यमन संघर्ष: हूती विद्रोहियों ने रियाद समेत 6 सऊदी शहरों पर दागीं मिसाइलें, 8 की मौत
सारांश
मुख्य बातें
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के बीच 25 अक्टूबर को संघर्ष एक बार फिर भड़क उठा, जब दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मिसाइल, ड्रोन और हवाई हमलों की झड़ी लगा दी। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया के अनुसार, समूह ने सात मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जबकि गठबंधन के जवाबी हवाई हमलों में सना प्रांत के हमदान जिले में आठ लोगों की मौत और 10 से अधिक घायल होने की खबर है।
हूती हमलों का ब्यौरा
याह्या सारेया ने बयान जारी कर दावा किया कि हूती बलों ने रियाद, यनबू, राबिग, दम्माम, नज्रान और खमीस मुशैत शहरों के हवाई अड्डों, तेल प्रतिष्ठानों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। सारेया के अनुसार, रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को दो चरणों में निशाना बनाया गया।
इसके अलावा यनबू में सऊदी अरामको की सुविधाओं और दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी हमलों का दावा किया गया। एक अलग बयान में सारेया ने कहा कि हूती बलों ने दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन में सऊदी समर्थित सैन्य जमावड़ों को भी निशाना बनाया — अदन फिलहाल यमन सरकार का मुख्य ठिकाना है।
एक स्थानीय सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, हूतियों ने अदन पर करीब चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें से कुछ अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और खोरमक्सर जिले की सैन्य सुविधाओं के पास गिरीं, जबकि एक मिसाइल अल-तवाही जिले में कोस्ट गार्ड मुख्यालय पर लगी।
गठबंधन की जवाबी कार्रवाई
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने रियाद, ताइफ और यनबू की ओर दागी गई कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। पूर्वी प्रांत में एक ड्रोन को भी मार गिराया गया।
सऊदी अरब के नागरिक सुरक्षा विभाग ने बताया कि दो इंटरसेप्ट की गई मिसाइलों का मलबा मक्का और मदीना क्षेत्रों में गिरा। हालांकि हूती समूह ने इन दोनों पवित्र शहरों को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया और उन्हें 'झूठा और बेबुनियाद' बताया।
हताहतों की स्थिति
हूती समूह द्वारा संचालित अल-मसीरा टीवी के अनुसार, गठबंधन के हवाई हमलों में कई लोग हताहत हुए। सना प्रांत के हमदान जिले में एक सीमेंट फैक्ट्री के कर्मचारियों के आवास पर हुए हवाई हमले में आठ लोगों की मौत हो गई और 10 से अधिक घायल हुए। गौरतलब है कि ये आँकड़े हूती-नियंत्रित मीडिया के हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
यमन में यह संघर्ष 2014 के अंत से जारी है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना और देश के उत्तरी हिस्सों के बड़े क्षेत्र पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाला गठबंधन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के समर्थन में युद्ध में शामिल हुआ।
यह ऐसे समय में आया है जब सऊदी समर्थन प्राप्त यमन सरकार की सेना हूतियों के खिलाफ 'डॉन ऑफ यमन' अभियान को तेज कर रही है। हूती समूह का दावा है कि ये हमले पिछले 24 घंटों में उनके नियंत्रण वाले इलाकों पर किए गए लगभग 100 सऊदी हवाई हमलों के जवाब में किए गए, जिनमें सना और ताइज प्रांत के मोचा शहर भी शामिल थे।
अमेरिका की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
बढ़ते तनाव के मद्देनजर अमेरिकी विदेश विभाग ने 25 अक्टूबर को मध्य पूर्व के कई देशों — सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, इराक, लेबनान और इजरायल — के लिए अपनी यात्रा सलाह अपडेट की। विभाग ने हूती हमलों के खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया।
एक दशक से अधिक समय से जारी इस संघर्ष में कोई स्थायी युद्धविराम नज़र नहीं आता। दोनों पक्षों की जवाबी कार्रवाइयों का यह चक्र क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है।