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खड़गे के बयान पर BJP का पलटवार, कांग्रेस बोली — मोदी सरकार को जाना ही होगा

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खड़गे के बयान पर BJP का पलटवार, कांग्रेस बोली — मोदी सरकार को जाना ही होगा

सारांश

पटना रैली में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे की PM मोदी के दिवंगत पिता पर टिप्पणी ने राष्ट्रीय राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया। BJP ने इसे व्यक्तिगत हमला बताकर कड़ी निंदा की, जबकि कांग्रेस ने सरकार के जाने का दावा दोहराया। AIMIM और CPM ने भी अलग-अलग कोणों से प्रतिक्रिया दी।

मुख्य बातें

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 26 अक्टूबर 2026 को पटना की एक रैली में PM मोदी के दिवंगत पिता को लेकर विवादित टिप्पणी की।
BJP सांसद गुलाम अली खटाना और डॉ.
हेमांग जोशी ने बयान को 'व्यक्तिगत हमला' बताकर कड़ी निंदा की।
कांग्रेस नेता कुंवर दानिश अली ने खड़गे का बचाव करते हुए कहा — केंद्र सरकार का जाना तय है।
AIMIM के प्रवक्ता वारिस पठान ने दिवंगत परिजनों पर अपशब्दों को किसी भी संदर्भ में गलत बताया और सख्त कानून की माँग की।
CPM नेता हन्नान मोल्लाह ने BJP पर लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति दबाने का आरोप लगाया।

पटना में 26 अक्टूबर 2026 को आयोजित एक विपक्षी कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी ने राष्ट्रीय राजनीति में तीखा विवाद खड़ा कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस बयान को PM पर व्यक्तिगत हमला करार देते हुए कड़ी निंदा की है, जबकि कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों ने इसे व्यापक राजनीतिक संदर्भ में उचित ठहराने की कोशिश की है।

BJP का तीखा पलटवार

दिल्ली से BJP सांसद गुलाम अली खटाना ने खड़गे के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इतनी पुरानी और ऐतिहासिक पार्टी के अध्यक्ष का इस तरह का बयान यह साफ दर्शाता है कि कांग्रेस अब सिमटने की कगार पर आ चुकी है।

खटाना ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता लाइमलाइट में बने रहने के लिए ऐसे बयान देते हैं। उन्होंने कहा, 'हम इस बयान की सख्त शब्दों में निंदा करते हैं — यह प्रधानमंत्री पर सीधा व्यक्तिगत हमला है।'

BJP सांसद जोशी का कड़ा रुख

BJP सांसद डॉ. हेमांग जोशी ने खड़गे की टिप्पणी को व्यापक 'देश-विरोधी मानसिकता' का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि बिहार रैली में जब जनता ने 'मोदी कहीं नहीं जाएंगे' का नारा लगाया और खड़गे को जन-समर्थन नहीं मिला, तो उन्होंने हताशा में यह टिप्पणी की।

जोशी ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं में राहुल गांधी और सोनिया गांधी के करीब आने की होड़ मची है — जो प्रधानमंत्री को सबसे ज़्यादा निशाना बनाए। उनके अनुसार इसी प्रतिस्पर्धा में खड़गे ने यह बयान दिया।

एआईएमआईएम और वामपंथ की प्रतिक्रिया

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा कि उन्होंने खड़गे का बयान नहीं सुना है, लेकिन माता-पिता को निशाना बनाकर अपशब्द कहना किसी के भी संदर्भ में गलत है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के उदय के बाद यह प्रवृत्ति और बढ़ी है और इस पर सख्त कानून बनना चाहिए।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के वरिष्ठ नेता हन्नान मोल्लाह ने भिन्न दिशा में बात करते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र पर हमले हो रहे हैं और विचारों की अभिव्यक्ति को दबाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP इस अभिव्यक्ति से डरती है।

कांग्रेस का रुख — सरकार जाएगी

कांग्रेस नेता कुंवर दानिश अली ने खड़गे के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का जाना तय है और इसमें कोई संदेह नहीं। उन्होंने BJP की प्रतिक्रिया को राजनीतिक दुष्प्रचार बताया।

गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब बिहार में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हैं और विपक्षी दल अपनी एकजुटता प्रदर्शित करने की कोशिश में हैं। किसी नेता के दिवंगत परिजन को लेकर की गई टिप्पणी पर इस तरह का राष्ट्रीय विवाद भारतीय राजनीति में नई नहीं है, लेकिन इसकी तीव्रता हमेशा चुनावी माहौल से जुड़ी रहती है।

आगे क्या होगा

BJP के वरिष्ठ नेताओं की ओर से आधिकारिक माँग या संसदीय कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कांग्रेस की ओर से भी इस मुद्दे पर और स्पष्टीकरण आने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह विवाद आने वाले हफ्तों में दोनों दलों के प्रचार अभियानों का हिस्सा बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह बताती है कि यह समस्या किसी एक दल तक सीमित नहीं। असली सवाल यह है कि क्या कोई दल इस भाषाई पतन को रोकने की पहल करेगा, या सोशल मीडिया की आड़ में यह 'सामान्य' बना रहेगा। मुख्यधारा की कवरेज 'कौन सही, कौन गलत' की लड़ाई में उलझ जाती है, जबकि असली मुद्दा — राजनीतिक विमर्श के गिरते स्तर पर जवाबदेही — हाशिये पर रह जाता है।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मल्लिकार्जुन खड़गे ने पटना में क्या कहा था?
पटना में 26 अक्टूबर 2026 को आयोजित एक कार्यक्रम में खड़गे ने PM मोदी के दिवंगत पिता को संबोधित करते हुए एक टिप्पणी की, जिसे BJP ने व्यक्तिगत हमला बताया है। बयान का सटीक पाठ मीडिया में पूरी तरह सामने नहीं आया है, लेकिन इस पर व्यापक राजनीतिक प्रतिक्रिया हुई।
BJP ने खड़गे के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
BJP सांसद गुलाम अली खटाना और डॉ. हेमांग जोशी दोनों ने बयान की कड़ी निंदा की। खटाना ने इसे PM पर 'सीधा व्यक्तिगत हमला' बताया, जबकि जोशी ने आरोप लगाया कि यह कांग्रेस की व्यापक 'देश-विरोधी मानसिकता' का हिस्सा है।
कांग्रेस ने इस विवाद पर क्या कहा?
कांग्रेस नेता कुंवर दानिश अली ने खड़गे के बयान का समर्थन किया और कहा कि केंद्र सरकार का जाना तय है। कांग्रेस ने BJP की प्रतिक्रिया को राजनीतिक ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।
AIMIM और CPM ने इस पर क्या रुख अपनाया?
AIMIM प्रवक्ता वारिस पठान ने खड़गे का बयान सुने बिना यह ज़रूर कहा कि किसी के दिवंगत माता-पिता को निशाना बनाना गलत है और इस पर सख्त कानून होना चाहिए। CPM नेता हन्नान मोल्लाह ने BJP पर लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति दबाने का आरोप लगाया।
यह विवाद राजनीतिक रूप से कितना महत्वपूर्ण है?
यह विवाद बिहार में बढ़ती राजनीतिक सक्रियता के बीच उभरा है और दोनों दलों के लिए प्रचार का मुद्दा बन सकता है। व्यक्तिगत हमलों बनाम नीतिगत बहस का यह टकराव भारतीय राजनीतिक संस्कृति में बार-बार देखा जाने वाला पैटर्न है।
राष्ट्र प्रेस
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