यूपी एमएलसी चुनाव मतगणना: मंत्री अनिल राजभर का दावा — भाजपा सभी 11 सीटें बड़े अंतर से जीतेगी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर मतगणना मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को शुरू होते ही राज्य सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सभी सीटें भारी बहुमत से जीतेगी। शुरुआती रुझानों को अपने पक्ष में बताते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को हर क्षेत्र में मतदाताओं का मजबूत समर्थन मिला है।
मंत्री अनिल राजभर का बयान
मंत्री अनिल राजभर ने कहा, 'मतगणना शुरू हो गई है और शुरुआती रुझान भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि भाजपा सभी सीटों पर बड़े अंतर से जीतने जा रही है। हम लगातार क्षेत्रों में मौजूद रहे हैं और हमने देखा है कि मतदाताओं ने हमारे उम्मीदवारों को कितना समर्थन और आशीर्वाद दिया है। मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि कोई अनिश्चितता या संदेह नहीं है। भाजपा सभी सीटें जीतने जा रही है।'
गौरतलब है कि BJP इन चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की राज्य सरकार के कार्यों का हवाला देते हुए मैदान में उतरी है।
मुख्य घटनाक्रम और निर्वाचन क्षेत्र
23 अक्टूबर 2026 को हुए मतदान में 55.24 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इन 11 सीटों में से 5 स्नातक निर्वाचन क्षेत्र हैं — लखनऊ, आगरा, मेरठ, वाराणसी और इलाहाबाद-झांसी। शेष 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं — लखनऊ, आगरा, मेरठ, वाराणसी, गोरखपुर-फैजाबाद और बरेली-मुरादाबाद।
मौजूदा 11 निवर्तमान सदस्यों में से 6 भाजपा के हैं, 3 समाजवादी पार्टी (सपा) के, और 2 निर्दलीय हैं। इन सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है।
हिंसा और पुनर्मतदान के विवाद
मतदान के दौरान गोरखपुर में भाजपा और सपा के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प की घटनाएं सामने आईं। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया। इसके अलावा, आगरा में अनियमितताओं के आरोपों के बाद 3 बूथों पर दोबारा मतदान की सिफारिश की गई है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में राजनीतिक तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है और विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं।
सपा की रणनीति और चुनावी दांव
समाजवादी पार्टी ने अपने तीन निवर्तमान सदस्यों — आशुतोष सिन्हा, डॉ. मान सिंह यादव और लाल बिहारी यादव — को एक और कार्यकाल के लिए चुनावी मैदान में उतारा है।
इन चुनावों को अगले साल फरवरी या मार्च में प्रस्तावित उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले एक अहम सियासी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। विधान परिषद में दलों की स्थिति यह संकेत देती है कि राज्य में राजनीतिक समीकरण किस दिशा में जा रहे हैं।
आगे क्या
मतगणना के अंतिम नतीजे आज ही घोषित होने की उम्मीद है। नतीजे न केवल विधान परिषद में शक्ति संतुलन तय करेंगे, बल्कि आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए दोनों प्रमुख दलों — BJP और सपा — की रणनीति को भी प्रभावित करेंगे।