1 अक्टूबर 2026
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कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी: इजरायली राजदूत रूवेन अजार बोले — 'आतंक से मिलकर लड़ने की बेहतरीन मिसाल'

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कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी: इजरायली राजदूत रूवेन अजार बोले — 'आतंक से मिलकर लड़ने की बेहतरीन मिसाल'

सारांश

फ्लाईदुबई FZ1073 में को-पायलट के मध्य-हवाई हमले को नाकाम कर 180 जानें बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने जमकर तारीफ की — कहा, यह आतंकवाद से मिलकर लड़ने की बेहतरीन मिसाल है।

मुख्य बातें

इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में दिए साक्षात्कार में कैप्टन स्मित मच्छार को 'आतंक से लड़ने की बेहतरीन मिसाल' बताया।
फ्लाईदुबई FZ1073 में को-पायलट ने 34,000 फीट की ऊँचाई पर विमान को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की और कैप्टन पर हमला किया।
विमान 23,000 फीट प्रति मिनट की दर से गिरकर 15,600 फीट तक आ गया था, जिसे मच्छार ने संभाला।
कैप्टन मच्छार की बहादुरी से 170 से अधिक यात्रियों सहित 180 लोगों की जान बची।
अजार ने बताया कि भारत-इजरायल की आतंकवाद-रोधी एजेंसियाँ इस घटना पर लगातार संपर्क में हैं।

भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में दिए एक विशेष साक्षात्कार में फ्लाईदुबई फ्लाइट FZ1073 के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की जोरदार सराहना की। अजार ने कहा कि मध्य-हवाई हमले को नाकाम करने का यह साहसिक कृत्य इस बात की 'बेहतरीन मिसाल' है कि किस तरह लोग और सरकारें मिलकर आतंकवाद का सामना कर सकते हैं।

मध्य-हवाई संकट: घटनाक्रम

बुधवार को फ्लाईदुबई की फ्लाइट में 170 से अधिक यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान को-पायलट ने विमान को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की और बाद में उसे रोकने का प्रयास कर रहे कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। उस समय बोइंग 737 विमान लगभग 34,000 फीट की ऊँचाई पर था।

को-पायलट के हस्तक्षेप के चलते विमान करीब 23,000 फीट प्रति मिनट की तेज रफ्तार से नीचे गिरने लगा और 15,600 फीट तक जा पहुँचा। हालाँकि, मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी — उन्होंने को-पायलट को काबू में किया, कॉकपिट का दरवाज़ा खोला और यात्रियों तथा क्रू सदस्यों की मदद से स्थिति को नियंत्रण में लाया।

राजदूत अजार का बयान

अजार ने कहा, '...हम जानते हैं कि आतंकवाद से लड़ने के लिए सिर्फ सरकारों का मिलकर काम करना काफी नहीं है। यह ज़रूरी है कि लोग भी मिलकर काम करें, जैसा कि हमने बुधवार को देखा। मुझे लगता है कि यह एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे आतंकवादियों के सामने घुटने न टेककर और व्यक्तिगत स्तर पर मिलजुलकर अपना भविष्य तय कर सकते हैं। और जो कल हुआ, वो ठीक ऐसा ही हुआ।'

यह ऐसे समय में आया है जब भारत-इजरायल के बीच रक्षा और आतंकवाद-रोधी सहयोग पहले से मज़बूत हो रहा है। गौरतलब है कि दोनों देशों की एजेंसियाँ आतंकी खतरों पर नियमित सूचना साझा करती हैं।

भारत-इजरायल आतंकवाद-रोधी सहयोग

जब अजार से पूछा गया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके इजरायली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना पर बात की है, तो उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता कि इस समय नेताओं ने एक-दूसरे से बात की है या नहीं। लेकिन हम लगातार संपर्क में हैं। हमारी आतंकवाद-रोधी एजेंसियाँ लगातार बातचीत कर रही हैं, और मुझे यकीन है कि चाहे उच्चतम स्तर पर हो, या मध्यम और ऑपरेशनल स्तर पर, हम जानकारी साझा करेंगे और मिलकर काम करना जारी रखेंगे।'

एक्स पर प्रार्थना और 180 जानें बचीं

अजार ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, 'इजरायल, भारत और यूएई के साथ मिलकर, मैं फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के अनुभवी और काबिल भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की सलामती के लिए प्रार्थना करता हूँ। उनकी और दूसरे इजरायली व अमीराती यात्रियों और क्रू सदस्यों की हिम्मत ने 180 लोगों की जान बचाई।'

यह घटना नागरिक उड्डयन सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि को-पायलट द्वारा खुद ही विमान को खतरे में डालने का मामला बेहद दुर्लभ है। आने वाले दिनों में जाँच एजेंसियों की रिपोर्ट से घटना की पूरी परिस्थितियाँ सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिस पर पर्याप्त ध्यान दिया जाना चाहिए। यह सवाल भी उठता है कि क्या मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्क्रीनिंग और मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन प्रोटोकॉल ऐसे अंदरूनी खतरों से निपटने के लिए पर्याप्त हैं।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कैप्टन स्मित मच्छार ने फ्लाईदुबई FZ1073 में क्या किया?
कैप्टन स्मित मच्छार ने बुधवार को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में को-पायलट द्वारा विमान को नुकसान पहुँचाने और उन पर हमला करने की कोशिश को नाकाम किया। उन्होंने को-पायलट को काबू में किया, कॉकपिट का दरवाज़ा खोला और यात्रियों व क्रू की मदद से 180 लोगों की जान बचाई।
इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने कैप्टन स्मित के बारे में क्या कहा?
इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने कहा कि यह घटना आतंकवाद के सामने घुटने न टेकने और व्यक्तिगत स्तर पर मिलजुलकर लड़ने की 'बेहतरीन मिसाल' है। उन्होंने एक्स पर भी कैप्टन मच्छार की सलामती के लिए प्रार्थना की।
फ्लाईदुबई FZ1073 में को-पायलट ने क्या किया था?
को-पायलट ने उड़ान के दौरान विमान को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की और उसे रोकने वाले कैप्टन स्मित पर हमला किया। इसके चलते विमान 34,000 फीट से गिरकर 15,600 फीट तक आ गया था।
क्या पीएम मोदी और नेतन्याहू ने इस घटना पर बात की?
इजरायली राजदूत अजार के अनुसार उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है कि दोनों नेताओं ने इस घटना पर सीधे बात की है या नहीं। हालाँकि, उन्होंने बताया कि दोनों देशों की आतंकवाद-रोधी एजेंसियाँ लगातार संपर्क में हैं।
इस घटना में कितने लोगों की जान बची?
कैप्टन स्मित मच्छार और यात्रियों व क्रू सदस्यों की सामूहिक हिम्मत से 180 लोगों की जान बची। फ्लाईदुबई की उस फ्लाइट में 170 से अधिक यात्री सवार थे।
राष्ट्र प्रेस
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