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यमन के ताइज प्रांत में भीषण संघर्ष: हूती हमले में 25 की मौत, 14 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं

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यमन के ताइज प्रांत में भीषण संघर्ष: हूती हमले में 25 की मौत, 14 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं

सारांश

यमन के ताइज प्रांत में हूती विद्रोहियों के हमले ने एक बार फिर संघर्ष की भयावहता उजागर की — 25 मौतें, 14 बैलिस्टिक मिसाइलें और नागरिकों का पलायन। लाल सागर में विस्फोटक नौकाओं की बरामदगी बताती है कि यह संकट अब सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं है।

मुख्य बातें

यमन के ताइज प्रांत में 3 सितंबर 2026 को हुई मुठभेड़ में 25 लोगों की मौत — 15 सरकारी सैनिक और 10 हूती लड़ाके ।
हूती लड़ाकों ने मकबाना और अल-कधा गांवों में सरकारी ठिकानों पर हमला किया; तोपखाने, मोर्टार और भारी हथियारों का इस्तेमाल।
सरकारी बलों के अनुसार हूतियों ने 14 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं और होदेइदाह तट पर ड्रोन हमले किए।
सरकारी नौसेना ने लाल सागर में हूती समूह की विस्फोटकों से भरी 4 नौकाएं रोकीं।
संघर्ष तेज होने के बाद कई परिवारों ने सुरक्षित इलाकों की ओर पलायन किया।
हूती समूह ने अभी तक ताजा घटनाओं पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी।

यमन के दक्षिण-पश्चिमी ताइज प्रांत में 3 सितंबर 2026 को सरकारी बलों और हूती विद्रोहियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई। एक सरकारी सैन्य अधिकारी के अनुसार, मारे गए लोगों में 15 सरकारी सैनिक और 10 हूती लड़ाके शामिल हैं। यह संघर्ष उस समय शुरू हुआ जब हूती लड़ाकों ने मकबाना और अल-कधा गांवों में सरकारी ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमला बोला।

मुख्य घटनाक्रम

सुबह शुरू हुई इस लड़ाई में दोनों पक्षों ने तोपखाने, मोर्टार और भारी हथियारों का इस्तेमाल किया। सरकारी अधिकारी ने बताया कि शुरुआती चरण में हूती लड़ाके कुछ क्षेत्रों पर कब्जा करने में सफल रहे, लेकिन अतिरिक्त सुदृढ़ीकरण मिलने के बाद सरकारी बलों ने जवाबी कार्रवाई की और कई इलाकों पर पुनः नियंत्रण स्थापित कर लिया।

जमीनी लड़ाई के साथ-साथ पश्चिमी यमन के विभिन्न क्षेत्रों में मिसाइल और ड्रोन हमले भी दर्ज किए गए। सरकारी बलों के दावे के अनुसार, हूतियों ने पिछले कुछ घंटों में 14 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं और ताइज तथा पड़ोसी होदेइदाह प्रांत के पश्चिमी तटीय क्षेत्रों पर ड्रोन हमले किए। सरकारी पक्ष का यह भी कहना है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने कई ड्रोन को मार गिराया।

नागरिकों पर असर

संघर्ष तेज होते ही स्थानीय निवासियों के अनुसार कई परिवार सुरक्षित इलाकों की ओर पलायन करने लगे। हूती बलों की बढ़ती गोलाबारी के कारण इलाके में एक बार फिर विस्थापन की स्थिति उत्पन्न हो गई है। यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष पहले ही लाखों आम नागरिकों को प्रभावित कर चुका है, और ताजा हिंसा ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

समुद्री मोर्चे पर भी तनाव

इससे पहले सोमवार को यमनी सरकारी बलों ने बताया था कि उन्होंने हूती समूह की विस्फोटकों से भरी चार नौकाओं को रोक लिया। सरकारी समाचार एजेंसी सबा के अनुसार, ये नौकाएं लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों के निकट स्थित हनिश द्वीप समूह और जुकर द्वीप की ओर बढ़ रही थीं, जिन्हें सरकारी नौसेना ने बीच रास्ते में ही रोक दिया। सैन्य सूत्रों के मुताबिक, रविवार और सोमवार को भी इन रणनीतिक द्वीपों के पास हूती नौकाओं की कई संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं।

व्यापक संदर्भ

पिछले कुछ हफ्तों में यमन के कई मोर्चों पर संघर्ष की तीव्रता बढ़ी है। सरकारी सेना ने हूती ठिकानों पर ड्रोन और तोपखाने से हमले बढ़ाए हैं, जबकि हूती समूह ने मारीब और लाल सागर तट के सरकारी नियंत्रण वाले क्षेत्रों पर मिसाइल व ड्रोन हमले तेज किए हैं। गौरतलब है कि हूती समूह ने ताजा झड़पों या सरकारी दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

यह ऐसे समय में आया है जब यमन में वर्षों से जारी गृहयुद्ध ने पहले ही मानवीय संकट को विकराल रूप दे दिया है, और ताजा हिंसा से क्षेत्र में स्थिरता की उम्मीदें और धूमिल हो गई हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

आसमान और समुद्र तीनों मोर्चों पर एक साथ दबाव बना रहा है। 14 बैलिस्टिक मिसाइलों का एक साथ दागा जाना और लाल सागर में विस्फोटक नौकाओं की कोशिश यह संकेत देती है कि हूती रणनीति अब केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को निशाना बनाने वाली है। ऐसे में वैश्विक समुदाय की चुप्पी और संघर्षविराम प्रयासों की विफलता आम यमनी नागरिकों के लिए सबसे बड़ी त्रासदी बनती जा रही है।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यमन के ताइज प्रांत में 3 सितंबर को क्या हुआ?
3 सितंबर 2026 को ताइज प्रांत के मकबाना और अल-कधा गांवों में हूती विद्रोहियों ने सरकारी ठिकानों पर हमला किया, जिसमें 25 लोगों की मौत हुई — 15 सरकारी सैनिक और 10 हूती लड़ाके। दोनों पक्षों ने तोपखाने, मोर्टार और भारी हथियारों का इस्तेमाल किया।
हूतियों ने कितनी बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं?
सरकारी बलों के दावे के अनुसार हूती समूह ने पिछले कुछ घंटों में 14 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं और ताइज तथा होदेइदाह प्रांत के पश्चिमी तटीय क्षेत्रों पर ड्रोन हमले भी किए। सरकारी वायु रक्षा प्रणाली ने कई ड्रोन मार गिराने का दावा किया है।
लाल सागर में हूती नौकाओं की क्या घटना हुई?
सोमवार को यमनी सरकारी नौसेना ने हूती समूह की विस्फोटकों से भरी चार नौकाओं को लाल सागर में हनिश द्वीप समूह और जुकर द्वीप के पास रोक लिया। ये नौकाएं अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों के निकट पहुंचने की कोशिश कर रही थीं।
ताजा संघर्ष से यमन के नागरिकों पर क्या असर पड़ा?
संघर्ष तेज होते ही कई परिवार सुरक्षित इलाकों की ओर पलायन करने लगे। यमन में पहले से ही लाखों नागरिक वर्षों के गृहयुद्ध से प्रभावित हैं और ताजा हिंसा ने मानवीय संकट को और गहरा कर दिया है।
हूती समूह ने इन हमलों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
हूती समूह ने 3 सितंबर 2026 की झड़पों या सरकारी दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। सरकारी पक्ष की ओर से जारी सभी आंकड़े और दावे एकतरफा हैं और स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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