हूती प्रवक्ता की सऊदी अरब को जवाबी कार्रवाई की चेतावनी, यमन के 5 प्रांतों में 52 हवाई हमलों का दावा
सारांश
मुख्य बातें
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारिया ने मंगलवार, 16 सितंबर 2026 को दावा किया कि पिछले 24 घंटों में सऊदी अरब के लड़ाकू विमानों ने यमन के पाँच प्रांतों में 52 हवाई हमले किए हैं और चेतावनी दी है कि इन हमलों का 'जवाब दिया जाएगा'। यह बढ़ता तनाव उस समय सामने आया है जब दोनों पक्षों के बीच सीमा पार संघर्ष तेज़ हो रहा है।
हमलों का विवरण और प्रभावित क्षेत्र
सारिया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में कहा कि F-15 और टाइफून लड़ाकू विमानों ने ये हमले किए, जो सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिमी शहर खमीस मुशैत और पश्चिमी शहर ताइफ के एयरबेस से रवाना हुए थे।
उनके अनुसार, हमले ताइज, अल-जौफ, अल-बैदा, सादा और अमरान प्रांतों में हुए। हूती पक्ष ने आरोप लगाया कि इन हमलों में स्कूलों, पुलों, सड़कों और अन्य नागरिक ढाँचों को निशाना बनाया गया, हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
नागरिक हताहत
हूती समूह की ओर से संचालित अल-मसीरा टीवी ने बताया कि ताइज प्रांत के धुबाब और मकबनाह जिलों में हुए हवाई हमलों में तीन नागरिकों की मौत हो गई, जिनमें दो बच्चे भी शामिल थे। इसके अलावा दो अन्य लोग घायल हुए। चैनल ने यह भी बताया कि ताइज के दक्षिण-पूर्व में स्थित खदीर जिले के एक सरकारी परिसर पर भी हमला हुआ, जिसमें कथित तौर पर लोग हताहत हुए, लेकिन विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।
सऊदी हमलों की पृष्ठभूमि
ये हवाई हमले सोमवार को हूती समूह द्वारा खमीस मुशैत, अभा और ताइफ पर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद हुए। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के अनुसार उन हमलों में 13 नागरिक घायल हुए थे। गठबंधन ने इसके जवाब में 'जिम्मेदार और सख्त' कार्रवाई करने का संकल्प जताया था। फिलहाल, हूती दावों पर सऊदी अधिकारियों की ओर से कोई तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मोखा और मयून द्वीप पर हूती नियंत्रण
यह संघर्ष ऐसे समय में और तीव्र हुआ है जब हूती समूह ने 3 सितंबर को एक नया सैन्य अभियान शुरू किया था। रिपोर्टों के अनुसार, हूती लड़ाकों ने 10 सितंबर को रणनीतिक बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जा कर लिया और 11 सितंबर को महत्वपूर्ण समुद्री जलडमरूमध्य बाब-अल-मंदेब के बीच स्थित मयून द्वीप पर भी नियंत्रण स्थापित कर लिया। यह लाल सागर तट पर मोर्चों की स्थिति में एक बड़े बदलाव का संकेत है।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
यमन का यह गृहयुद्ध 2014 के अंत में शुरू हुआ था, जब हूती समूह ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद मार्च 2015 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सैन्य हस्तक्षेप शुरू किया। एक दशक से अधिक समय बाद भी यह संघर्ष सुलझने के बजाय नए मोर्चों पर फैलता जा रहा है। मोखा और मयून द्वीप पर हूती नियंत्रण वैश्विक व्यापार मार्गों के लिए भी चिंता का विषय बन सकता है।