25 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यमन संघर्ष: हूती विद्रोहियों ने रियाद समेत 6 सऊदी शहरों पर दागीं मिसाइलें, 8 की मौत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यमन संघर्ष: हूती विद्रोहियों ने रियाद समेत 6 सऊदी शहरों पर दागीं मिसाइलें, 8 की मौत

सारांश

यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी गठबंधन के बीच संघर्ष फिर भड़का — रियाद समेत छह शहरों पर मिसाइल-ड्रोन हमले, जवाबी हवाई हमलों में आठ की मौत। 'डॉन ऑफ यमन' अभियान के बीच यह तनाव एक दशक पुराने युद्ध के नए और खतरनाक मोड़ का संकेत है।

मुख्य बातें

हूती प्रवक्ता याह्या सारेया के अनुसार, 25 अक्टूबर को रियाद, यनबू, राबिग, दम्माम, नज्रान और खमीस मुशैत पर सात मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए।
किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (रियाद), सऊदी अरामको (यनबू) और किंग फहद हवाई अड्डे (दम्माम) को निशाना बनाने का दावा किया गया।
सऊदी गठबंधन ने कई मिसाइलें हवा में नष्ट कीं; मलबा मक्का और मदीना क्षेत्रों में गिरा — हूतियों ने पवित्र शहरों को निशाना बनाने से इनकार किया।
सना प्रांत के हमदान जिले में गठबंधन के हवाई हमले में 8 की मौत , 10 से अधिक घायल (हूती-नियंत्रित मीडिया के अनुसार)।
हूतियों ने अदन पर 4 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं; एक मिसाइल कोस्ट गार्ड मुख्यालय से टकराई।
अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब सहित 7 मध्य पूर्वी देशों के लिए यात्रा सलाह अपडेट की।

यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के बीच 25 अक्टूबर को संघर्ष एक बार फिर भड़क उठा, जब दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मिसाइल, ड्रोन और हवाई हमलों की झड़ी लगा दी। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया के अनुसार, समूह ने सात मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जबकि गठबंधन के जवाबी हवाई हमलों में सना प्रांत के हमदान जिले में आठ लोगों की मौत और 10 से अधिक घायल होने की खबर है।

हूती हमलों का ब्यौरा

याह्या सारेया ने बयान जारी कर दावा किया कि हूती बलों ने रियाद, यनबू, राबिग, दम्माम, नज्रान और खमीस मुशैत शहरों के हवाई अड्डों, तेल प्रतिष्ठानों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। सारेया के अनुसार, रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को दो चरणों में निशाना बनाया गया।

इसके अलावा यनबू में सऊदी अरामको की सुविधाओं और दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी हमलों का दावा किया गया। एक अलग बयान में सारेया ने कहा कि हूती बलों ने दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन में सऊदी समर्थित सैन्य जमावड़ों को भी निशाना बनाया — अदन फिलहाल यमन सरकार का मुख्य ठिकाना है।

एक स्थानीय सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, हूतियों ने अदन पर करीब चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें से कुछ अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और खोरमक्सर जिले की सैन्य सुविधाओं के पास गिरीं, जबकि एक मिसाइल अल-तवाही जिले में कोस्ट गार्ड मुख्यालय पर लगी।

गठबंधन की जवाबी कार्रवाई

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने रियाद, ताइफ और यनबू की ओर दागी गई कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। पूर्वी प्रांत में एक ड्रोन को भी मार गिराया गया।

सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा विभाग ने बताया कि दो इंटरसेप्ट की गई मिसाइलों का मलबा मक्का और मदीना क्षेत्रों में गिरा। हालांकि हूती समूह ने इन दोनों पवित्र शहरों को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया और उन्हें 'झूठा और बेबुनियाद' बताया।

हताहतों की स्थिति

हूती समूह द्वारा संचालित अल-मसीरा टीवी के अनुसार, गठबंधन के हवाई हमलों में कई लोग हताहत हुए। सना प्रांत के हमदान जिले में एक सीमेंट फैक्ट्री के कर्मचारियों के आवास पर हुए हवाई हमले में आठ लोगों की मौत हो गई और 10 से अधिक घायल हुए। गौरतलब है कि ये आँकड़े हूती-नियंत्रित मीडिया के हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

संघर्ष की पृष्ठभूमि

यमन में यह संघर्ष 2014 के अंत से जारी है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और देश के उत्तरी हिस्सों के बड़े क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाला गठबंधन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के समर्थन में युद्ध में शामिल हुआ।

यह ऐसे समय में आया है जब सऊदी समर्थन प्राप्त यमन सरकार की सेना हूतियों के खिलाफ 'डॉन ऑफ यमन' अभियान को तेज कर रही है। हूती समूह का दावा है कि ये हमले पिछले 24 घंटों में उनके नियंत्रण वाले इलाकों पर किए गए लगभग 100 सऊदी हवाई हमलों के जवाब में किए गए, जिनमें सना और ताइज प्रांत के मोचा शहर भी शामिल थे।

अमेरिका की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति

बढ़ते तनाव के मद्देनजर अमेरिकी विदेश विभाग ने 25 अक्टूबर को मध्य पूर्व के कई देशों — सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, इराक, लेबनान और इजरायल — के लिए अपनी यात्रा सलाह अपडेट की। विभाग ने हूती हमलों के खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया।

एक दशक से अधिक समय से जारी इस संघर्ष में कोई स्थायी युद्धविराम नज़र नहीं आता। दोनों पक्षों की जवाबी कार्रवाइयों का यह चक्र क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे दोनों पक्ष अपने-अपने आख्यान में भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। 'डॉन ऑफ यमन' अभियान की तीव्रता और हूतियों की जवाबी मारक क्षमता यह दर्शाती है कि संघर्ष का कोई शीघ्र समाधान नज़र नहीं आता। अमेरिकी यात्रा सलाह का एक साथ सात देशों के लिए अपडेट होना बताता है कि यह संकट अब सिर्फ यमन तक सीमित नहीं — पूरे खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता दाँव पर है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यमन में हूती विद्रोही कौन हैं और यह संघर्ष कब शुरू हुआ?
हूती विद्रोही यमन का एक सशस्त्र समूह है जिसने 2014 के अंत में राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाला गठबंधन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के समर्थन में युद्ध में उतरा।
25 अक्टूबर को हूतियों ने किन सऊदी शहरों पर हमले किए?
हूती प्रवक्ता याह्या सारेया के अनुसार, रियाद, यनबू, राबिग, दम्माम, नज्रान और खमीस मुशैत शहरों के हवाई अड्डों, तेल प्रतिष्ठानों और सैन्य ठिकानों पर सात मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। सऊदी गठबंधन ने कहा कि उसने कई मिसाइलें हवा में ही नष्ट कर दीं।
इन हमलों में कितने लोग हताहत हुए?
हूती-नियंत्रित अल-मसीरा टीवी के अनुसार, सना प्रांत के हमदान जिले में एक सीमेंट फैक्ट्री के कर्मचारी आवास पर गठबंधन के हवाई हमले में आठ लोगों की मौत हुई और 10 से अधिक घायल हुए। ये आँकड़े हूती स्रोत के हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
मक्का और मदीना के पास मिसाइल मलबा गिरने पर हूतियों का क्या कहना है?
सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग ने बताया कि इंटरसेप्ट की गई दो मिसाइलों का मलबा मक्का और मदीना क्षेत्रों में गिरा। हूती समूह ने इन दोनों पवित्र शहरों को निशाना बनाने के आरोपों से साफ इनकार करते हुए उन्हें 'झूठा और बेबुनियाद' बताया।
अमेरिका ने यात्रा सलाह क्यों अपडेट की और कौन-से देश प्रभावित हैं?
अमेरिकी विदेश विभाग ने 25 अक्टूबर को हूती हमलों के बढ़ते खतरे को देखते हुए सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, इराक, लेबनान और इजरायल के लिए यात्रा सलाह अपडेट की। यह कदम क्षेत्रीय तनाव के व्यापक होते दायरे को रेखांकित करता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 2 सप्ताह पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले