26 अक्टूबर 2026
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हूती का रियाद हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले का दावा, दो भारतीय नागरिकों की मौत

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हूती का रियाद हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले का दावा, दो भारतीय नागरिकों की मौत

सारांश

हूती विद्रोहियों ने एक बार फिर रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और तेल पंपिंग स्टेशनों पर हमले का दावा किया है — और इस संघर्ष की आँच अब भारत तक पहुँच रही है। अक्टूबर में हूती हमलों में दो भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जो सऊदी अरब में कार्यरत लाखों प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा करता है।

मुख्य बातें

हूती विद्रोहियों ने 26 अक्टूबर 2026 को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमले का दावा किया।
हूती प्रवक्ता याह्या सारी ने अदन और लाहिज गवर्नरेट में सऊदी सैन्य ठिकानों पर भी हमलों का दावा किया।
सऊदी बलों ने रियाद की ओर आ रही एक हूती बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया और सना में दो मिसाइल साइट्स पर जवाबी हमला किया।
हूती ने पिछले 24 घंटों में यमन पर सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन के 56 हवाई हमलों का आरोप लगाया।
अक्टूबर 2026 में हूती हमलों में दो भारतीय नागरिकों की मौत — 10-11 अक्टूबर को रियाद और 21 अक्टूबर को दम्माम में — और तीन अन्य भारतीय घायल हो चुके हैं।

यमन के हूती विद्रोहियों ने सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और देश के कई अहम सैन्य ठिकानों पर एक बार फिर 'सटीक' हमले किए हैं। हूती बलों के इस ताज़ा हमले की पृष्ठभूमि में यह तथ्य विशेष रूप से चिंताजनक है कि अक्टूबर 2026 में सऊदी अरब पर हूती हमलों में अब तक दो भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है।

हमले का विवरण

हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि हूती बलों ने किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया। इसके साथ ही उन्होंने सऊदी अरब के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में स्थित कच्चे तेल के पंपिंग स्टेशनों पर भी कई ड्रोन हमले करने का दावा किया।

एक अलग पोस्ट में सारी ने कहा कि यमनी सशस्त्र बलों ने कई बैलिस्टिक मिसाइलों का उपयोग करते हुए दो पृथक सैन्य अभियान चलाए, जिनमें अदन गवर्नरेट के सलाह अल-दीन क्षेत्र और लाहिज गवर्नरेट के अल-वहात क्षेत्र में मौजूद सऊदी सैन्य टुकड़ियों और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया गया। उनके दावे के अनुसार, 'हमले बिल्कुल सटीक रहे, जिसके परिणामस्वरूप भारी नुकसान हुआ, कई वाहन और हथियारों के गोदाम नष्ट हो गए।' हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल संभव नहीं हो पाई है।

सऊदी गठबंधन की प्रतिक्रिया

हूती के इस बयान से कुछ घंटे पहले ही सऊदी बलों ने घोषणा की थी कि उन्होंने हूती की ओर से रियाद की दिशा में दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। यमन में सक्रिय सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि जवाबी कार्रवाई में यमन की राजधानी सना में दो मिसाइल लॉन्च साइटों पर हमला किया गया।

गौरतलब है कि हूती ने रविवार को भी किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, खमीस मुशैत स्थित किंग खालिद एयरबेस और जाजान के एक नौसैनिक अड्डे पर हमले का दावा किया था। हूती ने यह भी आरोप लगाया कि सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने पिछले 24 घंटों में यमन पर कम से कम 56 हवाई हमले किए, जिनमें होदेइदाह, लाहिज, अमरान, सादा, अल-जौफ, ताइज और इब प्रांत शामिल हैं।

भारतीय नागरिकों पर असर

इस संघर्ष की सबसे गंभीर मानवीय परिणाम भारतीय नागरिकों पर पड़ रहा है। 10-11 अक्टूबर को रियाद एयरपोर्ट पर हुए हूती हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई थी। इसके बाद 21 अक्टूबर को दम्माम एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक और भारतीय नागरिक की जान चली गई और दो अन्य भारतीय घायल हुए। इसके अतिरिक्त, शैबा ऑयल फील्ड में ड्रोन का मलबा गिरने से भी एक भारतीय घायल हुआ था।

यह ऐसे समय में आया है जब सऊदी अरब में लाखों भारतीय प्रवासी कामगार और पेशेवर कार्यरत हैं, जिससे इस क्षेत्र में तनाव भारत के लिए भी सीधी चिंता का विषय बन गया है।

क्षेत्रीय संघर्ष का व्यापक संदर्भ

यमन में 2015 से जारी इस युद्ध में हूती और सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। हूती के हमलों का निशाना पहले ज़्यादातर सैन्य ठिकाने होते थे, लेकिन अब नागरिक बुनियादी ढाँचे — जैसे हवाई अड्डे और ऊर्जा संयंत्र — भी तेज़ी से इनकी जद में आ रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि इस बढ़ते संघर्ष में आम नागरिकों और प्रवासी मज़दूरों की जानें जाना बेहद चिंताजनक है।

आगे क्या

सऊदी अरब की सरकार की ओर से ताज़ा हमलों पर आधिकारिक बयान अभी नहीं आया है। भारत सरकार ने पहले ही अपने नागरिकों को सऊदी अरब में सतर्कता बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक यमन में राजनीतिक समाधान नहीं निकलता, तब तक ये हमले जारी रह सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तेल पंपिंग स्टेशन — तक पहुँच गया है, जो इस संघर्ष के एक खतरनाक नए चरण का संकेत देता है। भारत के लिए यह महज़ भू-राजनीतिक खबर नहीं है — अक्टूबर में दो भारतीय नागरिकों की मौत यह दर्शाती है कि सऊदी अरब में कार्यरत लाखों प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा सीधे दाँव पर है। सवाल यह है कि क्या भारत सरकार केवल एडवाइज़री जारी करने से आगे जाकर अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए कूटनीतिक स्तर पर पर्याप्त दबाव बना रही है। इस बढ़ते संघर्ष में प्रवासी भारतीयों की भेद्यता मुख्यधारा की कवरेज में अक्सर नज़रअंदाज़ कर दी जाती है।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हूती विद्रोहियों ने रियाद पर कौन-सा हमला किया?
हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने 26 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि उन्होंने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया और सऊदी अरब के पूर्वी व पश्चिमी हिस्सों में कच्चे तेल के पंपिंग स्टेशनों पर कई ड्रोन हमले किए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
सऊदी अरब में हूती हमलों में कितने भारतीय नागरिक प्रभावित हुए हैं?
अक्टूबर 2026 में हूती हमलों में दो भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है — 10-11 अक्टूबर को रियाद एयरपोर्ट हमले में एक और 21 अक्टूबर को दम्माम एयरपोर्ट हमले में एक। इसके अलावा दम्माम हमले में दो और शैबा ऑयल फील्ड में ड्रोन मलबे से एक भारतीय घायल हुआ, यानी कुल तीन भारतीय घायल हैं।
सऊदी अरब ने हूती हमलों का जवाब कैसे दिया?
सऊदी बलों ने रियाद की ओर दागी गई एक हूती बैलिस्टिक मिसाइल को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। जवाबी कार्रवाई में सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन की राजधानी सना में दो मिसाइल लॉन्च साइटों पर हवाई हमले किए।
हूती ने यमन पर सऊदी हमलों के बारे में क्या दावा किया?
हूती ने आरोप लगाया कि सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने पिछले 24 घंटों में यमन पर कम से कम 56 हवाई हमले किए, जिनमें होदेइदाह, लाहिज, अमरान, सादा, अल-जौफ, ताइज और इब प्रांत शामिल हैं। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि संभव नहीं हो पाई है।
क्या भारत सरकार ने सऊदी अरब में अपने नागरिकों के लिए कोई चेतावनी जारी की है?
भारत सरकार ने सऊदी अरब में कार्यरत अपने नागरिकों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है। अक्टूबर में दो भारतीयों की मौत के बाद यह मुद्दा और गंभीर हो गया है, हालाँकि सरकार की ओर से ताज़ा हमलों पर विस्तृत आधिकारिक बयान अभी जारी नहीं हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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