यमन: हूती हमले में 35 सरकारी सैनिक मारे गए, मारिब-हद्रामौत में मिसाइल-ड्रोन अभियान
सारांश
मुख्य बातें
यमन के हूती समूह ने गुरुवार, 6 अगस्त को दावा किया कि उसने मारिब और हद्रामौत प्रांतों में सरकारी बलों के खिलाफ बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का उपयोग करते हुए व्यापक सैन्य अभियान चलाया। एक सैन्य अधिकारी के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 35 यमनी सरकारी सैनिक मारे गए और कई अन्य घायल हो गए — जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हमले का विवरण
अधिकारी ने बताया कि हमले मारिब और हद्रामौत दोनों प्रांतों के कई स्थानों पर स्थित सैन्य बैरकों और चौकियों को निशाना बनाकर किए गए। इनमें सऊदी अरब के समर्थन से हाल ही में गठित यमनी इमरजेंसी फोर्स के ठिकाने भी शामिल थे। अधिकारी ने यह भी कहा कि कुछ हमलों में बैलिस्टिक मिसाइलों के इस्तेमाल की आशंका है। हूती समूह ने अपने दावे में कहा कि इन हमलों में 'सैकड़ों लोग हताहत' हुए, हालाँकि इस आँकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
यमनी इमरजेंसी फोर्स की पुष्टि
यमनी इमरजेंसी फोर्स ने भी स्वीकार किया कि उसके कई सैन्य शिविरों और इकाइयों पर हमला हुआ, जिनमें उसकी पहली डिवीजन की चौकियाँ भी शामिल हैं। फोर्स ने कहा कि इन हमलों में जनहानि और संपत्ति का नुकसान हुआ है। फोर्स के अनुसार, ये हमले उस समय हुए जब सरकारी बल क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक गिरोहों और तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा अभियान चला रहे थे।
समुद्री मोर्चे पर भी हूती कार्रवाई
इससे पहले बुधवार को हूती समूह ने दावा किया था कि उसने अदन की खाड़ी में एक सऊदी तेल टैंकर को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया। कुछ घंटे पहले उसने उत्तरी लाल सागर में एक अन्य सऊदी टैंकर पर मिसाइल हमले का भी दावा किया था। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में कहा कि 'डेजी' नामक टैंकर को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया गया, जिसके बाद उसे वापस लौटना पड़ा।
हूती की समुद्री नाकाबंदी नीति
सारेया ने कहा कि यह हमला सऊदी अरब के खिलाफ हूती समूह की घोषित समुद्री नाकाबंदी का हिस्सा है, जिसे वे 'नाकाबंदी के जवाब में नाकाबंदी' की नीति बताते हैं। उन्होंने कहा कि हूती बल सऊदी तेल टैंकरों की गतिविधियों पर लगातार नज़र रख रहे हैं और जब तक हूती-नियंत्रित क्षेत्रों पर कथित नाकाबंदी नहीं हटाई जाती, तब तक वे दक्षिणी और उत्तरी लाल सागर से उनके गुजरने को रोकने का प्रयास जारी रखेंगे। यह संघर्ष ऐसे समय में और तीव्र हुआ है जब यमन में वर्षों से चला आ रहा गृहयुद्ध किसी स्थायी समाधान से कोसों दूर है।