4 सितंबर 2026
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पश्चिमी यमन में भीषण संघर्ष: दो दिनों में 90 की मौत, होदेदाह और ताइज़ में भारी लड़ाई

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पश्चिमी यमन में भीषण संघर्ष: दो दिनों में 90 की मौत, होदेदाह और ताइज़ में भारी लड़ाई

सारांश

पश्चिमी यमन के होदेदाह और ताइज़ में दो दिनों में 90 की मौत — यह हाल के वर्षों की सबसे भीषण जमीनी लड़ाई है। दोनों पक्षों ने भारी सैन्य उपकरण मोर्चों पर झोंके हैं, और लाल सागर पर भी विस्फोटक नौकाओं का खतरा मंडरा रहा है। यमन में शांति की उम्मीदें एक बार फिर दांव पर हैं।

मुख्य बातें

पश्चिमी यमन में दो दिनों में कम से कम 90 लोगों की मौत — 40 सरकारी सैनिक और 50 हौती लड़ाके ।
होदेदाह प्रांत में शुक्रवार तड़के हौती हमले में 14 सरकारी सैनिक मारे गए।
ताइज़ प्रांत में गुरुवार से जारी झड़पों में 26 सरकारी सैनिकों की जान गई।
सोमवार को सरकारी सेना ने लाल सागर के पास हौतियों की चार विस्फोटक नौकाओं को रोका।
दोनों पक्षों ने बख्तरबंद वाहन और भारी सैन्य उपकरण मोर्चों पर भेजे, संघर्ष और तेज होने की आशंका।

पश्चिमी यमन में सरकारी बलों और हौती विद्रोहियों के बीच छिड़ी भीषण लड़ाई में 4 सितंबर 2026 तक पिछले दो दिनों में कम से कम 90 लोगों की मौत हो चुकी है। चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, मारे गए लोगों में 40 सरकारी सैनिक और 50 हौती लड़ाके शामिल हैं — और यह संघर्ष हाल के वर्षों में पश्चिमी यमन में सबसे भीषण जमीनी लड़ाइयों में से एक माना जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम

शुक्रवार तड़के होदेदाह प्रांत में हौती विद्रोहियों ने लाल सागर के तटीय क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हमला बोला, जिसके बाद भारी संघर्ष शुरू हो गया। इस मोर्चे पर कम से कम 14 सरकारी सैनिक मारे गए। पड़ोसी ताइज़ प्रांत में गुरुवार से जारी झड़पों में 26 सरकारी सैनिकों की जान गई।

हौती नियंत्रित इलाकों के अस्पतालों में होदेदाह और ताइज़ दोनों मोर्चों पर मारे गए 50 हौती लड़ाकों के शव लाए गए हैं। सैन्य सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को दोनों पक्षों ने अतिरिक्त सैनिक, बख्तरबंद वाहन और भारी सैन्य उपकरण मोर्चों पर तैनात किए, जिससे टकराव और तीव्र हो गया।

समुद्री मोर्चे पर भी तनाव

इससे पहले सोमवार को यमन की सरकारी सेना ने दावा किया था कि उसने लाल सागर के अंतरराष्ट्रीय नौवहन मार्ग के निकट स्थित सरकारी नियंत्रण वाले हानिश और जुकर द्वीपों की ओर बढ़ रही हौतियों की चार विस्फोटक नौकाओं को रोक दिया। यह घटना दर्शाती है कि संघर्ष केवल जमीन तक सीमित नहीं है — समुद्री मार्गों पर भी दबाव बना हुआ है।

व्यापक संघर्ष की पृष्ठभूमि

पिछले कुछ हफ्तों में यमन के कई मोर्चों पर हिंसा लगातार बढ़ी है। सरकारी बल हौती ठिकानों पर ड्रोन और तोपखाने से हमले कर रहे हैं, जबकि हौती समूह मारिब और पश्चिमी रेड सी तट पर सरकारी नियंत्रण वाले इलाकों पर मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हुए है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय यमन में युद्धविराम की कोशिशों में लगा हुआ है।

आम जनता पर असर

होदेदाह और ताइज़ प्रांत यमन के सबसे घनी आबादी वाले और मानवीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में से हैं। इन मोर्चों पर लड़ाई तेज होने से नागरिकों की आवाजाही और राहत सामग्री की आपूर्ति बाधित होने की आशंका है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय से अपेक्षाकृत शांत पड़े इन मोर्चों पर बड़े पैमाने पर हिंसा की वापसी यमन के नाजुक शांति प्रयासों के लिए गंभीर झटका हो सकती है।

क्या होगा आगे

दोनों पक्षों द्वारा भारी सैन्य उपकरण मोर्चों पर भेजे जाने के बाद संघर्ष के और गहराने की आशंका बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की नज़र इस बात पर है कि क्या यह भड़काव किसी व्यापक आक्रामक अभियान की शुरुआत है, या फिर यह स्थानीय मोर्चों तक सीमित रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यमन में हालिया संघर्ष में कितने लोग मारे गए हैं?
चिकित्सा अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार से शुरू हुई झड़पों में दो दिनों के भीतर कम से कम 90 लोगों की मौत हुई है — जिनमें 40 सरकारी सैनिक और 50 हौती लड़ाके शामिल हैं।
यमन में लड़ाई किन इलाकों में हो रही है?
मुख्य संघर्ष होदेदाह प्रांत (लाल सागर तटीय क्षेत्र) और ताइज़ प्रांत में हो रहा है। होदेदाह में शुक्रवार तड़के हौती हमले में 14 सरकारी सैनिक मारे गए, जबकि ताइज़ में गुरुवार से जारी झड़पों में 26 सैनिकों की जान गई।
क्या यमन में समुद्री मोर्चे पर भी खतरा है?
हाँ। सोमवार को यमन की सरकारी सेना ने दावा किया कि उसने लाल सागर के अंतरराष्ट्रीय नौवहन मार्ग के निकट स्थित हानिश और जुकर द्वीपों की ओर बढ़ रही हौतियों की चार विस्फोटक नौकाओं को रोका।
यमन में यह संघर्ष क्यों अचानक तेज हुआ है?
पिछले कुछ हफ्तों में कई मोर्चों पर हिंसा बढ़ी है। सरकारी बल हौती ठिकानों पर ड्रोन और तोपखाने से हमले कर रहे हैं, जबकि हौती समूह मारिब और पश्चिमी रेड सी तट पर मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हुए है। दोनों पक्षों द्वारा अतिरिक्त बख्तरबंद वाहन और भारी उपकरण मोर्चों पर भेजे जाने से संघर्ष और गहरा हो गया है।
यह संघर्ष यमन के शांति प्रयासों को कैसे प्रभावित करेगा?
विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय से अपेक्षाकृत शांत पड़े इन मोर्चों पर बड़े पैमाने पर हिंसा की वापसी यमन के नाजुक शांति प्रयासों के लिए गंभीर झटका हो सकती है। इससे आशंका बढ़ी है कि व्यापक स्तर पर हिंसा फिर से लौट सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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