कैप्टन स्मित मच्छार को हनुमान चालीसा से मिला हौसला, बचाई 100 से अधिक यात्रियों की जान: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
सारांश
मुख्य बातें
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने 5 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के छतरपुर में आयोजित दिव्य दरबार के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार की अदम्य वीरता को याद करते हुए कहा कि हनुमान चालीसा के पाठ और भगवान हनुमान में उनकी अटूट आस्था ने उन्हें उस जानलेवा संकट का सामना करने की शक्ति दी, जिसमें उन्होंने 100 से अधिक यात्रियों की जान बचाई। यह घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के कॉकपिट में घटित हुई, जब सहयोगी पायलट ने कैप्टन मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया।
दिव्य दरबार में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने प्रवचन में कहा कि जो हनुमान जी की भक्ति करता है, उसके भीतर एक अलौकिक आत्मविश्वास की शक्ति प्रकट होती है। उन्होंने कहा, 'हनुमान जी का भक्त और हनुमान चालीसा पढ़ने पर आज हमें गर्व है।' बागेश्वर महाराज ने बताया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉल पर कैप्टन स्मित से बात कर रहे थे, तब कैप्टन ने स्वयं बताया कि जहाज के तेजी से नीचे गिरने की स्थिति में उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ शुरू किया, जिससे उन्हें विमान को नियंत्रित करने का साहस और स्थिरता प्राप्त हुई।
कॉकपिट में क्या हुआ था
30 सितंबर 2026 को दुबई से इज़रायल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के कॉकपिट में सहयोगी पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर अचानक चाकू से हमला कर दिया। इस हमले के बाद विमान तेजी से नीचे की ओर जाने लगा। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने हमलावर का डटकर सामना किया और कॉकपिट का दरवाज़ा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों ने कॉकपिट में पहुँचकर हमलावर को काबू कर लिया।
आपात लैंडिंग और कैप्टन का उपचार
हमलावर के नियंत्रण में आने के बाद गंभीर रूप से घायल कैप्टन मच्छार को तत्काल प्राथमिक उपचार देकर उनकी स्थिति को स्थिर किया गया। इसके बाद विमान की सऊदी अरब में आपात लैंडिंग कराई गई और कैप्टन को वहाँ के अस्पताल में भर्ती कराया गया। 100 से अधिक यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित रहे।
प्रधानमंत्री मोदी की सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कैप्टन मच्छार से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने घटना के दौरान कैप्टन के साहस, सूझबूझ और संयम की भरपूर सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि कैप्टन के अदम्य प्रयासों से विमान में सवार यात्रियों और चालक दल की जानें बचाई जा सकीं। गौरतलब है कि यह वीडियो कॉल तब हुई जब कैप्टन मच्छार अस्पताल में उपचाराधीन थे।
आस्था और साहस का संगम
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस घटना को आस्था की शक्ति का प्रमाण बताते हुए कहा कि संकट की उस घड़ी में हनुमान चालीसा ने कैप्टन स्मित के भीतर वह आत्मबल जगाया, जो एक असंभव-सी लगने वाली स्थिति में भी उन्हें डगमगाने नहीं दिया। यह घटना उन लाखों भक्तों के लिए प्रेरणास्रोत बनती जा रही है जो हनुमान जी की उपासना में विश्वास रखते हैं। आने वाले दिनों में कैप्टन मच्छार की वीरगाथा और उनकी आस्था की यह कहानी देशभर में चर्चा का विषय बनी रहेगी।