9 अगस्त 2026
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मोचा बंदरगाह पर हूती हमला: बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे, सऊदी-समर्थित बलों को निशाना बनाया

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मोचा बंदरगाह पर हूती हमला: बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे, सऊदी-समर्थित बलों को निशाना बनाया

सारांश

हूती समूह ने 9 अगस्त को पश्चिमी यमन के मोचा बंदरगाह पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से सऊदी-समर्थित बलों को निशाना बनाया। उसी दिन जिज़ान में सऊदी अरामको रिफाइनरी पर भी हमले का दावा किया गया। बाब-अल-मंदब जलसंधि के निकट यह हमला वैश्विक जहाजरानी के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

मुख्य बातें

हूती समूह ने 9 अगस्त को पश्चिमी यमन के मोचा बंदरगाह पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले का दावा किया।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने एक्स पर बयान जारी कर सैनिकों के जमावड़े और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाने की बात कही।
स्थानीय सरकारी अधिकारी के अनुसार, मिसाइलों का निशाना बंदरगाह परिसर के भीतर 'नागरिक क्षेत्र' थे।
उसी दिन हूतियों ने सऊदी अरब के जिज़ान स्थित सऊदी अरामको रिफाइनरी पर ड्रोन हमले का भी दावा किया।
सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने पुष्टि की कि रिफाइनरी में लगी आग पर काबू पा लिया गया; कोई हताहत नहीं।
हूती समूह ने हमलों के समर्थन में कोई स्वतंत्र साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।

यमन के हूती समूह ने 9 अगस्त को दावा किया कि उसने पश्चिमी यमन के ताइज प्रांत में लाल सागर के तट पर स्थित रणनीतिक बंदरगाह शहर मोचा में सऊदी-समर्थित बलों के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में कहा कि इस अभियान में सैनिकों के जमावड़े और हथियारों के गोदामों को बैलिस्टिक मिसाइलों तथा ड्रोन की बड़ी संख्या से निशाना बनाया गया।

मुख्य घटनाक्रम

इस हमले की घोषणा से कुछ समय पहले ताइज प्रांत के एक स्थानीय सरकारी अधिकारी ने बताया कि हूतियों ने बंदरगाह परिसर की ओर कई मिसाइलें दागीं और उनका निशाना बंदरगाह के भीतर स्थित 'नागरिक क्षेत्र' थे। मोचा के निवासियों ने बताया कि हमले के बाद बंदरगाह की दिशा से कई धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और इलाके से धुआं उठता देखा गया।

रिपोर्टों के अनुसार, मोचा बंदरगाह और उसके आसपास के तटीय इलाकों पर यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थक बलों का नियंत्रण है। हूती समूह ने अपने दावे के समर्थन में कोई स्वतंत्र साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया और हमले से हुए नुकसान या हताहतों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।

मोचा का रणनीतिक महत्व

मोचा (मोखा) शहर बाब-अल-मंदब जलसंधि के निकट स्थित है — यह वह संकरा समुद्री मार्ग है जो लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी के लिहाज से यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि वैश्विक व्यापार का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। यह ऐसे समय में हुआ है जब हूती समूह पहले से ही मारिब और हद्रामौत प्रांतों में सरकारी बलों के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है।

सऊदी अरामको रिफाइनरी पर भी हमले का दावा

उसी दिन हूती समूह ने यह भी दावा किया कि उसने सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिमी शहर जिज़ान में स्थित सऊदी अरामको की एक रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया। प्रवक्ता याह्या सरी ने एक्स पर जारी बयान में इसे 'सटीक हमला' बताया और कहा कि यह कार्रवाई सऊदी अरब द्वारा हूती-नियंत्रित उत्तरी यमन के सादा और हज्जा प्रांतों के हवाई क्षेत्र में ड्रोन भेजे जाने के जवाब में की गई।

दूसरी ओर, सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने पुष्टि की कि सऊदी अरामको की औद्योगिक सुरक्षा और अग्निशमन टीमों ने जिज़ान स्थित रिफाइनरी की एक इकाई में लगी आग पर काबू पा लिया है। मंत्रालय के अनुसार, इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

बढ़ता तनाव और व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि हाल के हफ्तों में यमन में संघर्ष की तीव्रता तेजी से बढ़ी है। हूती समूह ने एक के बाद एक कई मोर्चों पर हमले किए हैं — चाहे वह पूर्वी यमन के सरकारी ठिकाने हों या सऊदी अरब की ऊर्जा अवसंरचना। यह संघर्ष वर्षों पुराने यमन गृहयुद्ध का हिस्सा है, जिसमें सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन किया है।

आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है, खासकर तब जब बाब-अल-मंदब जलसंधि के निकट किसी भी बड़े संघर्ष का असर वैश्विक जहाजरानी और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो वैश्विक व्यापार के लिए एक जीवनरेखा है। एक ही दिन में मोचा और जिज़ान रिफाइनरी — दोनों पर हमले के दावे यह संकेत देते हैं कि हूती अब केवल यमन के भीतर नहीं, बल्कि क्षेत्रीय ऊर्जा अवसंरचना को भी निशाना बना रहे हैं। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय की त्वरित 'आग पर काबू' की घोषणा नुकसान को सीमित बताती है, लेकिन यह तथ्य कि रिफाइनरी में आग लगी — यही बात ऊर्जा बाजारों के लिए पर्याप्त चिंताजनक है। बिना स्वतंत्र सत्यापन के हूती के दावों को अंकित मूल्य पर नहीं लिया जाना चाहिए, लेकिन इस संघर्ष की बढ़ती भौगोलिक व्यापकता को नजरअंदाज करना भी संभव नहीं।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हूती समूह ने मोचा पर हमले का दावा क्यों किया?
हूती समूह ने कथित तौर पर सऊदी-समर्थित बलों के सैनिकों के जमावड़े और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाने के लिए यह हमला किया। प्रवक्ता याह्या सरी ने इसे सऊदी अरब द्वारा हूती-नियंत्रित प्रांतों के हवाई क्षेत्र में ड्रोन भेजे जाने की प्रतिक्रिया बताया।
मोचा बंदरगाह रणनीतिक रूप से इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
मोचा बंदरगाह बाब-अल-मंदब जलसंधि के निकट स्थित है, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है। यह वैश्विक जहाजरानी का एक प्रमुख मार्ग है और इस पर किसी भी हमले का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।
सऊदी अरामको रिफाइनरी पर हमले में कितना नुकसान हुआ?
सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, जिज़ान स्थित रिफाइनरी की एक इकाई में लगी आग पर औद्योगिक सुरक्षा और अग्निशमन टीमों ने काबू पा लिया। मंत्रालय ने किसी के हताहत होने से इनकार किया।
हूती समूह के दावों की विश्वसनीयता कितनी है?
हूती समूह ने मोचा और जिज़ान — दोनों हमलों के समर्थन में कोई स्वतंत्र साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। न ही हताहतों या नुकसान के बारे में कोई विस्तृत जानकारी दी गई। इसलिए इन दावों को कथित तौर पर ही माना जाना चाहिए।
यमन में मौजूदा संघर्ष की स्थिति क्या है?
यमन में वर्षों से चल रहे गृहयुद्ध में हूती समूह और सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा समर्थित अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के बीच लड़ाई जारी है। हाल के हफ्तों में मारिब, हद्रामौत और अब मोचा में हमलों के साथ तनाव तेजी से बढ़ा है।
राष्ट्र प्रेस
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