वीरेंद्र सहवाग का कैप्टन स्मित मच्छार को सलाम — '174 जानें बचाईं, भारत को गर्व है'
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने 1 अक्टूबर 2026 को फ्लाईदुबई फ्लाइट 1073 के कैप्टन स्मित मच्छार की अदम्य वीरता को सार्वजनिक रूप से सराहा, जिन्होंने 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में चाकू से घायल होने के बावजूद 174 यात्रियों और क्रू सदस्यों की जान बचाई। सहवाग ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि 'भारत को कैप्टन स्मित मच्छार पर गर्व है।'
सहवाग ने क्या कहा
सहवाग ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा: 'फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 के कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट में चाकू से वार किए जाने के बाद भी बहादुरी से मुकाबला किया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों और क्रू को मदद करने और सभी यात्रियों को बचाने का मौका मिला। उनकी असाधारण हिम्मत ने 174 लोगों की जान बचाई।'
सहवाग ने आगे लिखा: 'बेहद खतरनाक स्थिति में और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए जबरदस्त हिम्मत और अटूट संकल्प दिखाया। उनकी बहादुरी ने एक बड़ी त्रासदी को टाला। भारत को कैप्टन स्मित मच्छार पर गर्व है। उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।'
मुख्य घटनाक्रम
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई फ्लाइट 1073 में कैप्टन स्मित मच्छार को उनके सह-पायलट ने कॉकपिट के भीतर चाकू से वार किया। इस हमले के मात्र 37 सेकंड के भीतर विमान 14,300 फीट नीचे आ गया।
गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ होने के बावजूद मच्छार ने सह-पायलट का डटकर मुकाबला किया और विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा। इसके बाद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे अन्य क्रू सदस्य और यात्री अंदर आ सके और हमलावर को काबू में किया जा सका। रिपोर्टों के अनुसार, हमलावर सह-पायलट ओमान का नागरिक है।
विश्व नेताओं की प्रतिक्रिया
कैप्टन मच्छार की इस असाधारण वीरता की सराहना केवल भारत तक सीमित नहीं रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी उनकी वीरता की खुलकर प्रशंसा की है। यह ऐसे समय में आया है जब पूरी दुनिया की नज़रें इस घटना पर टिकी हैं और एयर-सेफ्टी प्रोटोकॉल को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
कैप्टन मच्छार का इलाज जारी
फिलहाल कैप्टन स्मित मच्छार का इलाज चल रहा है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति की विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। गौरतलब है कि उनकी इस वीरता ने न केवल 174 लोगों की जान बचाई, बल्कि एक संभावित बड़ी विमान-दुर्घटना को भी टाल दिया।
उनकी यह असाधारण बहादुरी आने वाले समय में एयरलाइन सुरक्षा प्रशिक्षण और कॉकपिट आपातकालीन प्रोटोकॉल पर नई चर्चाओं को जन्म दे सकती है।