हूती विद्रोहियों का दावा: जजान में सऊदी अरामको रिफाइनरी पर ड्रोन हमला, सऊदी चुप
सारांश
मुख्य बातें
यमन के हूती विद्रोहियों ने मंगलवार, 18 अगस्त को दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत जजान में स्थित सऊदी अरामको की तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया है। हूती के इस दावे पर सऊदी अधिकारियों या अरामको की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई, और हताहतों या भौतिक नुकसान की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।
हमले का दावा और हूती का तर्क
हूती-संचालित सबा न्यूज एजेंसी के हवाले से समूह के एक सूत्र ने कहा कि कई ड्रोन ने रिफाइनरी को निशाना बनाया और हमला 'अचूक' रहा। सूत्र के अनुसार यह कार्रवाई हूती-नियंत्रित उत्तरी प्रांतों सादा और हज्जाह के ऊपर कथित 'सऊदी एयरस्पेस उल्लंघन' के जवाब में की गई।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले गुरुवार को भी हूती ने दावा किया था कि दो ड्रोन ने जजान रिफाइनरी के एक ही ठिकाने को निशाना बनाया था — और उस हमले में भी सादा व हज्जाह के ऊपर सऊदी की हवाई गतिविधि को कारण बताया गया था। इस प्रकार यह कथित तौर पर एक ही लक्ष्य पर कुछ दिनों के भीतर दूसरा हमला है।
यमन में हूती की हालिया सैन्य गतिविधियाँ
हूती विद्रोहियों ने हाल के हफ्तों में अपनी हमलावर गतिविधियाँ तेज़ की हैं। इनमें यमन सरकार के नियंत्रण वाले इलाकों — जैसे रेड सी के तटीय शहर मोचा और तेल-समृद्ध मारिब प्रांत — पर मिसाइल और ड्रोन हमले शामिल हैं। इसके अलावा रेड सी और बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाज़रानी को भी निशाना बनाया गया है, जिससे वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों पर दबाव बढ़ा है।
यमन संघर्ष की पृष्ठभूमि
यमन 2014 के अंत से गृहयुद्ध की आग में जल रहा है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना सहित उत्तरी यमन के अधिकांश हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया था। इसके बाद सऊदी अरब के नेतृत्व वाले अरब गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया।
संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में अप्रैल 2022 में लागू हुआ संघर्ष विराम छह महीने बाद बिना किसी औपचारिक नवीनीकरण के समाप्त हो गया। आलोचकों का कहना है कि ईरान-अमेरिका तनाव के हालिया दौर ने हूती को और अधिक आक्रामक बनाया है, जिसके चलते क्षेत्र में हमलों की आवृत्ति बढ़ी है।
सऊदी अरामको और क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा पर असर
यदि हमले की पुष्टि होती है, तो यह सऊदी अरामको के बुनियादी ढाँचे पर हूती के बढ़ते हमलों की श्रृंखला में नवीनतम कड़ी होगी। 2019 में अबक़ैक़ और खुरैस रिफाइनरियों पर हुए हमलों ने वैश्विक तेल आपूर्ति को अस्थायी रूप से बाधित किया था। फिलहाल जजान रिफाइनरी पर इस ताज़ा हमले से उत्पादन या आपूर्ति पर पड़े असर की कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
आगे क्या
सऊदी अधिकारियों और अरामको की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है। क्षेत्रीय विश्लेषकों का मानना है कि ईरान-समर्थित हूती और सऊदी गठबंधन के बीच तनाव तब तक कम होने की संभावना नहीं है जब तक व्यापक राजनयिक प्रयास ज़मीन पर नहीं उतरते।