फ्लाईदुबई पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी को यूएई के शीर्ष अधिकारी अनवर गर्गाश ने सराहा, आतंकी हमले को 9/11 से जोड़ा
सारांश
मुख्य बातें
यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद के सलाहकार अनवर गर्गाश ने शुक्रवार, 3 अक्टूबर 2026 को फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट स्मित मच्छार की बुधवार को हुई एक 'खतरनाक आतंकवादी घटना' के दौरान दिखाए गए साहस और व्यावसायिकता की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। इस घटना की तुलना अमेरिका के 11 सितंबर 2001 के हमलों से भी की जा रही है। गर्गाश ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर की गई पोस्ट में मच्छार को 'सच्चा हीरो' करार दिया।
गर्गाश की एक्स पोस्ट और भारतीय पायलट को श्रद्धांजलि
अनवर गर्गाश ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट स्मित मच्छार हर तरह की सराहना के हकदार हैं। उन्होंने एक खतरनाक आतंकवादी कृत्य और संभावित आपदा के सामने साहस और जिम्मेदारी का सही अर्थ दिखाया। सबसे कठिन परिस्थितियों में उनका प्रोफेशनलिज्म और नैतिक बोध उन्हें एक सच्चा हीरो बनाते हैं।' यह टिप्पणी उस घटना के दो दिन बाद आई जब कॉकपिट में घुसपैठ और तोड़फोड़ की कोशिश की गई थी।
घटना का विवरण — 9/11 से तुलना
इजरायली प्रधानमंत्री के प्रवक्ता डेविड मेंसर ने कहा कि बुधवार को फ्लाईदुबई की फ्लाइट को गिराने की कोशिश अमेरिका में 11 सितंबर के हमलों जैसी प्रतीत होती है। मेंसर ने एक विशेष इंटरव्यू में कहा, 'यह 9/11 जैसा ही हो सकता था।' उनके अनुसार, एक इजरायली यात्री और एक क्रू सदस्य जब कॉकपिट में घुसने में कामयाब हुए, तो उन्होंने पाया कि ओमानी पायलट अपनी सीट पर नहीं था — बल्कि वह कंट्रोल्स के ऊपर खड़ा था और स्मित मच्छार पर हमला करते हुए विमान के कंट्रोल सिस्टम को नष्ट करने की कोशिश कर रहा था।
मेंसर ने कहा, 'यह आदमी विमान को गिराना चाहता था। आप 9/11 और इस हमले के बीच तुलना किए बिना नहीं रह सकते।' गौरतलब है कि यह घटना किसी भारतीय या इजरायली भूमि पर नहीं, बल्कि हवा में हुई, जो इसे और भी गंभीर बनाती है।
यूएई का जांच अधिकार क्षेत्र और कानूनी स्थिति
यूएई के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि सार्वजनिक अभियोजकों की एक विशेष टीम को घटना की जांच और इसकी परिस्थितियों तथा कारणों का पता लगाने का काम सौंपा गया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि चूँकि विमान यूएई में पंजीकृत है और उसके ध्वज के तहत उड़ता है, इसलिए यूएई का कानून विमान में किए गए अपराधों पर लागू होता है — चाहे वे देश के क्षेत्र के बाहर ही क्यों न हुए हों।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि जांच में यह पता लगाया जाएगा कि इस घटना का आतंकवादी गतिविधि या इरादे से कोई संबंध था या इसमें कोई पूर्व योजना या बाहरी निर्देश थे।
सऊदी अरब की सराहना
यूएई ने सऊदी अधिकारियों का भी आभार जताया और उनके सहयोग तथा घटना से निपटने के तरीके की प्रशंसा की। यह संकेत देता है कि घटना के दौरान या बाद में सऊदी क्षेत्र या एजेंसियों की भी किसी रूप में संलिप्तता रही होगी। यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी देशों में विमानन सुरक्षा को लेकर नए सिरे से बहस शुरू हो रही है।
आगे क्या होगा
यूएई की विशेष जांच टीम आतंकी मंशा और पूर्व योजना की जांच करेगी। भारत सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन कूटनीतिक हलकों में स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा जोरों पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल पर नई बहस को जन्म दे सकता है।