18 अगस्त 2026
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हूती विद्रोहियों का दावा: जजान में सऊदी अरामको रिफाइनरी पर ड्रोन हमला, सऊदी चुप

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हूती विद्रोहियों का दावा: जजान में सऊदी अरामको रिफाइनरी पर ड्रोन हमला, सऊदी चुप

सारांश

हूती विद्रोहियों ने जजान में सऊदी अरामको रिफाइनरी पर ड्रोन हमले का दावा किया है — कुछ दिनों में यह दूसरा कथित हमला है। सऊदी चुप है, नुकसान की पुष्टि नहीं। यमन संघर्ष और ईरान-अमेरिका तनाव के बीच क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा एक बार फिर दाँव पर।

मुख्य बातें

हूती विद्रोहियों ने 18 अगस्त को जजान स्थित सऊदी अरामको रिफाइनरी पर कई ड्रोन से हमले का दावा किया।
हूती-संचालित सबा न्यूज एजेंसी के अनुसार हमला 'अचूक' था; यह कथित तौर पर सादा और हज्जाह के ऊपर सऊदी 'एयरस्पेस उल्लंघन' का जवाब बताया गया।
सऊदी अधिकारियों और अरामको ने तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी; हताहतों या नुकसान की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं।
इससे पहले गुरुवार को भी हूती ने दो ड्रोन से उसी ठिकाने पर हमले का दावा किया था।
यमन 2014 से गृहयुद्ध में है; अप्रैल 2022 का संघर्ष विराम छह महीने बाद समाप्त हो गया था।

यमन के हूती विद्रोहियों ने मंगलवार, 18 अगस्त को दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत जजान में स्थित सऊदी अरामको की तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया है। हूती के इस दावे पर सऊदी अधिकारियों या अरामको की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई, और हताहतों या भौतिक नुकसान की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।

हमले का दावा और हूती का तर्क

हूती-संचालित सबा न्यूज एजेंसी के हवाले से समूह के एक सूत्र ने कहा कि कई ड्रोन ने रिफाइनरी को निशाना बनाया और हमला 'अचूक' रहा। सूत्र के अनुसार यह कार्रवाई हूती-नियंत्रित उत्तरी प्रांतों सादा और हज्जाह के ऊपर कथित 'सऊदी एयरस्पेस उल्लंघन' के जवाब में की गई।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले गुरुवार को भी हूती ने दावा किया था कि दो ड्रोन ने जजान रिफाइनरी के एक ही ठिकाने को निशाना बनाया था — और उस हमले में भी सादा व हज्जाह के ऊपर सऊदी की हवाई गतिविधि को कारण बताया गया था। इस प्रकार यह कथित तौर पर एक ही लक्ष्य पर कुछ दिनों के भीतर दूसरा हमला है।

यमन में हूती की हालिया सैन्य गतिविधियाँ

हूती विद्रोहियों ने हाल के हफ्तों में अपनी हमलावर गतिविधियाँ तेज़ की हैं। इनमें यमन सरकार के नियंत्रण वाले इलाकों — जैसे रेड सी के तटीय शहर मोचा और तेल-समृद्ध मारिब प्रांत — पर मिसाइल और ड्रोन हमले शामिल हैं। इसके अलावा रेड सी और बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाज़रानी को भी निशाना बनाया गया है, जिससे वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों पर दबाव बढ़ा है।

यमन संघर्ष की पृष्ठभूमि

यमन 2014 के अंत से गृहयुद्ध की आग में जल रहा है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना सहित उत्तरी यमन के अधिकांश हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया था। इसके बाद सऊदी अरब के नेतृत्व वाले अरब गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया।

संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में अप्रैल 2022 में लागू हुआ संघर्ष विराम छह महीने बाद बिना किसी औपचारिक नवीनीकरण के समाप्त हो गया। आलोचकों का कहना है कि ईरान-अमेरिका तनाव के हालिया दौर ने हूती को और अधिक आक्रामक बनाया है, जिसके चलते क्षेत्र में हमलों की आवृत्ति बढ़ी है।

सऊदी अरामको और क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा पर असर

यदि हमले की पुष्टि होती है, तो यह सऊदी अरामको के बुनियादी ढाँचे पर हूती के बढ़ते हमलों की श्रृंखला में नवीनतम कड़ी होगी। 2019 में अबक़ैक़ और खुरैस रिफाइनरियों पर हुए हमलों ने वैश्विक तेल आपूर्ति को अस्थायी रूप से बाधित किया था। फिलहाल जजान रिफाइनरी पर इस ताज़ा हमले से उत्पादन या आपूर्ति पर पड़े असर की कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

आगे क्या

सऊदी अधिकारियों और अरामको की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है। क्षेत्रीय विश्लेषकों का मानना है कि ईरान-समर्थित हूती और सऊदी गठबंधन के बीच तनाव तब तक कम होने की संभावना नहीं है जब तक व्यापक राजनयिक प्रयास ज़मीन पर नहीं उतरते।

संपादकीय दृष्टिकोण

चाहे ज़मीनी असर सीमित हो। 2019 के अबक़ैक़ हमले ने दिखाया था कि अरामको का बुनियादी ढाँचा कितना संवेदनशील है — फिर भी सऊदी अरब की सार्वजनिक चुप्पी यह संकेत देती है कि या तो हमला विफल रहा या रणनीतिक कारणों से पुष्टि टाली जा रही है। ईरान-अमेरिका तनाव के मौजूदा दौर में हूती की आक्रामकता सीधे तेहरान के क्षेत्रीय प्रॉक्सी खेल से जुड़ी है — और जब तक इस व्यापक भू-राजनीतिक समीकरण में बदलाव नहीं आता, ऐसे हमलों का सिलसिला जारी रहने की आशंका है।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हूती विद्रोहियों ने जजान रिफाइनरी पर हमले का दावा क्यों किया?
हूती सूत्रों के अनुसार यह हमला उनके नियंत्रण वाले प्रांतों सादा और हज्जाह के ऊपर सऊदी अरब की कथित हवाई गतिविधि के जवाब में किया गया। समूह ने इसे 'एयरस्पेस उल्लंघन' का प्रतिशोध बताया, हालाँकि सऊदी पक्ष ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है।
क्या सऊदी अरामको रिफाइनरी को नुकसान हुआ?
अभी तक सऊदी अधिकारियों या अरामको की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हताहतों या भौतिक क्षति की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है; हूती का दावा फिलहाल एकतरफा है।
यमन में हूती और सऊदी अरब के बीच संघर्ष कब से चल रहा है?
यमन 2014 के अंत से गृहयुद्ध में है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना सहित उत्तरी यमन पर कब्ज़ा किया था। इसके बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने 2015 में अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप किया।
2022 का यमन संघर्ष विराम क्यों विफल हुआ?
संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में अप्रैल 2022 में लागू हुआ संघर्ष विराम छह महीने बाद बिना किसी औपचारिक नवीनीकरण के समाप्त हो गया। राजनीतिक मतभेद और ज़मीनी स्तर पर उल्लंघन की घटनाओं ने इसे टिकाऊ नहीं बनने दिया।
हूती के हमलों से वैश्विक तेल आपूर्ति पर क्या असर पड़ सकता है?
यदि जजान रिफाइनरी हमले की पुष्टि होती है, तो यह सऊदी अरामको के बुनियादी ढाँचे पर एक और बड़ा खतरा होगा। 2019 में अबक़ैक़ हमले ने वैश्विक तेल आपूर्ति को अस्थायी रूप से प्रभावित किया था। रेड सी और बाब अल-मंदाब में हूती की बढ़ती गतिविधियाँ पहले से ही वैश्विक शिपिंग लागत बढ़ा रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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