PM मोदी ने पायलट स्मित मच्छार से की बात, कहा- '140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2026 को जाँबाज भारतीय पायलट स्मित मच्छार से सीधी बातचीत की, उनका हालचाल जाना और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मोदी ने कहा कि स्मित ने अपनी जान की परवाह किए बिना यात्रियों के प्राण बचाए और इस साहस से 140 करोड़ देशवासियों का सिर गर्व से ऊँचा किया।
प्रधानमंत्री के उद्गार
बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'आपके शरीर पर इतना बड़ा घाव हुआ और आप स्वयं जीवन तथा मृत्यु की लड़ाई लड़ रहे थे। उस समय भी आपने अपने जीवन की परवाह नहीं की, बल्कि यात्रियों के जीवन की परवाह की। सबसे बड़ी बात यह है कि आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया है, इसलिए मैं हृदय से गर्व अनुभव करता हूँ।' उन्होंने यह भी कहा कि पूरा देश स्मित के लिए प्रार्थना कर रहा है और महामृत्युंजय के जाप चल रहे हैं।
मोदी ने स्मित की हिम्मत, धैर्य और सूझबूझ की सराहना करते हुए कहा कि आज पूरा देश गर्व से कह सकता है — हम हिंदुस्तानी जान लेने वाले नहीं, जान बचाने वाले लोग हैं।
परिजनों से संवाद का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने स्मित के परिजनों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'मुझे कल भूपेंद्र भाई और गीताबेन से बात करने का अवसर मिला। मैंने गीताबेन से कहा कि आपका नाम गीता है, लेकिन आपने कृष्ण की गीता को पूरी तरह बचा दिया — आपने साक्षात गीता के संस्कारों से स्मित का जीवन बनाया।' यह भावनात्मक संदर्भ उस पारिवारिक साहस और संस्कार को रेखांकित करता है जिसने स्मित को संकट में भी स्थिर रखा।
भावुक हुए पायलट स्मित
प्रधानमंत्री से बात करते हुए पायलट स्मित मच्छार भावुक हो गए। उन्होंने मोदी को अपना सबसे बड़ा 'आइडल' बताया और कहा, 'आप कॉल करके मेरी हौसला अफज़ाई कर रहे हैं, मुझे बहुत गर्व हो रहा है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि आपसे मेरी बात होगी।' स्मित के भावुक होने पर मोदी ने कहा कि उनके इस कार्य को देखने और उनसे बात करने के लिए हर देशवासी और पूरी दुनिया आतुर है।
सऊदी अरब और UAE का आभार
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सरकारों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों देशों ने स्मित की बेहतरीन देखभाल की और वे इसके लिए बेहद आभारी हैं। यह कूटनीतिक कृतज्ञता उस अंतरराष्ट्रीय सहयोग को दर्शाती है जो इस संकट की घड़ी में भारत के पक्ष में खड़ा रहा।
आगे की राह
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत स्मित का स्वागत करने के लिए बेहद उत्सुक है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि स्मित ने यात्रियों को न बचाया होता तो पूरे देश में भारतीय पायलटों की छवि पर गहरा असर पड़ता — स्मित ने सभी को बचाकर उस आशंका को भी दूर कर दिया। स्मित की जल्द भारत-वापसी और पूर्ण स्वास्थ्यलाभ की सभी देशवासियों को प्रतीक्षा है।