कैप्टन स्मित मच्छार की वीरता को सलाम: PM मोदी की वीडियो कॉल, विशेषज्ञों और नेताओं ने की प्रशंसा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर हुई बातचीत के बाद नई दिल्ली में नेताओं और विमानन विशेषज्ञों ने फ्लाई दुबई विमान में सवार यात्रियों की जान बचाने में कैप्टन मच्छार की असाधारण भूमिका की एकस्वर सराहना की है। 2 अक्टूबर 2026 को आई इस प्रतिक्रिया में विभिन्न राजनीतिक दलों और उद्योग जगत के जानकारों ने भारतीय मूल के इस पायलट की हिम्मत और मानसिक मजबूती को अभूतपूर्व बताया।
विमानन विशेषज्ञ की नज़र में 'असली हीरो'
विमानन विशेषज्ञ सुभाष गोयल ने कहा कि कैप्टन मच्छार वास्तविक जीवन के हीरो हैं — फिल्मों में दिखाए जाने वाले काल्पनिक नायकों से बिल्कुल अलग। उन्होंने कहा कि स्मित ने वास्तविक परिस्थितियों में असाधारण साहस का परिचय दिया।
गोयल ने यह भी कहा कि हनुमान चालीसा ने यात्रियों की जान बचाने में भूमिका निभाई। उनके अनुसार, 'हनुमान जी इंसान को ताकत देते हैं — इसे मानसिक शक्ति, आध्यात्मिक शक्ति या आस्था किसी भी रूप में देखा जा सकता है। इसी विश्वास ने चोटों के बावजूद स्मित मच्छार को लगातार संघर्ष करते रहने की हिम्मत दी।'
यात्रियों के योगदान का भी उल्लेख
गोयल ने विमान में मौजूद यात्रियों की भूमिका को भी रेखांकित किया। उनके मुताबिक, कुछ यात्री इजराइली थे और इजराइल में लोगों को सैन्य प्रशिक्षण मिलने के कारण एक यात्री ने विमान को ऊपर की ओर धकेलने में सहायता की, जिससे विमान को आवश्यक ऊँचाई और गति हासिल करने में मदद मिली।
यह ऐसे समय में आया है जब आपात परिस्थितियों में यात्रियों की सक्रिय भूमिका को लेकर विमानन सुरक्षा विशेषज्ञों के बीच चर्चा तेज हो रही है। गौरतलब है कि इस पूरी घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान आकर्षित किया है।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने भी कैप्टन मच्छार की बहादुरी की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा, 'भारतीय मूल के कैप्टन ने यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए जिस साहस का परिचय दिया, उससे पूरे देश का मान बढ़ा है।'
यादव ने स्पष्ट किया कि इस मामले में पार्टी, सरकार या विपक्ष की राजनीति का कोई सवाल नहीं है और देश के करोड़ों नागरिकों को कैप्टन मच्छार पर गर्व है। कैप्टन की यह कहानी राजनीतिक विभाजनों से परे एकता का प्रतीक बन गई है।
मतदाता सूची विवाद पर RJD का रुख
इस अवसर पर शक्ति सिंह यादव ने मतदाता सूची के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में पहले बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए और अब उन्हें वापस जोड़ा जा रहा है। यादव ने दावा किया कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए, वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) को वोट नहीं देते — हालाँकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
आरजेडी प्रवक्ता ने विपक्षी दलों के आंदोलन को लोकतंत्र बचाने की लड़ाई बताते हुए संवैधानिक संस्थाओं पर कथित दबाव का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनाव के बाद जोड़े गए नाम अगले चुनाव से पहले फिर हटाए जा सकते हैं।
आगे क्या होगा
कैप्टन स्मित मच्छार की वीरता को लेकर देशव्यापी प्रशंसा का सिलसिला जारी है। प्रधानमंत्री मोदी की वीडियो कॉल के बाद अन्य केंद्रीय मंत्रियों और राज्य सरकारों की ओर से भी प्रतिक्रियाएँ आने की संभावना है। विमानन उद्योग के जानकारों का कहना है कि इस घटना से आपात प्रशिक्षण प्रोटोकॉल पर नए सिरे से विचार किया जा सकता है।