लाल सागर में सऊदी तेल टैंकर 'वफा' पर हूती मिसाइल हमला, 8 टैंकर निशाने पर — अभियान और तेज करने की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
यमन के हूती समूह ने 5 अगस्त 2026 को उत्तरी लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकर 'वफा' पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमले की जिम्मेदारी ली और चेतावनी दी कि सऊदी अरब से जुड़े जहाजों के खिलाफ उसका अभियान और अधिक तीव्र किया जाएगा। यह हमला सऊदी अरब के प्रमुख लाल सागर बंदरगाह शहर यानबू के तट के निकट अंजाम दिया गया।
हमले का विवरण और हूती दावे
हूती समूह द्वारा संचालित अल-मसीरा टीवी पर प्रसारित बयान में हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारेया ने कहा कि टैंकर 'वफा' को बैलिस्टिक मिसाइलों से सटीक रूप से निशाना बनाया गया। हालाँकि सारेया ने हमले में हुए संभावित नुकसान या किसी हताहत की जानकारी देने से इनकार किया।
सारेया ने इस अभियान को 'नाकेबंदी के जवाब में नाकेबंदी' करार दिया। उनके अनुसार, इस अभियान की शुरुआत से अब तक हूती बलों ने आठ सऊदी तेल टैंकरों को निशाना बनाया है, जबकि 29 अन्य टैंकरों को अपना मार्ग बदलकर वापस लौटना पड़ा। उल्लेखनीय है कि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और सऊदी अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
तनाव की पृष्ठभूमि
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब हूती समूह और सऊदी अरब के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। जुलाई 2026 में हूती समूह ने सऊदी अरब से जुड़े जहाजों पर समुद्री प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी। समूह का कहना है कि यह कदम हूती-नियंत्रित क्षेत्रों पर सऊदी नाकेबंदी के प्रत्युत्तर में उठाया गया है। गौरतलब है कि यह यमन संघर्ष का एक दशक से अधिक पुराना आयाम है, जिसमें सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन और हूती बलों के बीच टकराव जारी है।
लाल सागर की रणनीतिक अहमियत
इन हमलों ने लाल सागर और बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ा दी है। यह जलमार्ग वैश्विक समुद्री व्यापार के सबसे महत्वपूर्ण गलियारों में गिना जाता है, जहाँ से यूरोप, एशिया और अफ्रीका के बीच बड़े पैमाने पर ऊर्जा और माल की ढुलाई होती है। किसी भी व्यवधान का सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति और शिपिंग लागत पर पड़ सकता है।
भारतीय जहाज पर हमला और यमन की प्रतिक्रिया
इसी क्रम में यमन के विदेश और प्रवासी मामलों के मंत्रालय ने बुधवार को लाल सागर में भारतीय वाणिज्यिक मालवाहक जहाज 'एमएसवी फैजे नूरे ओलिया' पर हुए हमले की कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने इसे 'आतंकी हमला' और 'अंतरराष्ट्रीय कानून तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का खुला उल्लंघन' बताया।
मंत्रालय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में कहा: 'यमन गणराज्य का विदेश और प्रवासी मामलों का मंत्रालय लाल सागर में भारतीय वाणिज्यिक मालवाहक जहाज एमएसवी फैजे नूरे ओलिया पर हूती आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता है। विस्फोटकों से भरी नाव का उपयोग कर यह हमला उस समय किया गया जब जहाज लाल सागर में यात्रा कर रहा था। इस हमले के कारण जहाज पूरी तरह डूब गया।' मंत्रालय ने भारत के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि वह भारतीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है।
भारत की प्रतिक्रिया और चालक दल की सुरक्षा
यमन के विदेश मंत्रालय का यह बयान भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) की मंगलवार शाम को जारी प्रतिक्रिया के बाद आया। भारत ने 'एमएसवी फैजे नूरे ओलिया' पर हुए हमले की निंदा की और पुष्टि की कि जहाज पर सवार सभी 13 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। लाल सागर में बढ़ते हमलों के मद्देनजर आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा पर दबाव और बढ़ने की आशंका है।