होर्मुज स्ट्रेट में 'एल गैया' तेल टैंकर नौसैनिक बारूदी सुरंग से टकराया, आईआरजीसी ने प्रतिबंधित रास्ते को बताया कारण
सारांश
मुख्य बातें
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने 15 सितंबर 2026 को दावा किया कि 'एल गैया' नामक एक विशाल तेल टैंकर होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी हिस्से में एक प्रतिबंधित मार्ग का उपयोग करने के दौरान नौसैनिक बारूदी सुरंगों से टकरा गया, जिसके बाद उसमें विस्फोट हुआ और भीषण आग भड़क उठी। आईआरजीसी के अनुसार, आग पर काबू पाने के सभी प्रयास विफल रहे और पूरा जहाज लपटों में घिर गया।
घटनाक्रम: क्या हुआ होर्मुज स्ट्रेट में
आईआरजीसी के आधिकारिक मीडिया आउटलेट 'सेपाह न्यूज' में जारी बयान के अनुसार, टैंकर होर्मुज स्ट्रेट पार करने के लिए जलडमरूमध्य के दक्षिणी क्षेत्र में एक ऐसे मार्ग से गुज़र रहा था, जिसे ईरानी अधिकारियों ने 'गैरकानूनी' और प्रतिबंधित घोषित किया हुआ है। टैंकर के नौसैनिक बारूदी सुरंग से टकराने के बाद हुए विस्फोट में आग लग गई, जिसे बुझाया नहीं जा सका।
बयान में यह भी कहा गया कि इस रणनीतिक जलमार्ग में 'अनधिकृत' रास्तों के इस्तेमाल के खतरों को लेकर पहले से ही चेतावनी दी जा चुकी थी। आईआरजीसी ने दोहराया कि होर्मुज स्ट्रेट बंद है और उस पर ईरानी नौसेना का पूर्ण नियंत्रण है।
पीजीएसए की समुद्री कंपनियों को चेतावनी
इसी दिन, पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (पीजीएसए) — जो होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री यातायात की निगरानी करती है — ने बीमा कंपनियों और जहाज वर्गीकरण संगठनों को आगाह किया कि वे उन जहाजों को सेवाएँ देने से बचें, जिन्हें उसकी नई सूची में 'नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाज' के रूप में दर्ज किया गया है।
पीजीएसए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में स्पष्ट किया कि प्रोटेक्शन एंड इंडेम्निटी (पी एंड आई) क्लब और क्लासिफिकेशन सोसायटीज यदि इन जहाजों को सेवाएँ देती हैं, तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
अमेरिकी मानव रहित नौका पर भी हमले का दावा
गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में आईआरजीसी ने दावा किया था कि उसकी नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी 'सेलड्रोन एक्सप्लोरर' प्रकार की एक मानव रहित सतही नौका (यूएसवी) को निशाना बनाया था। सेपाह न्यूज के अनुसार, उस यूएसवी को 'आक्रामक मिशन' पर बताया गया था और जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार के समीप उस पर हमला किया गया।
आईआरजीसी के अनुसार, इस प्रकार की यूएसवी का इस्तेमाल पहले अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट और टास्क फोर्स 59 द्वारा किया जाता था, जिनका मुख्यालय बहरीन में है। संगठन ने यह भी दावा किया कि बहरीन स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डा पहले ईरानी हमलों का निशाना बन चुका है। अब इन यूएसवी का इस्तेमाल कथित तौर पर ओमान के खासाब में स्थित एक इकाई द्वारा किया जा रहा है।
पृष्ठभूमि: फरवरी 2026 के बाद कड़े हुए प्रतिबंध
यह ऐसे समय में आया है जब 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद तेहरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुज़रने पर प्रतिबंध और कड़े कर दिए थे। उधर, अमेरिकी बलों ने ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने या वहाँ से आने वाले जहाजों को निशाना बनाते हुए नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर दी थी।
होर्मुज स्ट्रेट विश्व के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में से एक है और इस जलडमरूमध्य से गुज़रने वाले जहाजों पर किसी भी बाधा का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। आईआरजीसी ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि इस जलमार्ग में किसी भी 'शत्रुतापूर्ण मौजूदगी' को निशाना बनाया जाएगा।