4 अक्टूबर 2026
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कैप्टन स्मित मच्छार को हनुमान चालीसा से मिला हौसला, बचाई 100 से अधिक यात्रियों की जान: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

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कैप्टन स्मित मच्छार को हनुमान चालीसा से मिला हौसला, बचाई 100 से अधिक यात्रियों की जान: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

सारांश

30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान में सहयोगी पायलट के चाकू हमले के बाद गंभीर रूप से घायल कैप्टन स्मित मच्छार ने हनुमान चालीसा का पाठ कर 100 से अधिक यात्रियों की जान बचाई। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस घटना को आस्था और साहस के अद्भुत संगम के रूप में याद किया।

मुख्य बातें

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने 5 अक्टूबर 2026 को छतरपुर के दिव्य दरबार में कैप्टन स्मित मच्छार की वीरगाथा साझा की।
30 सितंबर को दुबई-तेल अवीव फ्लाईदुबई उड़ान में सहयोगी पायलट ने कैप्टन पर चाकू से हमला किया।
गंभीर रूप से घायल कैप्टन मच्छार ने हनुमान चालीसा का पाठ कर आत्मविश्वास पाया और 100 से अधिक यात्रियों की जान बचाई।
विमान की सऊदी अरब में आपात लैंडिंग कराई गई; कैप्टन को अस्पताल में भर्ती किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉल पर कैप्टन मच्छार के साहस और सूझबूझ की सराहना की।

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने 5 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के छतरपुर में आयोजित दिव्य दरबार के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार की अदम्य वीरता को याद करते हुए कहा कि हनुमान चालीसा के पाठ और भगवान हनुमान में उनकी अटूट आस्था ने उन्हें उस जानलेवा संकट का सामना करने की शक्ति दी, जिसमें उन्होंने 100 से अधिक यात्रियों की जान बचाई। यह घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के कॉकपिट में घटित हुई, जब सहयोगी पायलट ने कैप्टन मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया।

दिव्य दरबार में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने प्रवचन में कहा कि जो हनुमान जी की भक्ति करता है, उसके भीतर एक अलौकिक आत्मविश्वास की शक्ति प्रकट होती है। उन्होंने कहा, 'हनुमान जी का भक्त और हनुमान चालीसा पढ़ने पर आज हमें गर्व है।' बागेश्वर महाराज ने बताया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉल पर कैप्टन स्मित से बात कर रहे थे, तब कैप्टन ने स्वयं बताया कि जहाज के तेजी से नीचे गिरने की स्थिति में उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ शुरू किया, जिससे उन्हें विमान को नियंत्रित करने का साहस और स्थिरता प्राप्त हुई।

कॉकपिट में क्या हुआ था

30 सितंबर 2026 को दुबई से इज़रायल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के कॉकपिट में सहयोगी पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर अचानक चाकू से हमला कर दिया। इस हमले के बाद विमान तेजी से नीचे की ओर जाने लगा। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने हमलावर का डटकर सामना किया और कॉकपिट का दरवाज़ा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों ने कॉकपिट में पहुँचकर हमलावर को काबू कर लिया।

आपात लैंडिंग और कैप्टन का उपचार

हमलावर के नियंत्रण में आने के बाद गंभीर रूप से घायल कैप्टन मच्छार को तत्काल प्राथमिक उपचार देकर उनकी स्थिति को स्थिर किया गया। इसके बाद विमान की सऊदी अरब में आपात लैंडिंग कराई गई और कैप्टन को वहाँ के अस्पताल में भर्ती कराया गया। 100 से अधिक यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित रहे।

प्रधानमंत्री मोदी की सराहना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कैप्टन मच्छार से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने घटना के दौरान कैप्टन के साहस, सूझबूझ और संयम की भरपूर सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि कैप्टन के अदम्य प्रयासों से विमान में सवार यात्रियों और चालक दल की जानें बचाई जा सकीं। गौरतलब है कि यह वीडियो कॉल तब हुई जब कैप्टन मच्छार अस्पताल में उपचाराधीन थे।

आस्था और साहस का संगम

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस घटना को आस्था की शक्ति का प्रमाण बताते हुए कहा कि संकट की उस घड़ी में हनुमान चालीसा ने कैप्टन स्मित के भीतर वह आत्मबल जगाया, जो एक असंभव-सी लगने वाली स्थिति में भी उन्हें डगमगाने नहीं दिया। यह घटना उन लाखों भक्तों के लिए प्रेरणास्रोत बनती जा रही है जो हनुमान जी की उपासना में विश्वास रखते हैं। आने वाले दिनों में कैप्टन मच्छार की वीरगाथा और उनकी आस्था की यह कहानी देशभर में चर्चा का विषय बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो उनके प्रवचन की परिचित शैली है। असल तथ्य यह है कि कैप्टन स्मित मच्छार की व्यावसायिक प्रशिक्षण, शारीरिक साहस और यात्रियों की सामूहिक सक्रियता ने एक बड़ी त्रासदी को टाला — यह पहलू इस प्रकार की कवरेज में अक्सर पीछे छूट जाता है। साथ ही, यह घटना एविएशन सुरक्षा के लिहाज से गंभीर सवाल उठाती है कि सहयोगी पायलट द्वारा इस तरह के हमले की स्थिति में कॉकपिट सुरक्षा प्रोटोकॉल कितने पुख्ता हैं। प्रधानमंत्री की वीडियो कॉल से कैप्टन को राष्ट्रीय नायक का दर्जा मिला, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा उस संस्थागत विफलता की ओर कम और व्यक्तिगत वीरता की ओर अधिक झुकी है।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कब और कहाँ हुआ?
30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई उड़ान के कॉकपिट में सहयोगी पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर चाकू से हमला किया। हमले के बाद विमान तेजी से नीचे जाने लगा।
कैप्टन स्मित ने 100 से अधिक यात्रियों की जान कैसे बचाई?
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने हमलावर का सामना किया और कॉकपिट का दरवाज़ा खोला, जिसके बाद यात्रियों ने हमलावर को काबू किया। इसके बाद विमान की सऊदी अरब में आपात लैंडिंग कराई गई और सभी यात्री सुरक्षित रहे।
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस घटना के बारे में क्या कहा?
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने छतरपुर के दिव्य दरबार में कहा कि हनुमान चालीसा के पाठ से कैप्टन स्मित को वह आत्मविश्वास मिला जिसने उन्हें संकट में स्थिर रखा। उन्होंने इसे भगवान हनुमान की भक्ति की शक्ति का प्रमाण बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कैप्टन स्मित से कब बात की?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉल के ज़रिए कैप्टन मच्छार से बातचीत की और उनके साहस, सूझबूझ व संयम की सराहना की। उन्होंने कहा कि कैप्टन के प्रयासों से विमान में सवार यात्रियों और चालक दल की जानें बचाई जा सकीं।
फ्लाईदुबई विमान की आपात लैंडिंग कहाँ हुई?
हमले के बाद कैप्टन मच्छार को प्राथमिक उपचार देकर स्थिर किया गया और विमान की सऊदी अरब में आपात लैंडिंग कराई गई। इसके बाद कैप्टन को वहाँ के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
राष्ट्र प्रेस
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