पीएम मोदी: आज भारत के पायलट की चर्चा, कल 'मेड इन इंडिया' विमान उड़ाएगा देश
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 'विकसित भारत संकल्प सभा' में देश के भविष्य के प्रति अपना दृढ़ विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज जहाँ पूरी दुनिया भारत के पायलट की प्रशंसा कर रही है, वह दिन दूर नहीं जब वही दुनिया 'मेड इन इंडिया' विमान की बात करेगी। मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत के सामने चुनौतियाँ हैं, लेकिन 140 करोड़ देशवासी ही उन चुनौतियों का समाधान भी हैं।
मुख्य संबोधन: महत्वाकांक्षी लक्ष्यों की पुकार
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा, "यह हमारे देश के लिए बड़े लक्ष्य तय करने का समय है — ऐसे लक्ष्य जो असाधारण और महत्वाकांक्षी हों।" उन्होंने दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने, गरीबी मुक्त भारत बनाने और शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, इनोवेशन व टेक्नोलॉजी — हर क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व का संकल्प दोहराया। उनके अनुसार लक्ष्य ऐसे होने चाहिए कि "हर क्षेत्र में तिरंगा गर्व के साथ लहराए।"
विवेकानंद और अरबिंदो का उद्धरण: ऐतिहासिक संदर्भ
मोदी ने अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद और महर्षि अरबिंदो की भविष्यवाणियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि एक दिन, एक अद्भुत, गौरवशाली और महान भारत का उदय होगा।" उन्होंने महर्षि अरबिंदो के उस कथन को भी याद किया जिसमें कहा गया था कि भारत के भाग्य का सूरज जरूर उगेगा और उसकी रोशनी पूरे विश्व को आलोकित करेगी। मोदी ने इन विचारकों की विरासत को वर्तमान पीढ़ी के संकल्प से जोड़ते हुए कहा कि हम उन्हीं पूर्वजों की संतान हैं जो "अदम्य साहस और अमिट जिजीविषा में तपे" थे।
गरीबी उन्मूलन की उपलब्धि
प्रधानमंत्री ने दावा किया कि एक दशक के भीतर 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया — जिसे उन्होंने कभी असंभव माने जाने वाले लक्ष्य की ऐतिहासिक सिद्धि बताया। उन्होंने कहा, "25 वर्षों के अनुभव के बाद, मैं पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूँ कि हम अपनी आँखों के सामने भारत का बदलाव देख रहे हैं।" यह आँकड़ा सरकार के आधिकारिक दावों पर आधारित है।
विकसित भारत संकल्प सभा: पृष्ठभूमि
'विकसित भारत संकल्प सभा' प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक सेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में और 'सेवा ज्योति यात्रा' के अंतर्गत आयोजित एक राष्ट्रीय और राज्यस्तरीय कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को जन जन तक पहुँचाना और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक सुनिश्चित करना है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार विकसित भारत @2047 के रोडमैप को कार्यक्रमों की श्रृंखला के ज़रिये जन आंदोलन का रूप देने की कोशिश कर रही है।
आगे की राह
मोदी ने 2026 में जताए जा रहे विकसित भारत के सपने को 2047 तक अवश्य पूरा होने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा, "100 साल पहले तो हम 40 करोड़ से भी कम थे, आज हम 140 करोड़ से भी ज्यादा हैं — और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।" यह संकल्प अब नीतिगत क्रियान्वयन की कसौटी पर परखा जाएगा।