तेल अवीव में भारतीय राजदूत जेपी सिंह ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को किया सलाम
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय राजदूत जेपी सिंह ने 2 अक्टूबर 2026 को तेल अवीव में आयोजित इंडिया-इजरायल फेस्टिवल और भारतीय यहूदियों के नेशनल कन्वेंशन में कैप्टन स्मित मच्छार के असाधारण साहस की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। कैप्टन मच्छार ने फ्लाईदुबई फ्लाइट एफजेड1073 में सवार 174 यात्रियों की जान बचाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। राजदूत सिंह ने उनके शीघ्र और पूर्ण स्वास्थ्य-लाभ की भी कामना की।
कार्यक्रम में दी गई श्रद्धांजलि
भारतीय दूतावास, इजरायल के आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर इस सम्मेलन की जानकारी साझा की गई। दूतावास की पोस्ट में लिखा गया, 'कैप्टन स्मित मच्छर को दिल से सलाम! राजदूत जेपी सिंह ने कैप्टन स्मित मच्छार के साहस और बहादुरी की जमकर तारीफ की।' राजदूत ने कहा कि कैप्टन मच्छार की बहादुरी ने पूरे इजरायल और दुनिया को गौरवान्वित किया है।
इजरायली महावाणिज्यदूत की सराहना
इजरायल के महावाणिज्यदूत (मध्य-पश्चिम भारत) याविन रेवाच ने फ्लाईदुबई विमान में हुई घटना को 'बेहद चौंकाने वाला' बताया और कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की जोरदार सराहना की। रेवाच ने कहा, 'कैप्टन स्मित ने एक सुपरहीरो की तरह जान जोखिम में डालकर यात्रियों की रक्षा की और उनका साहस भारत-इजरायल दोस्ती की असल भावना को दर्शाता है।'
रेवाच ने यह भी कहा, 'मासूम यात्री इस उम्मीद के साथ विमान में सवार हुए थे कि वे सुरक्षित अपने परिवारों तक पहुँचेंगे, लेकिन इसके बजाय उनकी जान खतरे में पड़ गई। इजरायलियों को संदेश बिल्कुल स्पष्ट है — आतंक और भय को उनकी जिंदगी पर हावी नहीं होने दिया जाएगा।'
174 यात्रियों की जान बचाने वाली घटना
कैप्टन स्मित मच्छार उस समय सुर्खियों में आए जब फ्लाईदुबई फ्लाइट एफजेड1073 में एक संकटपूर्ण स्थिति उत्पन्न हुई और विमान में सवार 174 यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई। कैप्टन मच्छार ने असाधारण साहस और कौशल का परिचय देते हुए उन्हें सुरक्षित बचाने में सहायता की। रेवाच के अनुसार, उन्होंने 'केवल यात्रियों को नहीं बचाया, बल्कि पिता, माँ और बच्चों समेत कई परिवारों को एक बड़ी त्रासदी से बचाने का काम किया।'
भारत-इजरायल संबंधों का मानवीय पहलू
यह कार्यक्रम ऐसे समय में आयोजित हुआ जब भारत और इजरायल के बीच द्विपक्षीय संबंध कई मोर्चों पर मज़बूती से आगे बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि भारतीय यहूदियों के नेशनल कन्वेंशन जैसे आयोजन दोनों देशों के लोगों के बीच सांस्कृतिक और भावनात्मक सेतु का काम करते हैं। कैप्टन मच्छार की वीरता को इस मंच पर सम्मान दिए जाने से यह संदेश प्रबल हुआ है कि साहस और मानवता की कोई सरहद नहीं होती। आने वाले दिनों में कैप्टन मच्छार के स्वास्थ्य-लाभ और उनकी सेवाओं को लेकर और भी आधिकारिक सम्मान की संभावना जताई जा रही है।