22 अक्टूबर 2026
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नेतन्याहू ने PM मोदी को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता, कैप्टन स्मित मच्छार भी होंगे साथ

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नेतन्याहू ने PM मोदी को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने का दिया न्योता, कैप्टन स्मित मच्छार भी होंगे साथ

सारांश

इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने PM मोदी को फोन कर इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर 'वीर भारतीय पायलट' कैप्टन स्मित मच्छार के साथ मशाल जलाने का आमंत्रण दिया — एक ऐसा सम्मान जो आमतौर पर केवल इजरायली नागरिकों को मिलता है। फ्लाईदुबई हमले में 170 यात्रियों की जान बचाने वाले कैप्टन मच्छार अब भारत-इजरायल साझेदारी के जीते-जागते प्रतीक बन गए हैं।

मुख्य बातें

इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने 22 अक्टूबर 2026 को PM नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की।
नेतन्याहू ने मोदी को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में कैप्टन स्मित मच्छार के साथ मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया।
कैप्टन मच्छार ने 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान में सह-पायलट के हमले के दौरान 170 से अधिक यात्रियों की जान बचाई थी।
नेतन्याहू ने पहली बार 3 अक्टूबर को कैप्टन मच्छार को यही निमंत्रण दिया था और उन्हें 'पूरी दुनिया का सच्चा नायक' बताया था।
दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति और क्षेत्र में शांति की आवश्यकता पर भी चर्चा की।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 22 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की और उन्हें इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के साथ मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया। नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार को 'भारत का वीर पायलट' बताते हुए यह निमंत्रण भारत-इजरायल संबंधों की मजबूती के प्रतीक के रूप में दिया।

फोन पर किन विषयों पर हुई चर्चा

दोनों नेताओं ने बातचीत के दौरान भारत-इजरायल द्विपक्षीय संबंधों में जारी गति की समीक्षा की और साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। इसके अलावा, पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बहाल करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का फोन आया। हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों में जारी गति की समीक्षा की और साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। हमने पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बहाल करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया।'

नेतन्याहू ने भी एक्स पर लिखा कि उन्होंने अपने मित्र और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और उन्हें इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर वीर भारतीय पायलट के साथ मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी ने निमंत्रण के लिए आभार जताया और बताया कि भारत तथा इजरायल जमीन और आसमान, दोनों जगह आतंकवाद से मिलकर लड़ते हैं।

कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार और क्या हुआ था उस दिन

कैप्टन स्मित मच्छार 30 सितंबर 2026 को तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान में ओमानी सह-पायलट के हमले के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आरोप है कि सह-पायलट ने विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की थी।

इस संकटपूर्ण स्थिति में कैप्टन मच्छार ने हमलावर का मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे चालक दल के अन्य सदस्यों और यात्रियों को हमलावर को काबू करने का मौका मिला। विमान में 170 से अधिक लोग सवार थे और उनकी सूझबूझ से एक बड़ी त्रासदी टल गई।

नेतन्याहू का पहला निमंत्रण और सम्मान की पृष्ठभूमि

इससे पहले 3 अक्टूबर 2026 को नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार से सीधे फोन पर बात की थी और उन्हें 'भारत, इजरायल तथा पूरी दुनिया का सच्चा नायक' बताया था। उस बातचीत में भी उन्होंने कैप्टन मच्छार और प्रधानमंत्री मोदी को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया था।

नेतन्याहू ने उस बातचीत में कहा था, 'मैं आपको और अपने प्रिय मित्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हमारे अगले स्वतंत्रता दिवस पर समारोह की मशाल जलाने के लिए आमंत्रित करना चाहता हूँ। आप भारत और इजरायल के बहादुर लोगों के सच्चे नायक हैं और पूरी दुनिया के भी नायक हैं।' गौरतलब है कि यह सम्मान आमतौर पर इजरायली नागरिकों को दिया जाता है, लेकिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया था कि इजरायल के लोग कैप्टन मच्छार को भी अपनाते हैं।

भारत-इजरायल संबंधों पर असर

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत और इजरायल के कूटनीतिक रिश्ते नई गहराई की ओर बढ़ रहे हैं। नेतन्याहू ने दोनों देशों के बीच के संबंधों को 'साहसी और लंबे समय से चले आ रहे' बताते हुए इनकी सराहना की।

विशेषज्ञों का मानना है कि एक भारतीय नागरिक को इजरायल के राष्ट्रीय समारोह में इस तरह केंद्रीय भूमिका देना एक असाधारण कूटनीतिक संकेत है, जो दोनों देशों की आतंकवाद-विरोधी साझेदारी को एक नया आयाम देता है।

आगे क्या होगा

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में व्यक्तिगत रूप से शामिल होंगे या नहीं। कैप्टन स्मित मच्छार के स्वास्थ्य की स्थिति और उनकी यात्रा की संभावना पर भी नज़र बनी हुई है। दोनों देशों के बीच इस उच्च-स्तरीय संपर्क से आने वाले हफ्तों में द्विपक्षीय बैठकों की संभावना बढ़ गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके कूटनीतिक निहितार्थ गहरे हैं — यह भारत-इजरायल रक्षा और आतंकवाद-विरोधी साझेदारी को एक लोकप्रिय प्रतीक देने की सोची-समझी कोशिश है। नेतन्याहू का यह कदम ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में भारत की 'रणनीतिक तटस्थता' पर सवाल उठते रहे हैं। इजरायल के साथ इस तरह की भावनात्मक कूटनीति भारत की उस बहुआयामी विदेश नीति को परखती है जो एक साथ अरब देशों और इजरायल दोनों से संबंध बनाए रखने की कोशिश करती है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूकती है वह यह है कि यह निमंत्रण केवल सम्मान नहीं — यह एक कूटनीतिक संकेत है जिसका जवाब मोदी की उपस्थिति या अनुपस्थिति से मिलेगा।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेतन्याहू ने PM मोदी को किस समारोह के लिए आमंत्रित किया है?
नेतन्याहू ने PM मोदी को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के साथ मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया है। यह सम्मान आमतौर पर केवल इजरायली नागरिकों को दिया जाता है।
कैप्टन स्मित मच्छार कौन हैं और उन्होंने क्या किया था?
कैप्टन स्मित मच्छार एक भारतीय पायलट हैं जो 30 सितंबर 2026 को तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में ओमानी सह-पायलट के हमले के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। आरोप है कि सह-पायलट ने विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश की थी, लेकिन कैप्टन मच्छार ने उसका मुकाबला कर कॉकपिट का दरवाजा खोला और 170 से अधिक यात्रियों की जान बचाई।
नेतन्याहू और मोदी की फोन वार्ता में और क्या बात हुई?
दोनों नेताओं ने भारत-इजरायल द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श हुआ और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
क्या नेतन्याहू ने पहले भी कैप्टन मच्छार को यह निमंत्रण दिया था?
हाँ, 3 अक्टूबर 2026 को नेतन्याहू ने कैप्टन मच्छार से सीधे फोन पर बात की थी और उन्हें इजरायल के स्वतंत्रता दिवस पर मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया था। उस समय उन्होंने कैप्टन मच्छार को 'भारत, इजरायल और पूरी दुनिया का सच्चा नायक' बताया था।
PM मोदी ने इस फोन वार्ता पर क्या कहा?
PM मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि उन्होंने नेतन्याहू के साथ द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति की आवश्यकता पर भी जोर दिया और निमंत्रण के लिए आभार व्यक्त किया।
राष्ट्र प्रेस
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