1 अक्टूबर 2026
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कैप्टन स्मित मच्छार के परिजनों से मिले भारतीय राजदूत, 174 लोगों के रक्षक को सलाम

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कैप्टन स्मित मच्छार के परिजनों से मिले भारतीय राजदूत, 174 लोगों के रक्षक को सलाम

सारांश

दुबई से तेलअवीव जा रहे फ्लाई दुबई विमान को क्रैश कराने की साजिश नाकाम करने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के परिजनों से भारतीय राजदूत मिले। 174 यात्रियों को बचाकर खुद घायल होने वाले इस पायलट को नेतन्याहू ने 'हीरो' कहा — यह साहस अब राजनयिक मोर्चे पर भी गूंज रहा है।

मुख्य बातें

दीपक मित्तल और कॉन्सल जनरल डॉ.
विष्णु वर्धन रेड्डी ने 1 अक्टूबर 2026 को दुबई में कैप्टन स्मित मच्छार के परिजनों से मुलाकात की।
कैप्टन मच्छार ने फ्लाइट एफजेड 1073 को क्रैश कराने की साजिश नाकाम कर 174 यात्रियों की जान बचाई।
घायल अवस्था में भी उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में अहम भूमिका निभाई; विमान की सुरक्षित लैंडिंग सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे पर हुई।
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें 'हीरो' कहा; राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने राष्ट्रीय आभार व्यक्त किया।
भारतीय दूतावास ने परिवार को यूएई अधिकारियों से निरंतर समन्वय और पूर्ण सहायता का आश्वासन दिया।

भारतीय राजदूत डॉ. दीपक मित्तल और कॉन्सल जनरल डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी ने 1 अक्टूबर 2026 को दुबई में फ्लाइट एफजेड 1073 के बहादुर पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार से मुलाकात की। 174 यात्रियों की जान बचाने वाले इस भारतीय मूल के पायलट के परिजनों को राजनयिकों ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया तथा यूएई के अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने का वादा किया।

राजनयिक मुलाकात का विवरण

संयुक्त अरब अमीरात में स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश जारी कर इस भेंट की पुष्टि की। संदेश में कहा गया कि राजदूत और कॉन्सल जनरल ने कैप्टन मच्छार के परिवार से मिलकर दूतावास एवं वाणिज्य दूतावास की ओर से पूर्ण सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई। साथ ही, यूएई प्रशासन के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने का भरोसा भी दिलाया गया।

क्या हुआ था बुधवार को

बुधवार को दुबई से तेलअवीव जा रहे फ्लाई दुबई के विमान को क्रैश कराने की कथित साजिश को कैप्टन मच्छार ने नाकाम कर दिया। बताया जाता है कि वे इस संघर्ष में बुरी तरह घायल हो गए — सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो में वे खून से लथपथ दिखे। घायल अवस्था में भी कॉकपिट का दरवाजा खोलने तक उनकी भूमिका निर्णायक रही, जिसने 174 यात्रियों की जान बचाई।

अंततः विमान की सकुशल लैंडिंग सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे पर कराई गई। फिलहाल कैप्टन स्मित मच्छार अस्पताल में भर्ती हैं और उनका उपचार जारी है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

इज़राइली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने अपने देश की ओर से कैप्टन मच्छार के प्रति आभार व्यक्त किया, जबकि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें 'हीरो' करार दिया। भारत में इज़राइल के राजदूत ने इस घटना को आतंकवाद के सामने न झुकने की मिसाल बताया। उन्होंने कहा, '...हम जानते हैं कि आतंकवाद से लड़ने के लिए सरकारों का मिलकर काम करना ही काफी नहीं है। यह जरूरी है कि लोग भी मिलकर काम करें, जैसा कि हमने बुधवार को देखा।' उन्होंने आगे जोड़ा कि यह एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे आतंकवादियों के सामने घुटने न टेककर और व्यक्तिगत स्तर पर मिलजुलकर अपना भविष्य तय किया जा सकता है।

क्या होगा आगे

भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया है कि वह कैप्टन मच्छार के परिवार के साथ निरंतर संपर्क में रहेगा और उनके उचित इलाज व हर संभव सहायता के लिए यूएई एवं संबंधित अधिकारियों से समन्वय जारी रखेगा। यह घटना ऐसे समय में आई है जब भारत-इज़राइल के बीच आतंकवाद-विरोधी सहयोग पहले से मजबूत है, और यह मामला दोनों देशों के नागरिकों की साझी साहसगाथा के रूप में उभरा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह संकेत है कि भारत अपने प्रवासी नायकों को कूटनीतिक पूंजी में बदलने की क्षमता रखता है। हालाँकि, असली सवाल यह है कि क्या यह राजनयिक सक्रियता कैप्टन मच्छार के समुचित इलाज और कानूनी सुरक्षा में ठोस नतीजे देगी, या यह केवल फोटो-अवसर तक सीमित रहेगी। इज़राइल-भारत आतंकवाद-विरोधी सहयोग के व्यापक संदर्भ में यह घटना दोनों देशों को एक साझा आख्यान देती है, जिसे दोनों सरकारें अपनी-अपनी रणनीतिक ज़रूरतों के लिए भुना सकती हैं।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैप्टन स्मित मच्छार ने क्या किया था?
कैप्टन स्मित मच्छार ने दुबई से तेलअवीव जा रही फ्लाई दुबई की फ्लाइट एफजेड 1073 को क्रैश कराने की कथित साजिश को नाकाम किया और 174 यात्रियों की जान बचाई। इस संघर्ष में वे गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन घायल अवस्था में भी उनकी भूमिका निर्णायक रही और विमान को सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया।
भारतीय राजदूत दुबई में कैप्टन स्मित के परिवार से क्यों मिले?
भारतीय राजदूत डॉ. दीपक मित्तल और कॉन्सल जनरल डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी ने परिवार को दूतावास की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन देने और यूएई अधिकारियों से निरंतर समन्वय बनाए रखने के लिए यह मुलाकात की। साथ ही उन्होंने कैप्टन मच्छार की साहसिक भूमिका की सराहना भी की।
इज़राइली नेताओं ने कैप्टन स्मित मच्छार पर क्या कहा?
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार को 'हीरो' करार दिया, जबकि राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने इज़राइल की ओर से उनके प्रति आभार व्यक्त किया। भारत में इज़राइल के राजदूत ने इस घटना को आतंकवाद के खिलाफ मिलकर लड़ने की बेहतरीन मिसाल बताया।
कैप्टन स्मित मच्छार अभी कहाँ हैं?
कैप्टन स्मित मच्छार फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है। भारतीय दूतावास उनके परिवार और यूएई अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में है।
फ्लाइट एफजेड 1073 घटना से भारत-इज़राइल संबंधों पर क्या असर पड़ेगा?
यह घटना भारत-इज़राइल आतंकवाद-विरोधी सहयोग के संदर्भ में दोनों देशों को एक सशक्त साझा आख्यान देती है। एक भारतीय मूल के पायलट के साहस ने इज़राइली यात्रियों की जान बचाई, जिसे दोनों देशों के नेताओं ने सार्वजनिक रूप से सराहा है और यह द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा दे सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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