हूती हमले में तीन क्रू सदस्यों की मौत, बाब अल-मंदाब स्ट्रेट में कमर्शियल जहाज निशाना
सारांश
मुख्य बातें
यमन के हूती विद्रोहियों ने मंगलवार, 11 अगस्त को बाब अल-मंदाब स्ट्रेट से गुजर रहे एक कमर्शियल जहाज पर हमला किया, जिसमें दो पाकिस्तानी नागरिकों और एक इंडोनेशियाई नागरिक समेत क्रू के तीन सदस्यों की मौत हो गई। यमन की सरकार समर्थक मीडिया के अनुसार, यह हमला लाल सागर क्षेत्र में हूतियों की बढ़ती आक्रामकता की कड़ी में नवीनतम घटना है।
हमले का विवरण
सरकार समर्थक नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज के मीडिया चैनल अलजौम्हौरिया टीवी ने इस हमले की पुष्टि की। हालाँकि, रिपोर्टों के अनुसार जहाज की पहचान और हमले में इस्तेमाल हथियारों का विवरण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। जहाज को हुए नुकसान की सीमा और शेष क्रू सदस्यों की स्थिति के बारे में भी तत्काल कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। उल्लेखनीय है कि हूती विद्रोहियों ने अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
बढ़ते हमलों की पृष्ठभूमि
यह घटना यमन के निकटवर्ती जलक्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग पर हूतियों के लगातार बढ़ते हमलों के बीच हुई है। इससे पहले 20 जुलाई को हूतियों ने लाल सागर में सऊदी से जुड़े जहाजों पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया था, जिसे उन्होंने हूती-नियंत्रित क्षेत्रों की सऊदी नाकाबंदी का जवाब बताया था। इसके अलावा, पड़ोसी सऊदी अरब में सरकारी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाएँ भी जारी हैं।
यमन सरकार की प्रतिक्रिया
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने सोमवार को स्पष्ट किया कि वह हूतियों के हमलों का करारा जवाब देगी। प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल (PLC) के चेयरमैन रशद अल-अलीमी ने रियाद में यमन की राजनीतिक प्रक्रिया का समर्थन करने वाले देशों के राजदूतों के साथ बैठक के दौरान कहा कि सरकारी सेनाएँ इस नई बढ़ोतरी का सामना करने के लिए पहले से कहीं अधिक तैयार हैं।
सरकारी समाचार एजेंसी सबा के अनुसार, अल-अलीमी ने कहा, 'सरकार ने इस बढ़ोतरी की शुरुआत नहीं की, न ही उसने इसकी माँग की।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब हूतियों को सैन्य टकराव का समय और दायरा तय करने की छूट नहीं दी जाएगी। मारिब, हद्रामौत और पश्चिमी तट पर हमले अब बिना किसी कीमत के नहीं होंगे।
संघर्ष की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यमन 2014 के अंत से गृहयुद्ध की आग में झुलस रहा है। हूतियों ने राजधानी सना समेत उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने 2015 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के समर्थन में हस्तक्षेप किया था। 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ, परंतु हालिया हमलों ने उस शांति प्रक्रिया को गहरे संकट में डाल दिया है।
आगे का खतरा
तेल-समृद्ध मारिब, हद्रामौत और शबवा प्रांतों के साथ-साथ पश्चिमी तटीय शहर मोचा में सरकारी सेना और बुनियादी ढाँचे पर हूती हमलों के तेज होने से बड़े पैमाने पर सैन्य टकराव का खतरा बढ़ गया है। विश्लेषकों के अनुसार, बाब अल-मंदाब स्ट्रेट — जो वैश्विक तेल और व्यापार के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग है — पर बढ़ते हमले अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर रहे हैं।