इजरायल के राष्ट्रपति हर्जोग ने कैप्टन स्मित मच्छार को प्रशंसा पत्र भेजा, यरुशलम आने का न्योता दिया
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने 10 अक्टूबर 2026 को भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को एक विशेष प्रशंसा पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई के विमान को सुरक्षित उतारने और सैकड़ों यात्रियों को बड़ी तबाही से बचाने में कैप्टन मच्छार की असाधारण बहादुरी के लिए इजरायल की गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे कैप्टन मच्छार को यह पत्र उनकी रिकवरी के दौरान प्राप्त हुआ।
पत्र में क्या कहा राष्ट्रपति हर्जोग ने
राष्ट्रपति हर्जोग ने अपने पत्र में कैप्टन मच्छार के जज़्बे और मानसिक दृढ़ता की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए लिखा, 'दर्द से ऊपर उठने, अपने जीवन के लिए तत्काल खतरे से लड़ने और सही निर्णय लेने की ताकत खोजने की आपकी क्षमता आपके चरित्र की मजबूती और आपके अंदर मौजूद महान शौर्य को दर्शाती है।' उन्होंने गंभीर संकट के क्षण में कैप्टन मच्छार द्वारा दिखाए गए संयम को असाधारण बताया।
पत्र में राष्ट्रपति ने यह भी उल्लेख किया कि कैप्टन मच्छार संयुक्त अरब अमीरात में उत्कृष्ट चिकित्सा देखभाल में हैं और उनके शीघ्र व पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की।
यरुशलम आने का विशेष निमंत्रण
राष्ट्रपति हर्जोग ने पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद कैप्टन मच्छार को यरुशलम आने का व्यक्तिगत निमंत्रण दिया। उन्होंने लिखा, 'मैं ताकत हासिल करने के बाद यरूशलम में आपका स्वागत करने और हमारे कृतज्ञ राष्ट्र के आभार और प्रेम को व्यक्त करने के लिए उत्सुक हूं।' इससे पहले इस सप्ताह के आरंभ में राष्ट्रपति हर्जोग ने एक समारोह के दौरान यह भी घोषणा की थी कि वे कैप्टन मच्छार को असैन्य वीरता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार प्रदान करेंगे।
भारत-इजरायल के ऐतिहासिक बंधन से जोड़ा
राष्ट्रपति हर्जोग ने कैप्टन मच्छार की वीरता को भारत और इजरायल के बीच की ऐतिहासिक मित्रता के व्यापक संदर्भ में भी रखा। उन्होंने उन भारतीय सैनिकों को याद किया जिन्होंने एक सदी से भी अधिक पहले पवित्र भूमि की मुक्ति के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया था। हर्जोग ने लिखा, 'आपकी वीरता आपको भारतीय सैनिकों की प्रतिष्ठित पंक्ति में रखती है, जिन्होंने 100 साल से भी अधिक समय पहले पवित्र भूमि के शहरों को आजाद कराने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली थी और हमेशा के लिए इजरायल के इतिहास का हिस्सा बन गए।'
उन्होंने आगे कहा, 'आप भी, कैप्टन मच्छार, अब से हमारे लोगों के इतिहास का एक अनमोल हिस्सा रहेंगे, जो भारत गणराज्य और इजरायल के बीच गर्मजोशी और जुड़ाव को और बढ़ाएगा।'
राष्ट्रपति पुरस्कार की घोषणा और उड़ान की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि इसी सप्ताह उड़ान में सवार छह इजरायली नागरिकों को असैन्य वीरता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उस समारोह में राष्ट्रपति हर्जोग ने स्पष्ट किया था कि कैप्टन मच्छार को भी उनके स्वस्थ होने के बाद यही सम्मान प्रदान किया जाएगा।
30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई के विमान में संकट के दौरान कैप्टन मच्छार ने गंभीर चोटों के बावजूद विमान को सुरक्षित उतारा था, जिससे उड़ान में सवार सभी यात्रियों की जान बची। यह घटना भारत-इजरायल संबंधों में एक नया और भावनात्मक अध्याय जोड़ती है।
आगे क्या होगा
कैप्टन मच्छार की रिकवरी पूर्ण होने पर उन्हें यरुशलम में राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया जाएगा, जहाँ औपचारिक रूप से राष्ट्रपति पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। यह यात्रा भारत और इजरायल के बीच कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने का एक प्रतीकात्मक अवसर बनने की संभावना है।