8 अगस्त 2026
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यमन के मारिब में हूती मिसाइल-ड्रोन हमला, सेना के कई ठिकाने निशाने पर

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यमन के मारिब में हूती मिसाइल-ड्रोन हमला, सेना के कई ठिकाने निशाने पर

सारांश

यमन के तेल-समृद्ध मारिब प्रांत में हूती बलों ने एक बार फिर मिसाइल और ड्रोन से सरकारी सेना के ठिकानों पर हमला बोला — थर्ड मिलिट्री रीजन का मुख्यालय भी निशाने पर रहा। सऊदी-समर्थित आपातकालीन बलों के शिविरों को भी नुकसान पहुँचाने का दावा, जबकि आधिकारिक हताहत आँकड़े अभी सामने नहीं आए।

मुख्य बातें

7 अगस्त को यमन के मारिब प्रांत में हूती बलों ने मिसाइल और ड्रोन से सरकारी सेना के ठिकानों पर हमला किया।
थर्ड मिलिट्री रीजन का मुख्यालय और कई सैन्य शिविर निशाने पर रहे; शहर में जोरदार धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं।
हूती प्रवक्ता याह्या सारेया ने मारिब , हद्रमौत और अल-वदियाह में 'बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान' का दावा किया।
सऊदी अरब -समर्थित यमनी आपातकालीन बलों की पहली और तीसरी डिवीजन के शिविर भी कथित तौर पर निशाने पर थे।
हताहतों और क्षति की कोई आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

यमन के मध्यवर्ती मारिब प्रांत में 7 अगस्त को हूती बलों ने मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिनमें सरकारी सेना के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया। एक यमनी सैन्य सूत्र और स्थानीय निवासियों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। यह हमला ऐसे समय हुआ जब एक दिन पहले ही मारिब और पड़ोसी हद्रमौत प्रांत में हूती हमलों में कई सरकारी सैनिकों के हताहत होने की खबरें आई थीं।

मुख्य घटनाक्रम

सैन्य सूत्रों के अनुसार, हूती बलों ने मारिब शहर में स्थित थर्ड मिलिट्री रीजन के मुख्यालय सहित कई सरकारी सैन्य शिविरों को निशाना बनाया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि हमलों के दौरान शहर में कई जोरदार धमाके सुने गए। स्थानीय मीडिया ने भी मारिब और उसके आसपास के इलाकों में मिसाइल और ड्रोन हमलों की पुष्टि की है।

फिलहाल इन हमलों में हुई क्षति या हताहतों की संख्या के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हूती समूह ने भी इन ताज़ा हमलों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी।

हूती सैन्य प्रवक्ता का दावा

इससे एक दिन पहले — गुरुवार को — हूती समूह ने दावा किया था कि उसने मारिब और हद्रमौत के पूर्वी इलाकों में सरकारी बलों के खिलाफ बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का उपयोग करते हुए 'बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान' चलाया, जिसमें कथित तौर पर 'सैकड़ों लोग हताहत' हुए।

हूती-संचालित अल-मसीरा टीवी पर प्रसारित एक बयान में समूह के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने कहा कि हमलों का निशाना मारिब के रुवैक और पड़ोसी हद्रमौत के थनियाहअल-अबर क्षेत्रों में स्थित सैन्य ठिकाने थे। इनमें सऊदी अरब समर्थित यमनी आपातकालीन बलों की पहली और तीसरी डिवीजन के शिविर और सैनिक जमावड़े शामिल थे।

सारेया ने दावा किया कि इन हमलों में सरकारी बलों के कई सैनिक मारे गए या घायल हुए, कई सैन्य वाहन और हथियार गोदाम नष्ट हुए या उनमें आग लगी। उनके अनुसार, यमन-सऊदी अरब सीमा के निकट अल-वदियाह क्षेत्र के सैन्य अड्डों को भी निशाना बनाया गया।

सऊदी अरब पर आरोप और चेतावनी

सारेया ने दावा किया कि यह अभियान तब शुरू किया गया जब हूती बलों ने सऊदी अरब की तरफ से बड़े पैमाने पर सैन्य तैयारियाँ देखीं, जो उनके अनुसार 'अंतिम चरण' में पहुँच चुकी थीं। उन्होंने रियाद पर हूती-नियंत्रित इलाकों के खिलाफ बड़े जमीनी सैन्य अभियान की तैयारी का आरोप लगाया।

सारेया ने सऊदी अरब को तनाव और बढ़ाने के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि हूती बल 'किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि जब तक हूती-नियंत्रित इलाकों पर लगाए गए प्रतिबंध नहीं हटाए जाते, समूह 'नाकेबंदी के जवाब में नाकेबंदी' की रणनीति जारी रखेगा।

आगे क्या

यमन में संघर्ष की यह ताज़ा बढ़त ऐसे समय में आई है जब क्षेत्र में शांति प्रयास पहले से ही नाज़ुक दौर से गुज़र रहे हैं। गौरतलब है कि मारिब — जो यमन का तेल-समृद्ध प्रांत है — वर्षों से हूती और सरकारी बलों के बीच टकराव का प्रमुख केंद्र रहा है। इन ताज़ा हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यमन के मारिब में हूती हमला क्यों हुआ?
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया के अनुसार, यह अभियान तब शुरू किया गया जब हूती बलों ने सऊदी अरब की तरफ से बड़े पैमाने पर सैन्य तैयारियाँ देखीं, जो कथित तौर पर 'अंतिम चरण' में थीं। हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मारिब में किन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया?
सैन्य सूत्रों के अनुसार, मारिब शहर में स्थित थर्ड मिलिट्री रीजन का मुख्यालय और कई सैन्य शिविर निशाने पर थे। हूती प्रवक्ता ने मारिब के रुवैक, हद्रमौत के थनियाह व अल-अबर और अल-वदियाह क्षेत्र के अड्डों को भी निशाना बनाने का दावा किया।
हमलों में कितने लोग हताहत हुए?
आधिकारिक तौर पर हताहतों की संख्या की अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है। हूती प्रवक्ता ने 'सैकड़ों हताहत' का दावा किया है, लेकिन यमनी सरकार या किसी स्वतंत्र स्रोत ने इसकी पुष्टि नहीं की।
हूती बलों की 'नाकेबंदी के जवाब में नाकेबंदी' की रणनीति क्या है?
हूती प्रवक्ता सारेया के अनुसार, जब तक हूती-नियंत्रित इलाकों पर लगाए गए प्रतिबंध नहीं हटाए जाते, समूह सैन्य दबाव और नाकेबंदी जारी रखेगा। यह रणनीति सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन पर दबाव बनाने के लिए अपनाई जा रही है।
मारिब प्रांत यमन संघर्ष में इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
मारिब यमन का तेल और गैस उत्पादन का प्रमुख केंद्र है और वर्षों से हूती तथा सरकारी बलों के बीच टकराव का मुख्य मोर्चा रहा है। इस प्रांत पर नियंत्रण का सीधा असर यमन की अर्थव्यवस्था और किसी भी भावी शांति समझौते पर पड़ता है।
राष्ट्र प्रेस
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