कैप्टन स्मित मच्छार को सर्वदलीय सलाम: चाकू से घायल होकर भी बचाई 174 यात्रियों की जान
सारांश
मुख्य बातें
कैप्टन स्मित मच्छार ने दुबई से तेल अवीव जाने वाली फ्लाईदुबई की उड़ान में कथित तौर पर चाकू से लैस को-पायलट को काबू कर 174 यात्रियों की जान बचाई — और इस अदम्य साहस पर भारत के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने 1 अक्टूबर 2026 को एकजुट होकर उन्हें सलाम किया। घायल होने के बावजूद कैप्टन ने विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई, जिसे नेताओं ने 'असाधारण बहादुरी' और 'भारतीयता की मिसाल' बताया।
घटनाक्रम: कॉकपिट में क्या हुआ
भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास के अनुसार, को-पायलट के पास कथित तौर पर चाकू था और उसने विमान को क्रैश कराने की कोशिश की। कैप्टन मच्छार ने चाकू का घाव सहते हुए भी को-पायलट को काबू किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और रिज़र्व क्रू को हमलावर को नियंत्रित करने में मदद की।
इसके बाद कैप्टन ने विमान को सुरक्षित उतारा। कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, 'विमान के को-पायलट ने जहाज को क्रैश कराना चाहा था, कैप्टन को चाकू भी मारा लेकिन वो बहादुर पायलट डरा नहीं और सेफ लैंडिंग कराई — उनको सलाम है।'
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, 'निश्चित रूप से कैप्टन मच्छार ने अदम्य साहस का परिचय दिया; उड़ते हुए जहाज में घायल होने के बाद भी 174 यात्रियों की जान बचाना एक भारतीय ही कर सकता है।' उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन की तारीफ की है और अनेक विदेशी नेताओं ने भी उनके साहस की सराहना की है।
खंडेलवाल ने कहा, 'इससे भारत का सिर पूरे विश्व में ऊंचा हुआ है।' टीआर श्रीनिवास ने कहा, 'हम कैप्टन स्मित मच्छार को उनकी असाधारण बहादुरी, तिरंगे का मान बढ़ाने और यात्रियों की जान बचाने के लिए सलाम करते हैं।'
कांग्रेस और अन्य दलों की आवाज़
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा, 'उन्होंने लोगों की जान बचाई है। जान बचाना लोगों की सेवा करना है और इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं।' कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि कैप्टन की 'वीरता, बहादुरी, कर्तव्यपरायणता और एविएशन के प्रति समर्पण को सौ-सौ सैल्यूट है।'
समाजवादी पार्टी के नेता आशुतोष वर्मा ने कहा, 'हम सभी ऐसे पायलट को सलाम करते हैं, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना न सिर्फ 174 यात्रियों की जान बचाई बल्कि विमान की सुरक्षित लैंडिंग भी की।' उन्होंने इसे 'सच्ची भारतीयता और देशभक्ति' बताया।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेता मनोज पांडे ने कहा, 'एक भारतीय होने के नाते हमें उन पर गर्व है। हमला चाहे जैसा भी रहा हो, वे उसमें घायल हुए लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।'
अंतरराष्ट्रीय पहचान और राष्ट्रीय गौरव
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब हवाई सुरक्षा और कॉकपिट के भीतर संभावित खतरों को लेकर वैश्विक स्तर पर चर्चा तेज़ है। कैप्टन मच्छार का यह कदम — चोट खाकर भी हमलावर को नियंत्रित करना और 174 यात्रियों को सुरक्षित उतारना — उन्हें अंतरराष्ट्रीय विमानन इतिहास में एक विरल नायक के रूप में स्थापित करता है। गौरतलब है कि विदेशी नेताओं की तरफ से भी उनकी प्रशंसा हुई है, जो किसी भारतीय पायलट के लिए असाधारण है।
आने वाले दिनों में कैप्टन मच्छार को सरकारी सम्मान मिलने की संभावना पर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।