7 अगस्त 2026
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यमन: हूती हमले में 35 सरकारी सैनिक मारे गए, मारिब-हद्रामौत में मिसाइल-ड्रोन अभियान

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यमन: हूती हमले में 35 सरकारी सैनिक मारे गए, मारिब-हद्रामौत में मिसाइल-ड्रोन अभियान

सारांश

यमन में हूती समूह ने मारिब और हद्रामौत में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से बड़ा हमला किया, जिसमें कम से कम 35 सरकारी सैनिक मारे गए। साथ ही अदन की खाड़ी और लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों को भी निशाना बनाया गया — संघर्ष जमीन से समुद्र तक फैल रहा है।

मुख्य बातें

हूती समूह ने 6 अगस्त को मारिब और हद्रामौत प्रांतों में सरकारी बलों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल-ड्रोन हमले किए।
एक सैन्य अधिकारी के अनुसार हमलों में कम से कम 35 यमनी सरकारी सैनिक मारे गए, कई घायल।
सऊदी अरब समर्थित यमनी इमरजेंसी फोर्स की पहली डिवीजन की चौकियाँ भी निशाने पर रहीं।
हूती प्रवक्ता याह्या सारेया ने अदन की खाड़ी में सऊदी टैंकर ' डेजी ' पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले का दावा किया।
हूती समूह ने लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों की समुद्री नाकाबंदी जारी रखने की घोषणा की है।

यमन के हूती समूह ने गुरुवार, 6 अगस्त को दावा किया कि उसने मारिब और हद्रामौत प्रांतों में सरकारी बलों के खिलाफ बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का उपयोग करते हुए व्यापक सैन्य अभियान चलाया। एक सैन्य अधिकारी के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 35 यमनी सरकारी सैनिक मारे गए और कई अन्य घायल हो गए — जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

हमले का विवरण

अधिकारी ने बताया कि हमले मारिब और हद्रामौत दोनों प्रांतों के कई स्थानों पर स्थित सैन्य बैरकों और चौकियों को निशाना बनाकर किए गए। इनमें सऊदी अरब के समर्थन से हाल ही में गठित यमनी इमरजेंसी फोर्स के ठिकाने भी शामिल थे। अधिकारी ने यह भी कहा कि कुछ हमलों में बैलिस्टिक मिसाइलों के इस्तेमाल की आशंका है। हूती समूह ने अपने दावे में कहा कि इन हमलों में 'सैकड़ों लोग हताहत' हुए, हालाँकि इस आँकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

यमनी इमरजेंसी फोर्स की पुष्टि

यमनी इमरजेंसी फोर्स ने भी स्वीकार किया कि उसके कई सैन्य शिविरों और इकाइयों पर हमला हुआ, जिनमें उसकी पहली डिवीजन की चौकियाँ भी शामिल हैं। फोर्स ने कहा कि इन हमलों में जनहानि और संपत्ति का नुकसान हुआ है। फोर्स के अनुसार, ये हमले उस समय हुए जब सरकारी बल क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक गिरोहों और तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा अभियान चला रहे थे।

समुद्री मोर्चे पर भी हूती कार्रवाई

इससे पहले बुधवार को हूती समूह ने दावा किया था कि उसने अदन की खाड़ी में एक सऊदी तेल टैंकर को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया। कुछ घंटे पहले उसने उत्तरी लाल सागर में एक अन्य सऊदी टैंकर पर मिसाइल हमले का भी दावा किया था। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में कहा कि 'डेजी' नामक टैंकर को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया गया, जिसके बाद उसे वापस लौटना पड़ा।

हूती की समुद्री नाकाबंदी नीति

सारेया ने कहा कि यह हमला सऊदी अरब के खिलाफ हूती समूह की घोषित समुद्री नाकाबंदी का हिस्सा है, जिसे वे 'नाकाबंदी के जवाब में नाकाबंदी' की नीति बताते हैं। उन्होंने कहा कि हूती बल सऊदी तेल टैंकरों की गतिविधियों पर लगातार नज़र रख रहे हैं और जब तक हूती-नियंत्रित क्षेत्रों पर कथित नाकाबंदी नहीं हटाई जाती, तब तक वे दक्षिणी और उत्तरी लाल सागर से उनके गुजरने को रोकने का प्रयास जारी रखेंगे। यह संघर्ष ऐसे समय में और तीव्र हुआ है जब यमन में वर्षों से चला आ रहा गृहयुद्ध किसी स्थायी समाधान से कोसों दूर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक रणनीतिक संदेश है — जमीन और समुद्र, दोनों मोर्चों पर एक साथ दबाव बनाने की कोशिश। सऊदी समर्थित इमरजेंसी फोर्स को निशाना बनाना यह दर्शाता है कि हूती रियाद की प्रत्यक्ष भागीदारी को सीधे चुनौती देने से नहीं हिचकिचाते। लाल सागर में टैंकरों पर हमले वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति शृंखला के लिए चेतावनी हैं, जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब तक गंभीरता से नहीं ले पाया है। जब तक यमन संघर्ष में किसी राजनीतिक समाधान की रूपरेखा नहीं बनती, इस तरह के हमले बढ़ते ही जाएँगे।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यमन के मारिब और हद्रामौत में हूती हमले में कितने सैनिक मारे गए?
एक सैन्य अधिकारी के अनुसार, 6 अगस्त को हुए हूती हमलों में कम से कम 35 यमनी सरकारी सैनिक मारे गए और कई अन्य घायल हुए, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है।
हूती समूह ने किन हथियारों से हमला किया?
हूती समूह ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का उपयोग करते हुए मारिब और हद्रामौत प्रांतों में सैन्य बैरकों और चौकियों पर हमले किए। अधिकारियों के अनुसार कुछ हमलों में बैलिस्टिक मिसाइलों के इस्तेमाल की आशंका है।
यमनी इमरजेंसी फोर्स क्या है और इस हमले में उसकी क्या भूमिका रही?
यमनी इमरजेंसी फोर्स सऊदी अरब के समर्थन से हाल ही में गठित एक सैन्य बल है। इस हमले में उसके कई शिविरों और पहली डिवीजन की चौकियों को निशाना बनाया गया, जिसमें जनहानि और संपत्ति का नुकसान हुआ।
हूती समूह ने लाल सागर में सऊदी टैंकरों पर हमला क्यों किया?
हूती प्रवक्ता याह्या सारेया के अनुसार, ये हमले सऊदी अरब के खिलाफ घोषित समुद्री नाकाबंदी का हिस्सा हैं। हूती का कहना है कि जब तक उनके नियंत्रण वाले क्षेत्रों पर कथित नाकाबंदी नहीं हटाई जाती, वे लाल सागर से सऊदी तेल टैंकरों के गुजरने को रोकते रहेंगे।
'डेजी' टैंकर पर हमले का क्या हुआ?
हूती प्रवक्ता याह्या सारेया ने दावा किया कि 'डेजी' नामक सऊदी तेल टैंकर को अदन की खाड़ी में बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया गया, जिसके बाद उसे वापस लौटना पड़ा। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
राष्ट्र प्रेस
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