4 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी आकांक्षी पायलटों के लिए प्रेरणा: परिजनों की भावुक प्रतिक्रिया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी आकांक्षी पायलटों के लिए प्रेरणा: परिजनों की भावुक प्रतिक्रिया

सारांश

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी आकांक्षी पायलटों के लिए प्रेरणा बनेगी।

मुख्य बातें

कैप्टन स्मित मच्छार ने फ्लाईदुबई फ्लाइट एफजेड1073 में सह पायलट के हमले के बावजूद यात्रियों की जान बचाई।
परिजनों ने बताया कि पायलट की हालत अब स्थिर है; माता पिता दुबई में उनसे मिल चुके हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉल पर कैप्टन स्मित से बात की।
स्मित ने पीएम को बताया कि हमले के दौरान वह लगातार 'हनुमान चालीसा' का जाप कर रहे थे।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने परिवार से मुलाकात कर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
चचेरी बहन पूजा गनात्रा , जो फ्लाईबाय एविएशन एकेडमी की सेंटर हेड हैं, ने इसे 'पूरी दुनिया के लिए गर्व का क्षण' बताया।

कैप्टन स्मित मच्छार के परिजनों ने शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को कहा कि फ्लाईदुबई फ्लाइट एफजेड1073 में सह पायलट के हमले के बावजूद यात्रियों की जान बचाने का स्मित का साहसिक कदम देशभर के आकांक्षी पायलटों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। परिजनों ने बताया कि पायलट की हालत अब स्थिर है और परिवार उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।

परिवार की प्रतिक्रिया और भावुक पल

कैप्टन मच्छार के चाचा किशोरभाई मच्छार ने बताया कि उनके भतीजे के पिता से मिली जानकारी के अनुसार पायलट की हालत स्थिर है। उन्होंने कहा, "अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद मैं दुबई में उसके घर जाकर उससे मिलूंगा। हम बस चाहते हैं कि वह घर आ जाए, फिर हम एक बड़ा जश्न मनाएंगे।" किशोरभाई ने इस घटना को विमानन जगत के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश बताते हुए कहा कि "विमानन केवल एक चकाचौंध की दुनिया नहीं है — सबसे पहली प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा है।"

हनुमान चालीसा और बचपन की आस्था

शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉल पर कैप्टन स्मित से बात की, जिसमें पायलट ने बताया कि हमलावर सह पायलट से लड़ते समय वह लगातार 'हनुमान चालीसा' का जाप कर रहे थे। स्मित की चाची सोनल मच्छार ने इस संदर्भ में परिवार की आस्था पर प्रकाश डालते हुए बताया, "बचपन से ही हम रात में बच्चों को सुलाते समय हनुमान चालीसा चलाते थे। सुबह, घर के अंदर बने मंदिर में सभी आशीर्वाद लेते थे। हमारे मंदिर में हनुमान चालीसा भी रखी हुई है। इसी तरह सभी बच्चे बड़े हुए हैं।"

पायलट बनने का सफर: परिवार का समर्थन

सोनल मच्छार ने बताया कि शुरू में परिवार की उम्मीद थी कि स्मित अपने चचेरे भाई के साथ परिवार के टेक्सटाइल व्यवसाय में शामिल होंगे। उन्होंने कहा, "वे उसी हिसाब से पढ़ाई भी कर रहे थे, लेकिन एक दिन दोनों आए और कहा कि वे एविएशन में जाना चाहते हैं। हालांकि पहले तो हम हैरान रह गए, लेकिन फिर हमने उनका समर्थन किया।" स्मित ने न्यूजीलैंड में पायलट प्रशिक्षण लिया और उनके चचेरे भाई भी फ्लाई दुबई एयरलाइन में कार्यरत हैं।

महाराष्ट्र सरकार का आश्वासन

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने परिवार से मुलाकात की और स्मित के जल्द स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना की। सोनल ने बताया, "फडणवीस ने हमें आश्वस्त किया और यह भी कहा कि अगर हमें किसी चीज की जरूरत हो तो उनसे संपर्क करें।" यह मुलाकात परिवार के लिए भावनात्मक सहारे का काम आई।

परिवार को मिली खबर और दुबई रवाना हुए माता पिता

स्मित की चचेरी बहन पूजा गनात्रा, जो मुंबई में फ्लाईबाय एविएशन एकेडमी की सेंटर हेड हैं, ने बताया कि घटना वाले दिन परिवार को शुरू में यकीन नहीं था कि स्मित उसी फ्लाइट में थे। उन्होंने कहा, "मेरा सगा भाई भी फ्लाई दुबई में है। उसे कॉल आया कि स्मित घायल हो गया है। उसने मुझे कॉल किया और इस तरह मुझे इसके बारे में पता चला।" गनात्रा ने स्मित के साहसिक कार्य को "पूरी दुनिया के लिए गर्व का क्षण" करार दिया, लेकिन साथ ही कहा कि परिवार के लिए यह एक अत्यंत भावुक दौर है। स्मित के माता पिता उनसे मिलने दुबई रवाना हो गए हैं, जहाँ परिवार ने उनसे मुलाकात की।

गौरतलब है कि यह घटना उस समय पेशेवर विमानन में मानसिक स्वास्थ्य और कॉकपिट सुरक्षा प्रोटोकॉल पर बड़े सवाल खड़े करती है। कैप्टन स्मित की यह कहानी न केवल एक व्यक्तिगत साहस की मिसाल है, बल्कि भविष्य के पायलटों के लिए कर्तव्य और संकट प्रबंधन का जीवंत पाठ बन गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि विमानन उद्योग की एक बड़ी खामी की भी है — कॉकपिट में सह पायलट द्वारा हमला कैसे हुआ, यह सवाल अभी अनुत्तरित है। परिवार का उत्सव और राजनीतिक ध्यान स्वाभाविक है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज यह भूल रही है कि इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय विमानन में सुरक्षा प्रोटोकॉल और मानसिक स्वास्थ्य जाँच के मानकों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। पीएम मोदी की वीडियो कॉल और मुख्यमंत्री की मुलाकात जहाँ एक ओर पायलट को उचित सम्मान देती हैं, वहीं यह भी देखना होगा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस घटना से क्या सबक लेता है और क्या भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए कोई ठोस नीतिगत बदलाव होगा।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैप्टन स्मित मच्छार कौन हैं और उन्होंने क्या किया?
कैप्टन स्मित मच्छार फ्लाईदुबई एयरलाइन के पायलट हैं, जिन्होंने फ्लाइट एफजेड1073 में सह पायलट के हमले के बावजूद यात्रियों की जान बचाई। उनकी इस साहसिक कार्रवाई ने उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बना दिया है।
कैप्टन स्मित मच्छार की अभी क्या हालत है?
परिजनों के अनुसार कैप्टन स्मित की हालत अब स्थिर है। उनके माता पिता दुबई में उनसे मिल चुके हैं और उनके चाचा किशोरभाई मच्छार ने कहा कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वे भी दुबई जाकर उनसे मिलेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित से क्या बात की?
शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉल पर कैप्टन स्मित से बात की। पायलट ने उन्हें बताया कि हमलावर सह पायलट से लड़ते समय वह लगातार 'हनुमान चालीसा' का जाप कर रहे थे।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने परिवार को क्या आश्वासन दिया?
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने परिवार से मुलाकात की और स्मित के जल्द स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना की। उन्होंने परिवार को यह भी कहा कि किसी भी जरूरत पर वे सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं।
कैप्टन स्मित मच्छार पायलट कैसे बने?
परिवार ने बताया कि शुरू में स्मित से उम्मीद थी कि वे परिवार के टेक्सटाइल व्यवसाय में शामिल होंगे, लेकिन उन्होंने और उनके चचेरे भाई ने एविएशन में जाने की इच्छा जताई। परिवार ने समर्थन दिया और स्मित ने न्यूजीलैंड में पायलट प्रशिक्षण पूरा किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 घंटे पहले
  2. 8 घंटे पहले
  3. कल
  4. कल
  5. कल
  6. 2 दिन पहले
  7. 2 दिन पहले
  8. 2 दिन पहले