कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी: इजरायली राजदूत रूवेन अजार बोले — 'आतंक से मिलकर लड़ने की बेहतरीन मिसाल'
सारांश
मुख्य बातें
भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में दिए एक विशेष साक्षात्कार में फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की जोरदार सराहना की। अजार ने कहा कि मध्य-हवाई हमले को नाकाम करने का यह साहसिक कृत्य इस बात की 'बेहतरीन मिसाल' है कि किस तरह लोग और सरकारें मिलकर आतंकवाद का सामना कर सकते हैं।
मध्य-हवाई संकट: घटनाक्रम
बुधवार को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में 170 से अधिक यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान को-पायलट ने विमान को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की और बाद में उसे रोकने का प्रयास कर रहे कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। उस समय बोइंग 737 विमान लगभग 34,000 फीट की ऊँचाई पर था।
को-पायलट के हस्तक्षेप के चलते विमान करीब 23,000 फीट प्रति मिनट की तेज रफ्तार से नीचे गिरने लगा और 15,600 फीट तक जा पहुँचा। हालाँकि, मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी — उन्होंने को-पायलट को काबू में किया, कॉकपिट का दरवाज़ा खोला और यात्रियों तथा क्रू सदस्यों की मदद से स्थिति को नियंत्रण में लाया।
राजदूत अजार का बयान
अजार ने कहा, '...हम जानते हैं कि आतंकवाद से लड़ने के लिए सिर्फ सरकारों का मिलकर काम करना काफी नहीं है। यह ज़रूरी है कि लोग भी मिलकर काम करें, जैसा कि हमने बुधवार को देखा। मुझे लगता है कि यह एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे आतंकवादियों के सामने घुटने न टेककर और व्यक्तिगत स्तर पर मिलजुलकर अपना भविष्य तय कर सकते हैं। और जो कल हुआ, वो ठीक ऐसा ही हुआ।'
यह ऐसे समय में आया है जब भारत-इजरायल के बीच रक्षा और आतंकवाद-रोधी सहयोग पहले से मज़बूत हो रहा है। गौरतलब है कि दोनों देशों की एजेंसियाँ आतंकी खतरों पर नियमित सूचना साझा करती हैं।
भारत-इजरायल आतंकवाद-रोधी सहयोग
जब अजार से पूछा गया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना पर बात की है, तो उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता कि इस समय नेताओं ने एक-दूसरे से बात की है या नहीं। लेकिन हम लगातार संपर्क में हैं। हमारी आतंकवाद-रोधी एजेंसियाँ लगातार बातचीत कर रही हैं, और मुझे यकीन है कि चाहे उच्चतम स्तर पर हो, या मध्यम और ऑपरेशनल स्तर पर, हम जानकारी साझा करेंगे और मिलकर काम करना जारी रखेंगे।'
एक्स पर प्रार्थना और 180 जानें बचीं
अजार ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, 'इजरायल, भारत और यूएई के साथ मिलकर, मैं फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के अनुभवी और काबिल भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की सलामती के लिए प्रार्थना करता हूँ। उनकी और दूसरे इजरायली व अमीराती यात्रियों और क्रू सदस्यों की हिम्मत ने 180 लोगों की जान बचाई।'
यह घटना नागरिक उड्डयन सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि को-पायलट द्वारा खुद ही विमान को खतरे में डालने का मामला बेहद दुर्लभ है। आने वाले दिनों में जाँच एजेंसियों की रिपोर्ट से घटना की पूरी परिस्थितियाँ सामने आने की उम्मीद है।