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वाराणसी शिक्षक MLC सीट: सपा के लाल बिहारी यादव ने 5,015 मतों से BJP को हराया, लगातार दूसरी जीत

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वाराणसी शिक्षक MLC सीट: सपा के लाल बिहारी यादव ने 5,015 मतों से BJP को हराया, लगातार दूसरी जीत

सारांश

वाराणसी खंड शिक्षक MLC सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव की लगातार दूसरी जीत और बढ़ता मत-अंतर — करीब एक हजार से पाँच हजार तक — यह संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश का शिक्षक वर्ग BJP से दूर और सपा के करीब खिसक रहा है।

मुख्य बातें

लाल बिहारी यादव (सपा) ने वाराणसी खंड शिक्षक MLC सीट पर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की।
प्रमोद मिश्रा को 5,015 मतों के अंतर से पराजित किया।
यादव को 11,612 मत मिले; डॉ.
मिश्रा को 6,597 मत प्राप्त हुए।
पिछली जीत का अंतर लगभग एक हजार मत था, जो इस बार बढ़कर पाँच हजार से अधिक हो गया।
विजेता ने पुरानी पेंशन बहाली, गैर-वित्तपोषित शिक्षकों का मानदेय और सेमेस्टर परीक्षाओं के विरोध को प्रमुख चुनावी मुद्दे बताया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी लाल बिहारी यादव ने 28 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश विधान परिषद की वाराणसी खंड शिक्षक सीट पर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी डॉ. प्रमोद मिश्रा को 5,015 मतों के अंतर से पराजित किया। यह जीत न केवल सपा के लिए बल्कि उत्तर प्रदेश के शिक्षक राजनीति के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मतगणना के आंकड़े

मतगणना के अनुसार लाल बिहारी यादव को कुल 11,612 मत प्राप्त हुए, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी डॉ. प्रमोद मिश्रा को 6,597 मत मिले। उल्लेखनीय है कि पिछले चुनाव में यादव ने लगभग एक हजार मतों के अंतर से जीत हासिल की थी, जबकि इस बार जीत का अंतर बढ़कर पाँच हजार से अधिक हो गया — जो शिक्षक मतदाताओं के बीच उनकी बढ़ती स्वीकार्यता का स्पष्ट संकेत है।

जीत पर उत्साह और जश्न

परिणाम घोषित होते ही सपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने वाराणसी में जोरदार जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और पार्टी के समर्थन में नारे लगाए। ढोल-नगाड़ों की धुन पर समर्थक देर रात तक झूमते रहे।

शिक्षकों के मुद्दे रहे केंद्र में

विजयी उम्मीदवार लाल बिहारी यादव ने जीत के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जीत अखिलेश यादव की नीतियों और शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का परिणाम है। यादव ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली, गैर-वित्तपोषित शिक्षकों के मानदेय, सहायता प्राप्त एवं सरकारी स्कूलों की सेवा शर्तों, अल्पसंख्यक विद्यालयों और मदरसों में मानदेय तथा डिग्री कॉलेजों में सेमेस्टर आधारित परीक्षाओं के विरोध को अपने प्रमुख चुनावी मुद्दों में गिनाया।

सरकार बनाने का भरोसा, वादों की याद

यादव ने उम्मीद जताई कि अखिलेश यादव एक बार फिर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे और शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करेंगे। उन्होंने कहा, 'सपा की सरकार शिक्षकों के साथ खड़ी है, इसलिए दूसरी बार भी इन लोगों ने मुझे जिताया है — मैंने इनसे जो वादा किया है उसे जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास करूंगा।' यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में शिक्षक वर्ग पुरानी पेंशन योजना और सेवा शर्तों को लेकर लगातार मुखर है।

आगे क्या

गौरतलब है कि शिक्षक MLC सीटें उत्तर प्रदेश विधान परिषद में शिक्षक समुदाय का सीधा प्रतिनिधित्व करती हैं और इन सीटों पर जीत-हार को सत्तारूढ़ दल के प्रति शिक्षक वर्ग के रुझान का बैरोमीटर माना जाता है। इस परिणाम के बाद सपा के लिए वाराणसी और आसपास के क्षेत्र में शिक्षक राजनीति में अपनी पकड़ और मजबूत होती दिखती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पुरानी पेंशन, मानदेय और सेवा शर्तों जैसे मुद्दों पर सत्तारूढ़ BJP से निराश दिखता है। गौरतलब है कि शिक्षक MLC सीटें परंपरागत रूप से वैचारिक रूप से सजग और संगठित मतदाता वर्ग का प्रतिनिधित्व करती हैं — इनका रुझान 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा के लिए उत्साहजनक संकेत है। हालाँकि, MLC सीटों का मत-आधार सीमित होता है, इसलिए इसे राज्य-व्यापी लहर मानना जल्दबाजी होगी।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी खंड शिक्षक MLC सीट 2026 का परिणाम क्या रहा?
सपा के लाल बिहारी यादव ने यह सीट 5,015 मतों के अंतर से जीती। उन्हें 11,612 मत मिले जबकि BJP के डॉ. प्रमोद मिश्रा को 6,597 मत मिले।
लाल बिहारी यादव ने कितनी बार यह सीट जीती है?
लाल बिहारी यादव ने यह सीट लगातार दूसरी बार जीती है। पहली बार उन्होंने लगभग एक हजार मतों के अंतर से जीत हासिल की थी, जो इस बार बढ़कर पाँच हजार से अधिक हो गई।
लाल बिहारी यादव ने शिक्षकों से जुड़े कौन-से मुद्दे उठाए?
उन्होंने पुरानी पेंशन योजना की बहाली, गैर-वित्तपोषित शिक्षकों के मानदेय, सहायता प्राप्त और सरकारी स्कूलों की सेवा शर्तें, अल्पसंख्यक विद्यालयों और मदरसों में मानदेय तथा डिग्री कॉलेजों में सेमेस्टर आधारित परीक्षाओं का विरोध प्रमुख मुद्दों में गिनाया।
UP विधान परिषद शिक्षक सीट क्या होती है?
उत्तर प्रदेश विधान परिषद में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र वे सीटें हैं जिन पर केवल पंजीकृत शिक्षक मतदान करते हैं। ये सीटें शिक्षक समुदाय का सीधा विधायी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करती हैं और इनके परिणाम शिक्षक वर्ग के राजनीतिक रुझान का संकेत देते हैं।
इस जीत का उत्तर प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा?
यह जीत 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा के लिए शिक्षक वर्ग में बढ़ते जनसमर्थन का संकेत है। लाल बिहारी यादव ने उम्मीद जताई है कि अखिलेश यादव दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे और शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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