6 अक्टूबर 2026
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फ्लाईदुबई घटना पर ईरानी राजनयिक का दावा: पायलट स्मित मच्छर ने बचाईं जानें, इजरायल ने रची थी साजिश

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फ्लाईदुबई घटना पर ईरानी राजनयिक का दावा: पायलट स्मित मच्छर ने बचाईं जानें, इजरायल ने रची थी साजिश

सारांश

मुंबई में ईरानी राजनयिक मोतलाघ का बड़ा दावा — फ्लाईदुबई घटना इजरायल की पूर्व-नियोजित साजिश थी, जो चुनाव से पहले टकराव के लिए रची गई। भारतीय पायलट स्मित मच्छर को उन्होंने 'जान बचाने के लिए' सराहा। इजरायल इसे आतंकी हमला बता रहा है।

मुख्य बातें

मुंबई में ईरान के कॉन्सल जनरल सईद रजा मोसायेब मोतलाघ ने 5 अक्टूबर 2026 को फ्लाईदुबई घटना पर बयान दिया।
भारतीय पायलट स्मित मच्छर की सूझबूझ और यात्रियों की जान बचाने के लिए की गई तारीफ।
मोतलाघ का आरोप — घटना इजरायल में प्रधानमंत्री पद के चुनाव से पहले टकराव पैदा करने के लिए इजरायल द्वारा ही रची गई।
इजरायल का दावा — ओमानी को-पायलट के IRGC से संबंध थे और यह एक आतंकी हमला था।
मोतलाघ ने होर्मुज पर ईरान के संयम और अमेरिका-ईरान तनाव के कारण भारत सहित कई देशों पर पड़ने वाले आर्थिक असर का भी जिक्र किया।

मुंबई में ईरान के कॉन्सल जनरल सईद रजा मोसायेब मोतलाघ ने 5 अक्टूबर 2026 को फ्लाईदुबई फ्लाइट की घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय पायलट स्मित मच्छर की सराहना की और कहा कि उन्होंने अपनी सूझबूझ से सैकड़ों यात्रियों की जानें बचाईं। साथ ही मोतलाघ ने कथित तौर पर यह दावा किया कि यह पूरी घटना इजरायल में प्रधानमंत्री पद के चुनाव से ठीक पहले जानबूझकर टकराव पैदा करने के लिए इजरायल द्वारा ही रची गई थी।

पायलट स्मित मच्छर की सराहना

भारतीय पायलट स्मित मच्छर द्वारा कई इजरायली यात्रियों की जान बचाने पर मोतलाघ ने कहा, 'मानव जीवन को बचाना, चाहे वह कहीं भी हो या कोई भी पद पर हो, सराहनीय है। इस मामले में पायलट ने अपनी जान भी बचाई है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में मानव जीवन को जोखिम में डालने वाली घटना 'खेदजनक और अस्वीकार्य' है।

इजरायल पर साजिश का आरोप

जब मोतलाघ से पूछा गया कि क्या इजरायल के प्रधानमंत्री पद के चुनाव नजदीक होने के कारण इजरायल ने इस उड़ान वाली घटना की पहले से योजना बनाई थी, तो उन्होंने कथित तौर पर कहा, 'स्वाभाविक रूप से, आप इस बात को लेकर निश्चित हो सकते हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि घटना से ठीक एक दिन पहले इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने एक बयान जारी किया था जिसमें उन्होंने 'कुछ होने की संभावना' का संकेत दिया था और अगले ही दिन यह घटना घट गई।

मोतलाघ ने कहा कि उनके उद्देश्य 'इतने स्वार्थी और लापरवाह हो गए हैं' कि वे 'किसी एक व्यक्ति या समूह के अस्तित्व को बचाने के लिए दुनिया भर में टकराव पैदा कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस प्रक्रिया में 'भारी संसाधनों का नुकसान' और 'कई देशों को गंभीर मुश्किलों में धकेलने' से भी इजरायल को कोई परहेज नहीं है।

होर्मुज जलडमरूमध्य और तेल कीमतों पर असर

अमेरिका-ईरान के बीच तनाव और उसके कारण कच्चे तेल के दामों में वृद्धि तथा भारतीय बाजार में आई गिरावट के संदर्भ में मोतलाघ ने कहा, 'यह बिल्कुल स्पष्ट है। अगर आप इस हमले से पहले की स्थिति को देखें तो होर्मुज पूरी तरह से खुला था, बिना किसी प्रतिबंध के।' उन्होंने बताया कि जब ईरान प्रतिबंधों के अधीन था, तब भी अन्य देश होर्मुज का अधिकतम उपयोग कर रहे थे, जबकि ईरान ने संयम बरता और जलमार्ग में कोई बाधा नहीं डाली।

इजरायल का पक्ष और जांच

गौरतलब है कि इजरायल ने दावा किया है कि शुरुआती जांच के अनुसार ओमानी को-पायलट के ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) से संबंध थे और यह एक आतंकी हमला था। इस दावे को ईरानी राजनयिक ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि परिस्थितियों का अध्ययन करने पर यह स्पष्ट होता है कि 'इस पूरी घटना के इजरायल द्वारा ही रचे जाने की प्रबल संभावना है।'

भारत पर असर और आगे की स्थिति

मोतलाघ ने क्षेत्रीय अस्थिरता के भारत पर पड़ने वाले प्रभाव का भी उल्लेख किया और कहा कि करीब सात महीने पहले इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान पर हुए हमले के परिणाम 'भारत जैसे देश के लिए भी' नुकसानदेह रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर दबाव की आशंका लगातार बनी हुई है। भारत, जो अपनी ऊर्जा ज़रूरतों के लिए खाड़ी क्षेत्र पर निर्भर है, इस भू-राजनीतिक उथल-पुथल से सीधे प्रभावित होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह चिंताजनक है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर यह चूक जाती है कि ऐसे बयान स्वयं एक कूटनीतिक संदेश हैं — न केवल सूचना।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फ्लाईदुबई फ्लाइट घटना क्या थी?
फ्लाईदुबई की एक उड़ान में कथित तौर पर सुरक्षा संबंधी घटना घटी, जिसमें भारतीय पायलट स्मित मच्छर ने सूझबूझ से यात्रियों की जानें बचाईं। इजरायल ने इसे आतंकी हमला करार दिया है, जबकि ईरान ने इसे इजरायल की पूर्वनियोजित साजिश बताया है।
ईरान के कॉन्सल जनरल ने इजरायल पर क्या आरोप लगाया?
मुंबई में ईरान के कॉन्सल जनरल सईद रजा मोसायेब मोतलाघ ने कथित तौर पर दावा किया कि यह पूरी घटना इजरायल में प्रधानमंत्री पद के चुनाव से ठीक पहले टकराव पैदा करने के लिए इजरायल द्वारा ही रची गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि घटना से एक दिन पहले नेतन्याहू ने 'कुछ होने की संभावना' का संकेत देने वाला बयान जारी किया था।
भारतीय पायलट स्मित मच्छर को लेकर ईरान ने क्या कहा?
ईरानी राजनयिक मोतलाघ ने पायलट स्मित मच्छर की तारीफ करते हुए कहा कि मानव जीवन बचाना — चाहे कोई भी हो — सराहनीय है और पायलट ने अपनी सूझबूझ से सैकड़ों जानें बचाईं।
इजरायल का इस घटना के बारे में क्या कहना है?
इजरायल ने दावा किया है कि शुरुआती जांच के अनुसार ओमानी को-पायलट के ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) से संबंध थे और यह एक आतंकी हमले की घटना थी। इजरायल ने यह भी कहा है कि वह आतंकवाद को खत्म करने के लिए आगे भी कार्रवाई करेगा।
इस घटना का भारत पर क्या असर पड़ सकता है?
अमेरिका-ईरान तनाव के चलते कच्चे तेल के दामों में उछाल और होर्मुज जलडमरूमध्य की आपूर्ति पर अनिश्चितता भारतीय बाजार और ऊर्जा आयात को प्रभावित कर सकती है। ईरानी राजनयिक ने स्वयं भी भारत सहित कई देशों पर इस क्षेत्रीय अस्थिरता के नकारात्मक आर्थिक परिणामों का उल्लेख किया।
राष्ट्र प्रेस
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