पायलट स्मित मच्छार को अर्जेंटीना के राजदूत कॉसिनो ने बताया 'भारत के साहस का प्रतीक', 174 जानें बचाईं
सारांश
मुख्य बातें
भारत में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो कॉसिनो ने 1 अक्टूबर 2026 को भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की असाधारण वीरता को सलाम करते हुए उन्हें 'भारत के साहस और कर्तव्य की भावना का प्रतीक' बताया। फ्लाईदुबई की उड़ान में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने विमान को सुरक्षित उतारकर 174 यात्रियों की जान बचाई। यह घटना बुधवार को दुबई से तेल अवीव जाने वाली उड़ान के दौरान हुई।
राजदूत कॉसिनो का एक्स पर संदेश
अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो कॉसिनो ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा, 'कैप्टन स्मित मच्छार भारत के साहस और कर्तव्य की भावना का प्रतीक हैं। पूरी तरह थक जाने और लगभग बेहोश होने की हालत में भी, उन्होंने कई बेगुनाह लोगों की जान बचाई और एक हीरो बन गए। उनके साहस और मिसाल को हमेशा याद रखा जाएगा।' कॉसिनो ने अपना संदेश इन शब्दों के साथ समाप्त किया — 'दुनिया को आप पर गर्व है।'
इजरायल के प्रधानमंत्री और राजदूत ने भी की सराहना
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी एक्स पर लिखा, 'भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की असाधारण बहादुरी को मेरा सलाम।' नेतन्याहू ने घायल पायलट के 'जल्द और पूरी तरह ठीक होने' की कामना की और उन्हें 'सच्चा हीरो' बताया। उन्होंने यह भी कहा कि इस हादसे में इजरायली नागरिकों और अन्य देशों के नागरिकों सहित कुल 174 लोगों की जान बचाई जा सकी।
इजरायल में भारत के राजदूत रुवेन अजार ने एक्स पर लिखा, 'दूसरे देशों के लोगों के साथ मैं भी फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 के अनुभवी और प्रतिभाशाली भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के जीवन के लिए प्रार्थना करता हूँ। वह एक हीरो हैं।' अजार ने उन यात्रियों और क्रू मेंबर्स की भी तारीफ की, जिन्होंने खतरे को खत्म करने में मदद की।
घटनाक्रम: बुधवार की उस दहशत भरी सुबह
बुधवार को दुबई से तेल अवीव जाने वाले यात्री विमान में उड़ान के दौरान अचानक हलचल मच गई — विमान अनियंत्रित होकर ऊँचाई से नीचे की ओर जाने लगा। तभी कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। अंदर पहुँचे यात्रियों ने पाया कि वह लहूलुहान अवस्था में थे — साथी पायलट ने उन पर कई बार चाकू से वार किया था। इस भीषण हमले के बाद भी मच्छार ने विमान पर नियंत्रण बनाए रखा और सभी यात्रियों को सुरक्षित उतारा।
इजरायल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पायलट की हिम्मत ने एक बड़ी त्रासदी टाल दी — अन्यथा यह हादसा 2001 के अमेरिका में हुए 9/11 जैसी वारदात की तरह हो सकता था।
कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार
कैप्टन स्मित मच्छार मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं और वर्तमान में दुबई में रहते हैं। उन्होंने लगभग चार साल पहले फ्लाईदुबई में बतौर पायलट कार्यभार संभाला था। इससे पूर्व वे स्पाइसजेट में भी अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय पायलटों की वैश्विक पहचान और पेशेवर दक्षता को लेकर गर्व की भावना देश भर में उमड़ रही है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और आगे की राह
अर्जेंटीना और इजरायल के अलावा दुनिया भर से मच्छार की बहादुरी को सराहना मिल रही है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में अभी तक आधिकारिक विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन कई देशों के नेताओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। इस घटना ने विमान सुरक्षा प्रोटोकॉल और कॉकपिट सुरक्षा उपायों पर नए सिरे से चर्चा छेड़ दी है।