हूती समूह का दावा: अल-जौफ में सऊदी ड्रोन ध्वस्त, लाल सागर में टैंकर के पास संदिग्ध विस्फोट
सारांश
मुख्य बातें
यमन के हूती समूह ने 26 जुलाई 2026 को दावा किया कि उसकी सेनाओं ने सऊदी अरब के उत्तरी प्रांत अल-जौफ के हवाई क्षेत्र में एक सऊदी जासूसी ड्रोन को मार गिराया। इसी दौरान, रणनीतिक रूप से संवेदनशील बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के निकट दक्षिणी लाल सागर में एक टैंकर के पास अज्ञात वस्तु के पानी में गिरने की सूचना ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएँ उत्पन्न कर दी हैं।
हूती दावा: अल-जौफ में ड्रोन ध्वस्त
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि समूह की सेनाओं ने अल-जौफ के हवाई क्षेत्र में 'दुश्मन गतिविधियों' में संलग्न इस ड्रोन को 'उपयुक्त हथियारों' से नष्ट किया। हालाँकि, उन्होंने इस कार्रवाई का कोई विस्तृत तकनीकी ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया। इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
लाल सागर में टैंकर के पास संदिग्ध घटना
ब्रिटेन के यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने बताया कि दक्षिणी लाल सागर में एक टैंकर के चालक दल ने जहाज के बेहद करीब किसी अज्ञात वस्तु के पानी में गिरने की आवाज सुनी। UKMTO के अनुसार, जहाज और उस पर सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। यह घटना बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास हुई, जो वैश्विक तेल और माल व्यापार का एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण समुद्री मार्ग है।
बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि
ये घटनाएँ ऐसे समय में सामने आई हैं जब हूती समूह ने पिछले सप्ताह सऊदी अरब से जुड़े जहाजों पर समुद्री प्रतिबंध लागू करने और लाल सागर में व्यापारिक पोतों को निशाना बनाने की घोषणा की थी। इसके जवाब में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में हूती नियंत्रण वाले क्षेत्रों पर हवाई हमले तेज़ किए। सरकारी यमन टीवी के अनुसार, शनिवार को उत्तरी यमन में हूती सैन्य ठिकानों पर हवाई कार्रवाई की गई। हूती समूह ने पलटवार करते हुए दावा किया कि उसने सऊदी अरब के जिज़ान और यानबू क्षेत्रों में ऊर्जा प्रतिष्ठानों को मिसाइल और ड्रोन हमलों से निशाना बनाया।
यमन संघर्ष: एक दशक से जारी संकट
यमन में यह संघर्ष 2014 के अंत से चला आ रहा है, जब हूतियों ने उत्तरी यमन के बड़े हिस्से — जिसमें राजधानी सना भी शामिल है — पर कब्जा कर लिया था। 2015 में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप शुरू किया। संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में 2022 में हुआ युद्धविराम औपचारिक रूप से समाप्त हो गया, हालाँकि उसके बाद से एक अनौपचारिक और कमज़ोर संघर्षविराम किसी हद तक बना रहा।
क्षेत्रीय व्यापार और सुरक्षा पर असर
हाल की बढ़ती हिंसा ने लाल सागर से गुज़रने वाले वैश्विक व्यापारिक पोतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से प्रतिदिन लाखों बैरल तेल और अरबों डॉलर का व्यापार गुज़रता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हूती हमले इसी तरह जारी रहे, तो बीमा दरें और शिपिंग मार्गों पर दबाव और बढ़ सकता है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और गठबंधन की रणनीति इस संघर्ष की दिशा तय करेगी।