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यमन में हूती हमले से 500 से अधिक सरकारी सैनिक मारे गए, मोखा और मायून द्वीप पर कब्जा

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यमन में हूती हमले से 500 से अधिक सरकारी सैनिक मारे गए, मोखा और मायून द्वीप पर कब्जा

सारांश

यमन के पश्चिमी तट पर हूती विद्रोहियों का भयावह हमला — एक महीने में 500 से अधिक सरकारी सैनिक मारे गए, मोखा बंदरगाह और मायून द्वीप पर कब्जा। अब संघर्ष राजधानी अदन की दहलीज पर है और बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य पर हूतियों की पकड़ वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए नई चेतावनी बन गई है।

मुख्य बातें

यमन की नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज ने दावा किया कि 9 अगस्त से 10 सितंबर 2026 के बीच 500 से अधिक सैनिक मारे गए और 1,500 घायल हुए — हालाँकि ये आँकड़े स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं।
सरकारी सेना के अनुसार 1,000 से अधिक हूती लड़ाके भी मारे गए, जिनकी पुष्टि नहीं हो सकी।
हूती बलों ने मोखा बंदरगाह और मायून द्वीप पर कब्जा कर बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ मजबूत की।
संघर्ष अब लहज प्रांत होते हुए यमनी सरकार की राजधानी अदन के निकट पहुँच गया है।
मोखा जेल से हूती बलों ने अपने 210 कैदी सदस्यों को मुक्त कराया।

यमन की सरकारी सेना की नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज ने रविवार, 13 सितंबर 2026 को दावा किया कि पश्चिमी तटीय क्षेत्र में हूती विद्रोहियों के साथ हुई एक महीने की भीषण लड़ाई में 500 से अधिक सरकारी सैनिक मारे गए और लगभग 1,500 सैनिक घायल हुए हैं। यह संघर्ष ठीक उस समय और गहरा गया जब हूती बलों ने रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य की दिशा में तीव्र गति से अपनी पैठ बढ़ाई।

मुख्य घटनाक्रम

अल-जुम्हूरिया टीवी पर जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह हताहत 9 अगस्त से 10 सितंबर 2026 के बीच दर्ज किए गए। सरकारी सेना ने यह भी दावा किया कि इस अवधि में 1,000 से अधिक हूती लड़ाके मारे गए और हजारों अन्य घायल हुए। हालांकि, इन आँकड़ों की स्वतंत्र स्रोतों से पुष्टि अभी तक संभव नहीं हो सकी है।

संघर्ष की शुरुआत हूती विद्रोहियों द्वारा मिसाइल, ड्रोन और विस्फोटक नौकाओं से किए गए समन्वित हमलों से हुई। बाद में यह लड़ाई होदेदाह प्रांत के लाल सागर तटीय क्षेत्र के दक्षिणी हिस्से हैस से बढ़कर पड़ोसी दक्षिण-पश्चिमी ताइज प्रांत के कई इलाकों तक फैल गई।

मोखा और मायून द्वीप पर हूती कब्जा

सरकारी सेना के अनुसार, 3 सितंबर को शुरू हुई हूती आक्रामकता ने यमन के लाल सागर तट पर स्थिति को तेजी से पलट दिया। हूती विद्रोहियों ने होदेदाह और ताइज प्रांत के कई सरकारी नियंत्रण वाले क्षेत्रों पर अपना अधिकार जमा लिया।

गुरुवार को रणनीतिक महत्व वाले बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जा करने के बाद, शुक्रवार को हूती बल दक्षिण की ओर बाब-अल-मंदब क्षेत्र में आगे बढ़े और जलडमरूमध्य के मध्य स्थित मायून द्वीप पर भी नियंत्रण स्थापित कर लिया। यह द्वीप लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की निगरानी के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है।

अदन के करीब पहुँचा संघर्ष

मोखा और मायून पर कब्जे के बाद हूती बलों ने दक्षिण की ओर पड़ोसी लहज प्रांत की तरफ अपनी बढ़त जारी रखी, जहाँ पीछे हट चुकी सरकारी सेना पुनर्गठन के प्रयास में थी। यह घटनाक्रम यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की राजधानी अदन के और निकट संघर्ष को ले आया है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक नई चिंता का विषय बन गया है।

जेल से 210 हूती लड़ाके मुक्त

नाम न बताने की शर्त पर एक हूती सैन्य अधिकारी ने बताया कि मोखा पर कब्जे के बाद हूती बलों ने सरकार द्वारा संचालित एक जेल पर धावा बोला और अपने 210 कैदी सदस्यों को मुक्त करा लिया, जिन्हें सरकारी सेना ने बंदी बनाया हुआ था। अधिकारी के अनुसार, पीछे हटने से पहले सरकारी बलों ने सभी 210 कैदियों को एक बड़े हॉल में बंद कर दिया था, जहाँ से बाद में हूती लड़ाकों ने प्रवेश कर उन्हें रिहा किया।

क्या होगा आगे

गौरतलब है कि बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य वैश्विक समुद्री व्यापार का एक अत्यंत संवेदनशील गलियारा है, जिससे होकर प्रतिदिन लाखों बैरल तेल और अरबों डॉलर का व्यापार गुज़रता है। हूती बलों की इस क्षेत्र में बढ़ती उपस्थिति अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए नई चुनौती पैदा कर सकती है। यमन संघर्ष का यह ताज़ा अध्याय आने वाले हफ्तों में क्षेत्रीय शक्तियों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया की माँग करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे वैश्विक तेल व्यापार मार्ग को सीधे खतरा है। यमन की सरकारी सेना के अपने आँकड़े — जो स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुए — बताते हैं कि भूमि पर स्थिति कितनी तेज़ी से बदल रही है। अदन की ओर बढ़ता यह मोर्चा उस समय और चिंताजनक है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय यमन शांति प्रक्रिया में उलझा हुआ है।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यमन में हूती हमले में कितने सरकारी सैनिक मारे गए?
यमन की नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेज के अनुसार, 9 अगस्त से 10 सितंबर 2026 के बीच पश्चिमी तटीय संघर्ष में 500 से अधिक सरकारी सैनिक मारे गए और करीब 1,500 घायल हुए। हालाँकि इन आँकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
हूतियों ने मोखा और मायून द्वीप पर कब्जा क्यों अहम है?
मोखा यमन का एक प्रमुख लाल सागर तटीय बंदरगाह है और मायून द्वीप बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य के बीच स्थित है। इस जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल और व्यापार का बड़ा हिस्सा गुज़रता है, इसलिए इन पर हूती नियंत्रण समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता है।
यमन में हूती बल किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं?
मोखा और मायून पर कब्जे के बाद हूती बल दक्षिण की ओर लहज प्रांत में आगे बढ़ रहे हैं। यह यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की राजधानी अदन के और निकट है, जिससे वहाँ भी संघर्ष का खतरा बढ़ गया है।
हूतियों ने मोखा जेल पर धावा क्यों बोला?
मोखा पर कब्जे के बाद हूती बलों ने सरकार द्वारा संचालित जेल पर धावा बोला और अपने 210 कैदी सदस्यों को मुक्त कराया। एक हूती सैन्य अधिकारी के अनुसार, पीछे हटने से पहले सरकारी बलों ने इन कैदियों को एक बड़े हॉल में बंद कर दिया था।
यमन में मौजूदा संघर्ष का वैश्विक असर क्या हो सकता है?
बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य वैश्विक समुद्री व्यापार का अत्यंत संवेदनशील गलियारा है। हूती बलों की इस क्षेत्र में बढ़ती पकड़ अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों, तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती उत्पन्न कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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