27 अक्टूबर 2026
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खड़गे के 'मोदी के बाप' वाले बयान पर यूपी मंत्रियों का पलटवार, कांग्रेस से माफी की माँग

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खड़गे के 'मोदी के बाप' वाले बयान पर यूपी मंत्रियों का पलटवार, कांग्रेस से माफी की माँग

सारांश

पटना में दिए एक बयान में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने PM मोदी के दिवंगत पिता को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके बाद यूपी के तीन वरिष्ठ मंत्रियों ने तीखा पलटवार किया है। 2027 के चुनाव से पहले यह विवाद BJP-कांग्रेस की जुबानी जंग को नई धार दे रहा है।

मुख्य बातें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 25 अक्टूबर 2026 को पटना में PM मोदी के दिवंगत पिता पर विवादित टिप्पणी की।
यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा — कांग्रेस 'मानसिक संतुलन खो चुकी है', 2027 में BJP फिर प्रचंड बहुमत से जीतेगी।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा — तीन चुनावों में कांग्रेस 100 सीटें भी नहीं जीत सकी, खड़गे देश से माफी माँगें।
मंत्री अनिल राजभर ने भी बयान की निंदा करते हुए सार्वजनिक माफी की माँग की।
कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या माफी नहीं आई है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर दिए गए विवादित बयान ने देशभर में तीखी राजनीतिक बहस छेड़ दी है। उत्तर प्रदेश सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने 27 अक्टूबर 2026 को खड़गे की इस टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए राष्ट्रीय माफी की माँग की है।

विवाद की जड़: खड़गे का पटना वाला बयान

25 अक्टूबर 2026 को पटना में बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिन्हा की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में खड़गे वोटर लिस्ट के एसआईआर प्रक्रिया और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आलोचना कर रहे थे। इसी दौरान भीड़ में से किसी ने 'मोदी नहीं जाएगा' की आवाज़ लगाई। इस पर खड़गे ने मंच से जवाब देते हुए कहा, 'मोदी का बाप भी जाएगा, बाप भी जाएगा।' इस टिप्पणी को PM मोदी के दिवंगत पिता पर आपत्तिजनक संदर्भ के रूप में देखा गया और इसने तत्काल राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की तीखी प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा, 'कांग्रेस जिस तरह से प्रधानमंत्री के माता-पिता के प्रति अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रही है, इसे देश के लोग कभी स्वीकार नहीं करेंगे। इसका खामियाजा कांग्रेस पार्टी को भुगतना ही पड़ेगा।' पाठक ने आगे कहा कि सत्ता न मिलने की भूख 'तड़पड़ाहट में बदल चुकी है' और कांग्रेस अपना 'मानसिक संतुलन भी खो चुकी है।' उन्होंने दावा किया कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में BJP फिर प्रचंड बहुमत से जीतेगी।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना: 'देश से माफी माँगें'

यूपी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने भी इस बयान की निंदा की और कहा, 'जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। कांग्रेस के पास अब कोई पॉलिसी नहीं रही और कोई विषय-वस्तु नहीं है।' खन्ना ने कहा कि इस तरह की भाषा से जनता का विश्वास कभी नहीं मिलेगा और पिछले तीन चुनावों में पार्टी 100 का आँकड़ा भी नहीं छू सकी। उन्होंने माँग की कि खड़गे 'देश से माफी माँगें।'

मंत्री अनिल राजभर की निंदा

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर ने भी इस बयान की आलोचना की और कहा, 'हम उनके बयान की निंदा करते हैं। जो उन्होंने बयान दिया है, वह राजनीति में अच्छी बात नहीं है। खड़गे को देश के सामने माफी माँगनी चाहिए।' यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के यूपी चुनावों से पहले BJP और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज होती जा रही है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की स्थिति

गौरतलब है कि कांग्रेस और BJP के बीच व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप का यह कोई पहला मौका नहीं है, लेकिन किसी वरिष्ठ नेता द्वारा PM के परिवार को लेकर इस तरह की सार्वजनिक टिप्पणी असाधारण मानी जा रही है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान राजनीतिक विमर्श को विकास और नीति के मुद्दों से भटकाते हैं। कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या माफी सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस विवाद के और गहराने की आशंका है, क्योंकि BJP ने इसे चुनावी अभियान का हिस्सा बनाने के संकेत दिए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ पार्टी नेतृत्व एक तरफ 'मर्यादित राजनीति' का दावा करता है और दूसरी तरफ इस तरह की टिप्पणियाँ सामने आती हैं। BJP के लिए यह एक तैयार चुनावी मुद्दा है — विशेष रूप से 2027 के यूपी चुनाव से पहले भावनात्मक लामबंदी के नज़रिए से। लेकिन यह भी ध्यान देने वाली बात है कि इस तरह की व्यक्तिगत-आक्रमण की राजनीति दोनों तरफ से होती रही है, जिस पर मुख्यधारा की कवरेज अक्सर असमान नज़रिए से रिपोर्ट करती है। असली सवाल यह है कि क्या यह विवाद मतदाताओं को नीतिगत मुद्दों से दूर ले जाएगा — जो कि दोनों ही पार्टियों के लिए सुविधाजनक हो सकता है।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मल्लिकार्जुन खड़गे का विवादित बयान क्या था?
खड़गे ने 25 अक्टूबर 2026 को पटना के एक कार्यक्रम में कहा था, 'मोदी का बाप भी जाएगा, बाप भी जाएगा।' यह बयान उन्होंने भीड़ में से आई 'मोदी नहीं जाएगा' की आवाज़ के जवाब में दिया था, जिसे PM के दिवंगत पिता के प्रति अभद्र टिप्पणी माना गया।
यूपी के किन मंत्रियों ने खड़गे की निंदा की?
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और मंत्री अनिल राजभर ने 27 अक्टूबर 2026 को खड़गे के बयान की कड़ी निंदा की और राष्ट्रीय स्तर पर माफी माँगने की माँग की।
क्या कांग्रेस ने इस विवाद पर कोई सफाई दी है?
खबर लिखे जाने तक कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या माफी सामने नहीं आई है। खड़गे ने स्वयं भी अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
यह विवाद 2027 के यूपी चुनाव को कैसे प्रभावित कर सकता है?
BJP नेताओं ने इस बयान को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए भावनात्मक लामबंदी का हिस्सा बनाने के संकेत दिए हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दावा किया कि इसका खामियाजा कांग्रेस को चुनाव में भुगतना पड़ेगा।
खड़गे का यह बयान किस कार्यक्रम में दिया गया था?
यह बयान 25 अक्टूबर 2026 को पटना में बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिन्हा की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में दिया गया था, जहाँ खड़गे वोटर लिस्ट की एसआईआर प्रक्रिया और BJP की आलोचना कर रहे थे।
राष्ट्र प्रेस
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