कैप्टन स्मित मच्छार को इजरायल देगा सर्वोच्च नागरिक वीरता पुरस्कार, अमेरिकी कांग्रेसनल रिकॉर्ड में भी दर्ज होगा साहस
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई फ्लाइट एफजेड 1073 में कुल्हाड़ी से हुए हमले के बावजूद 172 यात्रियों और चालक दल की जान बचाने के अदम्य साहस के लिए इजरायल ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म' से नवाज़ने की घोषणा की है। इसके साथ ही अमेरिका की प्रतिनिधि सभा के कांग्रेसनल रिकॉर्ड में भी उनकी वीरता को आधिकारिक रूप से दर्ज किया जाएगा।
इजरायल के राष्ट्रपति ने की पुरस्कार की घोषणा
भारत में इजरायली दूतावास ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के ज़रिये इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग की घोषणा की जानकारी साझा की। पोस्ट में कहा गया, 'कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी और साहस ने एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की। स्वस्थ होने के बाद राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग उन्हें इजरायल का राष्ट्रपति नागरिक वीरता पुरस्कार प्रदान करेंगे। हम उनके जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना करते हैं। धन्यवाद, कैप्टन। इजरायल आपकी बहादुरी को सलाम करता है।' यह पुरस्कार इजरायल में नागरिकों को दिया जाने वाला सर्वोच्च वीरता सम्मान है।
अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने की कांग्रेसनल रिकॉर्ड में दर्ज करने की पहल
भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने घोषणा की कि वह अमेरिकी कांग्रेस के आधिकारिक रिकॉर्ड में कैप्टन मच्छार के साहस की सराहना करते हुए एक बयान दर्ज कराएंगे। उन्होंने अपने साथी सांसदों से भी इस वीरता को सम्मान देने की अपील की। कृष्णमूर्ति ने कहा, 'फ्लाइट एफजेड 1073 में मौजूद हर व्यक्ति के पीछे एक परिवार है, जिसे एक अकल्पनीय दुख से बचा लिया गया। कैप्टन मच्छार ने हार नहीं मानी और इसी वजह से विमान में मौजूद यात्री और चालक दल अपने प्रियजनों के पास सुरक्षित लौट सके।'
क्या हुआ था उस रात — घटना का पूरा विवरण
30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई फ्लाइट एफजेड 1073 में कथित तौर पर सह-पायलट ने कैप्टन मच्छार पर कुल्हाड़ी से हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। सांसद कृष्णमूर्ति के बयान के अनुसार, इस दौरान विमान महज़ 30 सेकंड में लगभग 16,000 फीट नीचे आ गया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार किसी तरह कॉकपिट के दरवाज़े तक पहुंचे और उसे खोलने में सफल रहे, जिससे यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला।
इसके बाद विमान में यात्रा कर रहे फ्लाईदुबई के दो रिज़र्व पायलटों ने कमान संभाली और विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबूक में उतारा। विमान में 172 यात्री सवार थे, जिनमें 4 अमेरिकी नागरिक और 27 बच्चे शामिल थे।
कैप्टन मच्छार — 17 साल का उड़ान अनुभव
भारतीय नागरिक कैप्टन स्मित मच्छार के पास उड़ान संचालन का 17 वर्षों का अनुभव है, जिसमें 11 वर्ष कप्तान के रूप में शामिल हैं। सांसद कृष्णमूर्ति ने कहा कि जानलेवा हमले का सामना करने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने विमान में मौजूद सभी लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। गंभीर चोटों के बाद भी उन्होंने अपने वर्षों के अनुभव के बल पर यह भांप लिया कि विमान गंभीर खतरे में है, और उन्होंने हिम्मत जुटाकर कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने का निर्णायक कदम उठाया।
आगे क्या होगा
इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग द्वारा कैप्टन मच्छार को पुरस्कार उनके पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद प्रदान किया जाएगा। यह घटना इस बात की भी याद दिलाती है कि विमानन सुरक्षा, कॉकपिट प्रोटोकॉल और क्रू मेंबर की मानसिक जांच के संदर्भ में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर पुनर्विचार की ज़रूरत है। कैप्टन मच्छार की वीरता न केवल भारत के लिए, बल्कि वैश्विक विमानन बिरादरी के लिए भी गर्व का विषय बन गई है।