित गठबंधन पर कांग्रेस का क्या कहना है?
सांसद डॉ. अमर सिंह ने कहा कि दोनों दल 2017 और 2019 में भी साथ थे, लेकिन कांग्रेस ने उन्हें कड़ी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि दोनों फिर साथ आते हैं तो उन्हें किसान आंदोलन के दौरान किसानों की मौत और एमएसपी जैसे मुद्दों पर जनता को जवाब देना होगा।
राहुल गांधी का पंजाब दौरा कब होगा?
डॉ. अमर सिंह ने बताया कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार राहुल गांधी का पंजाब दौरा अगस्त के अंत या सितंबर के पहले सप्ताह में हो सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस दौरे से पार्टी के आंतरिक मुद्दों का समाधान होगा और चुनावी तैयारियों को गति मिलेगी।
पंजाब कांग्रेस घोषणापत्र के लिए सुझाव कैसे जुटाएगी?
पार्टी पहले बड़े शहरों और प्रमुख क्षेत्रों में जाकर लोगों से सीधा संवाद करेगी, उसके बाद व्यापक स्तर पर सुझाव जुटाए जाएंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से भी राय ली जाएगी और घोषणापत्र में केवल वही वादे शामिल किए जाएंगे जो व्यावहारिक और पूरे किए जा सकने वाले हों।
राष्ट्र प्रेस
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