2 अक्टूबर 2026
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PM मोदी ने की कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ, कहा — 'आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया'

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PM मोदी ने की कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ, कहा — 'आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया'

सारांश

को-पायलट के चाकू से हमले के बावजूद 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को PM मोदी ने वीडियो कॉल पर सराहा। मोदी बोले — 'आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया है।' कैप्टन ने बताया कि उस मुश्किल घड़ी में हनुमान चालीसा ने उन्हें ताकत दी।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2026 को फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बात कर उनकी प्रशंसा की।
फ्लाईदुबई की उड़ान में को-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से हमला किया और इज़रायली PM के अनुसार विमान क्रैश कराने की कोशिश की थी।
विमान में करीब 174 यात्री सवार थे; घायल होने के बावजूद मच्छार ने हमलावर का सामना किया।
उड़ान की सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सफल आपातकालीन लैंडिंग हुई।
मच्छार इस समय यूएई में उपचाराधीन हैं; उन्होंने बताया कि संकट में हनुमान चालीसा ने उन्हें ताकत दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2026 को फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बातचीत की और उनकी असाधारण बहादुरी की मुक्त कंठ से सराहना की। मोदी ने कहा कि यदि कैप्टन ने संकट की उस घड़ी में सही निर्णय न लिया होता, तो न केवल 174 यात्रियों की जान खतरे में पड़ती, बल्कि भारतीय पायलटों की वैश्विक साख को भी गहरा धक्का लग सकता था।

मोदी के शब्दों में — 'जान लेने वाले नहीं, जान बचाने वाले हैं हम'

प्रधानमंत्री ने मच्छार से सीधे कहा, 'अगर आप ऐसा (सबकी जान न बचाते) न करते तो पता नहीं, पूरे देश और भारत के पायलटों पर क्या-क्या बीतती। आपने बहुत बड़ा काम किया है।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'आज पूरा देश गर्व से कह सकता है कि हम हिंदुस्तानी जान लेने वाले लोग नहीं हैं, बल्कि जान बचाने वाले लोग हैं।'

प्रधानमंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि कैप्टन स्वयं गंभीर रूप से घायल थे और जीवन-मृत्यु की लड़ाई लड़ रहे थे, फिर भी उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा को अपनी जान से ऊपर रखा। मोदी ने कहा, 'आपने 140 करोड़ देशवासियों का मान बढ़ाया है। इसलिए मैं हृदय से गर्व अनुभव करता हूँ।'

हमले का पूरा घटनाक्रम

फ्लाईदुबई की उड़ान दुबई से इज़रायल के तेल अवीव जा रही थी, जिसमें करीब 174 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान विमान के को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया। इज़रायली प्रधानमंत्री के एक बयान के अनुसार, को-पायलट ने विमान को क्रैश कराने की कोशिश की थी।

गंभीर चोटों के बावजूद मच्छार ने हमलावर का सामना किया और कॉकपिट का दरवाज़ा खोला, जिसके बाद कुछ यात्रियों और क्रू सदस्यों ने मिलकर को-पायलट को काबू में किया। इसके बाद उड़ान की सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग कराई गई।

स्मित मच्छार की ज़ुबानी — 'हनुमान चालीसा ने दी ताकत'

यूएई में इलाज करा रहे कैप्टन मच्छार ने प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में उस भयावह अनुभव को याद किया। उन्होंने बताया, 'उस समय मैं हनुमान चालीसा बोल रहा था और मुझे पता है कि मुझे भगवान ने ही बचाया है।' उनकी यह बात देशभर में गहराई से महसूस की गई।

भारतीय पायलटों की साख और राष्ट्रीय गौरव

प्रधानमंत्री मोदी ने इस घटना को केवल एक व्यक्तिगत वीरता के कार्य के रूप में नहीं देखा, बल्कि इसे भारतीय मूल्यों और साहस के प्रतीक के तौर पर रेखांकित किया। उनका यह वक्तव्य ऐसे समय में आया है जब भारतीय पायलट वैश्विक विमानन में अपनी उपस्थिति लगातार मज़बूत कर रहे हैं।

गौरतलब है कि यह पहली बार है जब किसी अंतरराष्ट्रीय उड़ान में को-पायलट द्वारा विमान को क्रैश कराने के प्रयास जैसी घटना में एक भारतीय पायलट ने इस तरह का साहस दिखाया हो और प्रधानमंत्री स्तर पर उसकी सराहना हुई हो। विशेषज्ञों के अनुसार, इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय विमानन समुदाय में भारतीय पायलटों के प्रति सम्मान और बढ़ाया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विदेशी एयरलाइन में, खुद जानलेवा चोटों के बावजूद सामूहिक त्रासदी को टाल दिया — यह कहानी भारत की 'सॉफ्ट पावर' के लिए स्वाभाविक उपकरण है। हालाँकि, इस घटना ने वैश्विक विमानन सुरक्षा में को-पायलट की मानसिक जाँच और क्रू स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं, जिन पर मुख्यधारा की कवरेज में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैप्टन स्मित मच्छार कौन हैं और उन्होंने क्या किया?
कैप्टन स्मित मच्छार फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट हैं, जिन्होंने दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में को-पायलट के चाकू से हमले के बावजूद 174 यात्रियों की जान बचाई। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने विमान का नियंत्रण बनाए रखा और सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सफल आपातकालीन लैंडिंग कराई।
PM मोदी ने स्मित मच्छार से क्यों बात की?
PM नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर 2026 को कैप्टन मच्छार से वीडियो कॉल पर बात कर उनकी असाधारण वीरता की सराहना की। मोदी ने कहा कि मच्छार ने न केवल यात्रियों की जान बचाई, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का मान भी बढ़ाया।
फ्लाईदुबई की उड़ान में क्या हुआ था?
फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान के दौरान को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया। इज़रायली प्रधानमंत्री के एक बयान के अनुसार, को-पायलट ने विमान को क्रैश कराने की कोशिश की थी, लेकिन मच्छार और क्रू सदस्यों ने मिलकर उसे नाकाम किया।
उड़ान की आपातकालीन लैंडिंग कहाँ हुई?
उड़ान की सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। इस वक्त कैप्टन मच्छार यूएई में इलाज करा रहे हैं।
स्मित मच्छार ने संकट में खुद को कैसे संभाला?
कैप्टन मच्छार ने बताया कि उस भयावह घड़ी में वे हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे और उन्हें विश्वास है कि ईश्वर की कृपा से वे बच सके। उनकी इस बात ने देशभर में श्रद्धा और प्रेरणा की लहर पैदा की है।
राष्ट्र प्रेस
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