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नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार को इजरायली स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का न्योता दिया

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नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार को इजरायली स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का न्योता दिया

सारांश

कॉकपिट में सह-पायलट के हमले के बाद सैकड़ों यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को इजरायली PM नेतन्याहू ने स्वतंत्रता दिवस मशाल जलाने का न्योता दिया — एक सम्मान जो परंपरागत रूप से केवल इजरायली नागरिकों को मिलता है।

मुख्य बातें

इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार देर रात भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से बात कर उन्हें इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने का आमंत्रण दिया।
यह सम्मान परंपरागत रूप से केवल इजरायली नागरिकों के लिए आरक्षित होता है, जिससे यह निमंत्रण अत्यंत दुर्लभ है।
कैप्टन मच्छार ने बुधवार को फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में सह-पायलट के हमले के बाद गंभीर चोटें झेलते हुए दरवाज़ा खोला और यात्रियों की जान बचाई।
दुबई क्राउन प्रिंस हमदान बिन मोहम्मद ने शनिवार को अस्पताल में कैप्टन मच्छार से मुलाकात कर उनके साहस की प्रशंसा की।
भारतीय दूतावास (यूएई) ने कहा कि कैप्टन मच्छार की हालत में सुधार हो रहा है और हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार देर रात बहादुर भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से सीधी बातचीत की और उन्हें इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया। इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह निमंत्रण उस असाधारण साहस की पहचान में दिया गया जो कैप्टन मच्छार ने बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 पर जानलेवा हमले के बाद दिखाया था।

नेतन्याहू का विशेष सम्मान

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार से कहा, 'मैं चाहूंगा कि कैप्टन स्मित और पीएम मोदी हमारे स्वतंत्रता दिवस पर जश्न की लौ थामे रहें। यह हमारा सबसे बड़ा सम्मान है। हम आमतौर पर इसे इजरायली नागरिकों के लिए रखते हैं, लेकिन इस मामले में इजरायल के सभी नागरिक आपको गले लगाएंगे।' इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल प्रज्ज्वलन परंपरागत रूप से केवल इजरायली नागरिकों के लिए आरक्षित होता है, जिससे यह निमंत्रण अत्यंत असाधारण कूटनीतिक संकेत बन जाता है।

कॉकपिट में हमला और कैप्टन मच्छार का साहस

वर्तमान में दुबई में कार्यरत कैप्टन स्मित मच्छार ने बुधवार को एक गंभीर संकट का सामना किया, जब दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के कॉकपिट में उनके सह-पायलट ने उन पर हमला किया। गंभीर चोटें झेलने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे यात्री और क्रू मेंबर समय पर हस्तक्षेप कर सके और बड़ा हादसा टल गया। उनके इस साहसिक कदम ने विमान में सवार सैकड़ों यात्रियों की जान बचाई।

यूएई के क्राउन प्रिंस की मुलाकात और सराहना

इससे पहले दुबई के क्राउन प्रिंस और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उप प्रधानमंत्री हमदान बिन मोहम्मद ने शनिवार को कैप्टन मच्छार से अस्पताल में मुलाकात कर उनके साहस की प्रशंसा की। मुलाकात के बाद उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'कैप्टन स्मित मच्छार से मुलाकात की। फ्लाईदुबई के इस पायलट ने साहस और जिम्मेदारी की सर्वोच्च मिसाल पेश की। हमारी ओर से और देश के नेतृत्व की ओर से उन्हें पूरा सम्मान और प्रशंसा। हमें गर्व है कि वह हमारी टीम का हिस्सा हैं।'

स्वास्थ्य और भारतीय दूतावास की भूमिका

यूएई स्थित भारतीय दूतावास ने पहले बताया था कि कैप्टन मच्छार की हालत में सुधार हो रहा है। भारतीय मिशन ने कहा कि वह उनके परिवार और स्थानीय अधिकारियों के निरंतर संपर्क में हैं और उनके इलाज व शीघ्र स्वस्थ होने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

भारत-इजरायल संबंधों पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब भारत और इजरायल के बीच रणनीतिक और राजनयिक संबंध मजबूत हो रहे हैं। एक गैर-इजरायली नागरिक को स्वतंत्रता दिवस की मशाल सौंपने का प्रस्ताव इतिहास में अत्यंत दुर्लभ है। आलोचकों का कहना है कि इस घटनाक्रम ने भारतीय पेशेवरों की खाड़ी और पश्चिमी एशिया में बढ़ती भूमिका को एक नया आयाम दिया है। गौरतलब है कि यह घटना भारत-यूएई और भारत-इजरायल दोनों रिश्तों के लिए एक साथ मानवीय कूटनीति का दुर्लभ उदाहरण बनकर सामने आई है। आने वाले दिनों में भारत सरकार की प्रतिक्रिया और कैप्टन मच्छार की स्वदेश वापसी पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यूएई और इजरायल के बीच तेज़ी से गहरी हो रही है। जो बात मुख्यधारा की कवरेज अक्सर चूक जाती है वह यह है कि यूएई और इजरायल दोनों ने एक साथ एक भारतीय नागरिक को सर्वोच्च सम्मान देना चुना — यह अब्राहम समझौते के बाद बनी नई क्षेत्रीय धुरी में भारत की बढ़ती केंद्रीयता का संकेत है। साथ ही यह घटना खाड़ी में कार्यरत लाखों भारतीय पेशेवरों के योगदान को अंतरराष्ट्रीय मान्यता दिलाने का दुर्लभ अवसर भी है।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का क्या महत्व है?
इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाना देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक माना जाता है, जो परंपरागत रूप से केवल इजरायली नागरिकों को दिया जाता है। किसी विदेशी नागरिक को यह निमंत्रण मिलना अत्यंत दुर्लभ और असाधारण है।
कैप्टन स्मित मच्छार ने फ्लाईदुबई फ्लाइट पर क्या किया था?
बुधवार को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में उनके सह-पायलट ने उन पर हमला किया। गंभीर चोटों के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे यात्री और क्रू मेंबर हस्तक्षेप कर सके और बड़ा हादसा टल गया।
दुबई के क्राउन प्रिंस हमदान ने कैप्टन मच्छार के बारे में क्या कहा?
दुबई क्राउन प्रिंस हमदान बिन मोहम्मद ने शनिवार को कैप्टन मच्छार से अस्पताल में मुलाकात की और एक्स पर लिखा कि उन्होंने 'साहस और जिम्मेदारी की सर्वोच्च मिसाल पेश की।' उन्होंने यह भी कहा कि पूरे देश के नेतृत्व की ओर से कैप्टन को पूरा सम्मान और प्रशंसा दी जाती है।
कैप्टन स्मित मच्छार की स्वास्थ्य स्थिति अभी कैसी है?
यूएई स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, कैप्टन मच्छार की हालत में सुधार हो रहा है। भारतीय मिशन उनके परिवार और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है और उनके इलाज व जल्द स्वस्थ होने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जा रहा है।
नेतन्याहू का यह निमंत्रण भारत-इजरायल संबंधों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
किसी भारतीय नागरिक को इजरायल के सर्वोच्च राष्ट्रीय समारोह में मशाल जलाने का अवसर देना दोनों देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक और मानवीय साझेदारी का प्रतीक है। यह भारत-यूएई-इजरायल त्रिपक्षीय संबंधों में भारतीय नागरिकों की बढ़ती पहचान को भी रेखांकित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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