यूएई ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को 'ऑर्डर ऑफ जायद II' से सम्मानित किया, फ्लाईदुबई हाइजैक विफल करने का मिला पुरस्कार
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने 28 अक्टूबर 2026 को भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को प्रतिष्ठित 'ऑर्डर ऑफ जायद II' (प्रथम श्रेणी) से नवाजा, जो यूएई का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह पुरस्कार फ्लाईदुबई उड़ान एफजेड1073 को हाइजैक होने से बचाने की उनकी असाधारण वीरता के लिए दिया गया। विमान के अन्य चालक दल सदस्यों को भी यही सम्मान प्रदान किया गया।
सम्मान समारोह का विवरण
यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कैप्टन मच्छार समेत चालक दल के सभी सदस्यों को 'ऑर्डर ऑफ जायद II' से सम्मानित किया। दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने चालक दल को यह सम्मान व्यक्तिगत रूप से प्रदान किया। इस अवसर पर यूएई के उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम सहित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
यूएई के नेतृत्व ने चालक दल की त्वरित प्रतिक्रिया, जिम्मेदारी और व्यावसायिक दक्षता की सराहना करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना देश की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। दुबई मीडिया ऑफिस ने सोशल मीडिया पर इस सम्मान की जानकारी साझा की।
मुख्य घटनाक्रम: 30 सितंबर की वह रात
30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 के कॉकपिट में सह-पायलट ने अचानक कैप्टन मच्छार पर हमला कर विमान का नियंत्रण छीनने की कोशिश की। यूएई के अभियोजकों की जाँच के अनुसार, आरोपी की कथित मंशा विमान को इजरायल के बेन गुरियन हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त कर बड़े पैमाने पर जानमाल का नुकसान पहुँचाने की थी।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद चालक दल के अन्य सदस्यों और यात्रियों ने मिलकर हमलावर को काबू में किया। विमान को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे की ओर मोड़ा गया और वहाँ सभी यात्रियों व चालक दल को सुरक्षित उतारा गया।
भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा
घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार की वीरता की सार्वजनिक प्रशंसा की थी। शेख हमदान ने घटना के तुरंत बाद अस्पताल में भर्ती कैप्टन मच्छार से मुलाकात कर उनके साहस और जीवन रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की थी।
इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने भी घोषणा की है कि कैप्टन मच्छार के स्वस्थ होने के बाद उन्हें इजरायल का नागरिक वीरता सम्मान भी प्रदान किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा पर वैश्विक चर्चा तेज हो रही है।
आम जनता पर असर और आगे की राह
यह घटना नागरिक विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा की माँग को नई ऊर्जा दे रही है। गौरतलब है कि यह मामला केवल एक पायलट की व्यक्तिगत वीरता का नहीं, बल्कि कॉकपिट सुरक्षा प्रणाली की कमज़ोरियों का भी प्रतीक बन गया है — जब हमलावर खुद ही चालक दल का हिस्सा था।
कैप्टन मच्छार को अब यूएई और इजरायल दोनों से उच्च सम्मान मिलना तय है, जो एक भारतीय नागरिक के लिए दुर्लभ अंतरराष्ट्रीय पहचान है। यह प्रकरण भारत-यूएई संबंधों की गहराती मैत्री का भी प्रतीक बनकर उभरा है।