होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी नौसेना का तेल टैंकर 'ट्रेंड' पर हमला, 'गैरकानूनी' प्रवेश का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने 18 सितंबर 2026 को दावा किया कि उसने बीती रात टोगो के झंडे वाले तेल टैंकर 'ट्रेंड' पर हमला कर उसे रोक लिया। आईआरजीसी का आरोप है कि यह जहाज होर्मुज स्ट्रेट के प्रतिबंधित क्षेत्र से कथित तौर पर 'गैरकानूनी' तरीके से गुजरने की कोशिश कर रहा था। आईआरजीसी के आधिकारिक मीडिया सेपाह न्यूज के अनुसार, हमले के बाद टैंकर आग की चपेट में आया और फिर उसे रोक दिया गया।
घटनाक्रम: क्या हुआ होर्मुज में
आईआरजीसी के बयान के मुताबिक, टैंकर 'ट्रेंड' अमेरिकी सेना के 'बहकावे और उकसावे' में आकर कथित तौर पर प्रतिबंधित जलमार्ग से गुजरने का प्रयास कर रहा था। नौसेना ने चेतावनी दी है कि ऐसे किसी भी प्रयास का अंजाम केवल 'तबाही' होगा।
इससे पहले भी आईआरजीसी ने 'एल गैया' नामक एक अन्य विशाल तेल टैंकर के बारे में बताया था कि वह होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी प्रतिबंधित रास्ते से गुजरते हुए समुद्री बारूदी सुरंगों से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गया। बयान के अनुसार, उस जहाज की आग पर काबू पाने की सारी कोशिशें नाकाम रहीं।
ईरान का होर्मुज पर नियंत्रण और पृष्ठभूमि
ईरान ने 28 फरवरी 2026 को होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ और सख्त कर दी थी। इजरायल और अमेरिका के ईरानी क्षेत्र पर संयुक्त हमलों के बाद तेहरान ने इन दोनों देशों के जहाजों या उनसे जुड़े जहाजों के सुरक्षित आवागमन पर आधिकारिक रोक लगा दी थी।
गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्ग है — वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20% इसी रास्ते से गुजरता है। इस जलडमरूमध्य पर किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक ऊर्जा बाज़ार को तत्काल प्रभावित करती है।
बीमा कंपनियों और शिपिंग संस्थाओं को चेतावनी
होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री यातायात की देखरेख करने वाली ईरान की पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (पीजीएसए) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट जारी कर बीमा कंपनियों, प्रोटेक्शन एंड इंडेम्निटी (पी एंड आई) क्लबों और जहाजों की तकनीकी जाँच व प्रमाणन करने वाली संस्थाओं को सख्त चेतावनी दी है।
पीजीएसए ने कहा कि वे 'नियम तोड़ने वाले' जहाजों की अपडेट की गई सूची में शामिल किसी भी पोत को अपनी सेवाएँ न दें, ताकि ऐसे जहाजों के साथ सहयोग से उत्पन्न होने वाले परिणामों से बचा जा सके।
वैश्विक शिपिंग पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव पहले से चरम पर है। आलोचकों का कहना है कि ईरान की इस कार्रवाई से बीमा प्रीमियम में भारी उछाल आ सकता है और कई शिपिंग कंपनियाँ वैकल्पिक लंबे मार्गों की तलाश कर सकती हैं, जिससे ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में लागत बढ़ेगी।
आईआरजीसी की नौसेना ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज स्ट्रेट पर उसका नियंत्रण बरकरार है और किसी भी 'हमलावर' को यहाँ से आवागमन की अनुमति नहीं दी जाएगी। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और इस विवाद का कूटनीतिक हल महत्वपूर्ण होगा।