कैप्टन स्मित मच्छार को UAE, इजरायल और भारत का सम्मान, 174 यात्रियों को बचाने पर विश्वव्यापी सराहना
सारांश
मुख्य बातें
फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को उनकी असाधारण वीरता के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE), इजरायल, भारत और अमेरिका सहित कई देशों ने उन्हें राजकीय सम्मान और शुभकामनाएं भेजी हैं। कॉकपिट में सह-पायलट के हिंसक हमले के बावजूद घायल अवस्था में विमान को सुरक्षित उतारने की उनकी बहादुरी को दुनिया ने एकमत होकर सराहा है।
घटनाक्रम: 30 सितंबर की वह रात
30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में सह-पायलट ने कॉकपिट के भीतर कैप्टन मच्छार पर हिंसक हमला कर दिया। गंभीर चोटों और बार-बार बेहोश होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता पाई, जिससे केबिन क्रू और यात्री भीतर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित कर सके। इसके तुरंत बाद विमान का मार्ग बदलकर सऊदी अरब के तबुक शहर की ओर किया गया, जहाँ विमान सुरक्षित उतरा। इस साहसिक कदम से विमान में सवार 174 लोगों की जान बच गई।
UAE का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
पिछले सप्ताह UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कैप्टन मच्छार और फ्लाईदुबई के क्रू सदस्यों को प्रतिष्ठित फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद-द्वितीय से सम्मानित किया। यह पुरस्कार दुबई के क्राउन प्रिंस, उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने प्रदान किया। समारोह में UAE के उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम भी उपस्थित रहे। UAE नेतृत्व ने इस अवसर पर कहा कि लोगों की सुरक्षा और संरक्षण देश की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
इजरायल का नागरिक वीरता पुरस्कार और राष्ट्रपति का पत्र
अक्टूबर 2026 में इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने कैप्टन मच्छार को एक व्यक्तिगत पत्र लिखकर उनकी वीरता की सराहना की। हर्जोग ने उनकी तुलना उन भारतीय सैनिकों से की, जिन्होंने एक सदी पहले पवित्र भूमि के शहरों को मुक्त कराने के लिए अपने प्राण जोखिम में डाले थे। अपने पत्र में उन्होंने लिखा: 'दर्द और खतरे के बावजूद स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखना, अपनी जान पर आए संकट का सामना करना और सही निर्णय लेना आपके मजबूत चरित्र और असाधारण साहस को दिखाता है।' हर्जोग ने कैप्टन मच्छार को इजरायल, भारत और पूरी मानवता का नायक बताया। उन्होंने घोषणा की कि स्वस्थ होने के बाद कैप्टन मच्छार को इजरायल का सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान — राष्ट्रपति नागरिक वीरता पुरस्कार — दिया जाएगा।
अबू धाबी में प्रार्थनाएँ और समुदाय का समर्थन
अबू धाबी स्थित BAPS हिंदू मंदिर में संतों और श्रद्धालुओं ने कैप्टन मच्छार के स्वास्थ्य लाभ के लिए विशेष पूजा-अर्चना और प्रार्थनाएँ कीं। मंदिर की ओर से साझा किए गए एक वीडियो में पुरुष, महिलाएँ और बच्चे भजन गाते दिखे, जबकि पुजारियों ने विशेष पूजा संपन्न की। मंदिर प्रशासन ने कहा, 'हम उनके जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं और इस कठिन समय में उनके परिवार और प्रियजनों को शक्ति मिलने की कामना करते हैं।' UAE में रहने वाले भारतीय समुदाय के कई लोग भी उनके समर्थन में आगे आए हैं।
आगे क्या
रिपोर्टों के अनुसार, कैप्टन मच्छार अभी स्वास्थ्य लाभ की प्रक्रिया में हैं। इजरायल ने स्पष्ट किया है कि उनके पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद नागरिक वीरता पुरस्कार समारोह आयोजित किया जाएगा। यह घटना विमान सुरक्षा और कॉकपिट प्रोटोकॉल पर अंतरराष्ट्रीय बहस को भी नई ऊर्जा दे रही है, क्योंकि आलोचकों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए प्री-फ्लाइट मानसिक स्वास्थ्य जाँच को और सख्त बनाया जाना चाहिए।