8 अक्टूबर 2026
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यमन में सऊदी हवाई हमले: हूतियों का दावा — 6 प्रांतों में 156 स्ट्राइक, नागरिक ठिकाने निशाने पर

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यमन में सऊदी हवाई हमले: हूतियों का दावा — 6 प्रांतों में 156 स्ट्राइक, नागरिक ठिकाने निशाने पर

सारांश

हूती प्रवक्ता याह्या सारेया ने दावा किया है कि सऊदी अरब ने सना समेत छह यमनी प्रांतों में 156 हमले किए और नागरिक ठिकाने भी निशाने पर आए। जवाब में सऊदी गठबंधन ने रियाद पर हमले में इस्तेमाल एक मिसाइल प्लेटफॉर्म नष्ट करने का दावा किया। दोनों पक्षों के बीच संघर्ष और गहरा होता दिख रहा है।

मुख्य बातें

हूती प्रवक्ता याह्या सारेया ने दावा किया कि 8 अक्टूबर 2026 को सऊदी अरब ने 6 प्रांतों में 156 हवाई और मिसाइल हमले किए।
प्रभावित प्रांतों में सना , ताइज , सादा , अल-जौफ , मारिब और अमरान शामिल हैं।
हूती दावे के अनुसार मौजूदा तनाव के बाद से कुल सऊदी हमलों की संख्या 1,798 हो गई है।
सऊदी गठबंधन ने सना में एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म नष्ट करने का दावा किया, जिसे रियाद पर हमले में इस्तेमाल किया गया था।
उत्तरी अल-जौफ में हूती लड़ाकों और यमन की सरकारी सेना के बीच ज़मीनी संघर्ष फिर से शुरू होने की खबर है।
दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है; सऊदी अरब ने हूती आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

यमन के हूती समूह ने 8 अक्टूबर 2026 को दावा किया कि सऊदी अरब की सेना ने हूती-नियंत्रित राजधानी सना समेत देश के छह प्रांतों में 156 हवाई और मिसाइल हमले किए हैं। हूती सेना के प्रवक्ता याह्या सारेया ने आरोप लगाया कि इन हमलों में आम नागरिकों से जुड़ी जगहों को भी निशाना बनाया गया, हालाँकि उन्होंने इसका कोई विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया। सऊदी अरब की ओर से इन दावों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

मुख्य घटनाक्रम

याह्या सारेया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि सऊदी हमलों में सना के अलावा ताइज, सादा, अल-जौफ, मारिब और अमरान प्रांतों को निशाना बनाया गया। उनके अनुसार, ताज़ा हमलों के बाद मौजूदा तनाव बढ़ने के बाद से सऊदी अरब की ओर से कुल 1,798 हवाई और मिसाइल हमले हो चुके हैं।

सारेया ने यह भी दावा किया कि हूती लड़ाकों ने पूर्वी अल-जौफ में अपने ठिकानों की ओर बढ़ रहे यमन के सरकारी बलों को पीछे धकेल दिया। उनके अनुसार, हूती लड़ाकों ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से सरकारी सैनिकों के ठिकानों पर हमला किया, जिसमें कथित तौर पर कई सैनिक हताहत हुए और सैन्य वाहन नष्ट हुए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

गठबंधन की प्रतिक्रिया

सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने बुधवार को कहा कि उसने सना में एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म को नष्ट कर दिया। गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर बताया कि इसी प्लेटफॉर्म का उपयोग रियाद पर हुए हमले में किया गया था और उस समय इसे नष्ट किया गया जब एक और हमले की तैयारी हो रही थी।

गठबंधन ने हूतियों के नागरिक ठिकानों पर हमले के दावों पर कोई टिप्पणी नहीं की। यह पैटर्न इस संघर्ष में सामान्य रहा है, जहाँ दोनों पक्ष एक-दूसरे के दावों को नकारते हैं।

अल-जौफ में बढ़ता संघर्ष

उत्तरी यमन के अल-जौफ प्रांत में सऊदी अरब की सीमा के निकट हूती लड़ाकों और यमन की सरकारी सेना के बीच संघर्ष फिर से भड़कने की खबरें हैं। यह क्षेत्र सैन्य दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है, क्योंकि यह सऊदी सीमा से सटा हुआ है और रणनीतिक आपूर्ति मार्गों को नियंत्रित करता है।

गौरतलब है कि बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास भी तनाव बढ़ा है, जो वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण जलमार्ग है। इस क्षेत्र में हूती गतिविधियाँ अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए गंभीर चिंता का विषय बनी हुई हैं।

व्यापक संदर्भ

यमन में चल रहा यह संघर्ष वर्षों से जारी है और इसने देश को मानवीय संकट की ओर धकेल दिया है। सऊदी अरब के नेतृत्व वाला सैन्य गठबंधन यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में लड़ रहा है, जबकि हूती समूह ईरान से समर्थन प्राप्त करता है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में व्यापक भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है।

सऊदी सेना ने हाल के हफ्तों में अपने हवाई अभियान तेज किए हैं, जबकि हूती समूह ने सऊदी अरब के भीतर मिसाइल और ड्रोन हमलों में वृद्धि की है। यह द्विपक्षीय तनाव तब और बढ़ा है जब दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर हमलों का दायरा विस्तृत होता जा रहा है।

आगे की स्थिति

संघर्ष की तीव्रता को देखते हुए मानवाधिकार संगठनों ने नागरिक हताहतों की स्वतंत्र जाँच की माँग की है। दोनों पक्षों के दावे परस्पर विरोधी हैं और स्वतंत्र सत्यापन अत्यंत कठिन बना हुआ है। क्षेत्र में स्थायी युद्धविराम की संभावनाएँ फिलहाल धूमिल नजर आती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और स्वतंत्र पत्रकारों की पहुँच न्यूनतम है। ध्यान देने वाली बात यह है कि 1,798 हमलों का संचयी आँकड़ा हूती स्रोत से आया है, जिसे बिना सत्यापन के नहीं लिया जाना चाहिए। वहीं बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ती हूती गतिविधियाँ इस संघर्ष को एक क्षेत्रीय समुद्री खतरे का रूप देती हैं, जिसकी अनदेखी वैश्विक आपूर्ति शृंखला के लिए महँगी पड़ सकती है।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हूतियों ने सऊदी अरब पर 156 हमलों का दावा किस आधार पर किया?
हूती सेना के प्रवक्ता याह्या सारेया ने एक्स पर जारी बयान में कहा कि सऊदी अरब ने सना, ताइज, सादा, अल-जौफ, मारिब और अमरान प्रांतों में 156 हवाई और मिसाइल हमले किए। उन्होंने नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने का भी आरोप लगाया, लेकिन विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया।
सऊदी गठबंधन ने इन हमलों पर क्या कहा?
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने हूतियों के दावों पर सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी। गठबंधन प्रवक्ता तुर्की अल-मालिकी ने अलग से बताया कि सना में एक बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म नष्ट किया गया, जिसका उपयोग रियाद पर हमले में किया गया था।
अल-जौफ में संघर्ष क्यों महत्त्वपूर्ण है?
अल-जौफ प्रांत सऊदी अरब की सीमा से सटा है और सामरिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। यहाँ हूती लड़ाकों और यमन की सरकारी सेना के बीच ज़मीनी लड़ाई का फिर से भड़कना दर्शाता है कि संघर्ष का दायरा सिर्फ हवाई हमलों तक सीमित नहीं है।
यमन संघर्ष में हूती और सऊदी गठबंधन के बीच विवाद का मूल कारण क्या है?
सऊदी अरब के नेतृत्व वाला सैन्य गठबंधन यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है, जबकि हूती समूह ईरान समर्थित है और उसने उत्तरी व पश्चिमी यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण कर रखा है। वर्षों से जारी यह संघर्ष दुनिया के सबसे गंभीर मानवीय संकटों में से एक बन चुका है।
बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य को लेकर चिंता क्यों बढ़ रही है?
बाब अल-मंदेब वैश्विक समुद्री व्यापार का एक महत्त्वपूर्ण जलमार्ग है। इस क्षेत्र में हूती गतिविधियों में वृद्धि से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए खतरा बढ़ता है, जिसका असर वैश्विक आपूर्ति शृंखला और ऊर्जा व्यापार पर पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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