कैप्टन स्मित मच्छार की वीरता को राष्ट्रव्यापी सलाम, BJP अध्यक्ष से लेकर 8 मुख्यमंत्रियों ने की तारीफ
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की असाधारण वीरता को 1 अक्टूबर 2026 को पूरे देश ने सलाम किया। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में हवाई सफर के दौरान हुए जानलेवा हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने 174 यात्रियों की जान बचाई और एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों और एक उपमुख्यमंत्री ने उनकी बहादुरी पर गर्व जताया है।
BJP अध्यक्ष और मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'कैप्टन स्मित मच्छार ने दुनिया को दिखाया है कि असली हिम्मत क्या होती है। चाकू लगने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और हवा में हो रहे एक जानलेवा हमले को रोकने में मदद की। उनके इस कदम से सैकड़ों लोगों की जान बची। भारत को उनकी बहादुरी पर गर्व है।'
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर कहा, 'हवा में हुए हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, इस बहादुर भारतीय पायलट ने असाधारण साहस और सूझबूझ का परिचय दिया और विमान में सवार 174 लोगों की जान बचाने में मदद की। गंभीर खतरे के समय उनका साहस भारत की बेहतरीन भावना को दर्शाता है।'
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'गंभीर खतरे के समय कैप्टन स्मित मच्छार ने जो साहस और कर्तव्यनिष्ठा दिखाई, वह बेहद सराहनीय है। उड़ान के दौरान आई मुश्किल स्थिति में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार अडिग रहे और विमान में सवार लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।'
महाराष्ट्र से लेकर राजस्थान तक — हर तरफ से सम्मान
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कैप्टन मच्छार को 'मुंबई का बेटा' बताते हुए लिखा, 'बुरी तरह घायल होने के बावजूद दुबई से तेल अवीव की उड़ान के दौरान कैप्टन स्मित ने जिस सूझबूझ और हिम्मत का परिचय दिया, वह मिसाल कायम करने वाला है। महाराष्ट्र और भारत को आप पर गर्व है।'
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, 'जब कर्तव्य सबसे बड़ी प्राथमिकता बन जाए, तब असाधारण साहस की मिसाल सामने आती है। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद आपने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।' उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें 'असाधारण साहस और कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा की मिसाल' बताया।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लिखा, 'हवाई संकट के बीच गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अदम्य साहस, धैर्य और सूझबूझ का परिचय देते हुए 174 यात्रियों का जीवन बचाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार पर पूरे देश को गर्व है।' बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनके साहस को 'पूरे देश के लिए गर्व का विषय' बताया।
असम और आंध्र प्रदेश से भी आई श्रद्धांजलि
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कैप्टन मच्छार को 'नया भारतीय आइकॉन और एक निडर हीरो' की संज्ञा दी।
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'आसमान के असली हीरो: कैप्टन स्मित मच्छार। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे क्रू और यात्रियों को हमलावर पर काबू पाने और एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद मिली। जब एक-एक पल कीमती था, तब वे खतरे और 174 लोगों की जान के बीच ढाल बनकर खड़े रहे।'
घटना का विवरण — क्या हुआ था उड़ान में
फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी, जब हवाई सफर के दौरान एक जानलेवा हमला हुआ। इस हमले में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए — बताया जाता है कि उन्हें चाकू से वार किया गया। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे क्रू और यात्रियों को मिलकर हमलावर पर काबू पाने का मौका मिला और एक संभावित आपदा टल गई।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक विमानन सुरक्षा पर बहस तेज हो रही है। गौरतलब है कि इस प्रकार के हवाई संकट में पायलट की त्वरित निर्णय-क्षमता ही सैकड़ों लोगों की जान और मौत के बीच की रेखा होती है।
आगे क्या
कैप्टन मच्छार फिलहाल उपचाराधीन हैं और तमाम नेताओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उनकी बहादुरी के लिए आधिकारिक सम्मान और पुरस्कार दिए जाने की संभावना पर भी चर्चा शुरू हो गई है। भारत सरकार की ओर से किसी औपचारिक घोषणा का इंतजार है।