होर्मुज स्ट्रेट विवाद: आईआरजीसी का आरोप — अमेरिकी सेना ने दो तेल टैंकरों को गुमराह किया, विस्फोट और आग
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने मंगलवार, 21 जुलाई को आरोप लगाया कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों को गलत दिशा-निर्देश देकर खतरनाक रास्ते पर भेजा, जिसके परिणामस्वरूप उन टैंकरों में विस्फोट हुए और भीषण आग भड़क उठी। यह घटना तेहरान और वॉशिंगटन के बीच तेज़ होते सैन्य टकराव की पृष्ठभूमि में हुई है।
मुख्य घटनाक्रम
आईआरजीसी के आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों तेल टैंकर होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी हिस्से में स्थित जोखिम भरे मार्ग से गुज़र रहे थे। बयान में आरोप लगाया गया कि अमेरिकी सेना ने इन जहाज़ों को जानबूझकर गलत जानकारी दी, जिससे वे असुरक्षित क्षेत्र में प्रवेश कर गए। विस्फोटों के बाद टैंकरों में बड़े पैमाने पर आग लग गई और उन्हें रुकने पर मजबूर होना पड़ा।
ईरानी समाचार एजेंसी फार्स न्यूज़ के हवाले से आईआरजीसी ने कहा कि दोनों टैंकरों को रोक लिया गया है। आईआरजीसी ने अपने बयान में अमेरिकी सेना पर तीखे शब्दों में हमला बोला, हालाँकि ये आरोप अभी तक स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सके हैं।
आईआरजीसी की अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों को चेतावनी
आईआरजीसी ने इस घटना के बाद वैश्विक शिपिंग कंपनियों को एक बार फिर आगाह किया है कि वे होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रते समय अमेरिकी सेना के दिशा-निर्देशों पर भरोसा न करें। गार्ड कॉर्प्स का कहना है कि इस रणनीतिक जलमार्ग की सुरक्षा का अधिकार ईरान के पास है और वह इसे किसी भी कीमत पर बनाए रखेगा।
गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक है। यहाँ से वैश्विक तेल और प्राकृतिक गैस आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है, जिससे इस जलमार्ग की स्थिरता अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ारों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ईरान-अमेरिका तनाव की पृष्ठभूमि
यह ताज़ा घटना ऐसे समय में सामने आई है जब तेहरान और वॉशिंगटन के बीच तनाव अपने उच्चतम बिंदु पर है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका की ओर से ईरान पर हमले किए जाने के बाद स्थिति और बिगड़ गई है। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने कथित तौर पर क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के बीच वर्षों से विवाद चला आ रहा है। ईरान लगातार इस जलमार्ग को अपनी संप्रभुता का हिस्सा बताता रहा है।
होर्मुज स्ट्रेट बंद करने की चेतावनी
आईआरजीसी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि जब तक अमेरिका की आक्रामक कार्रवाइयाँ जारी रहेंगी, तब तक होर्मुज स्ट्रेट बंद रखा जाएगा। बयान में कहा गया: 'जब तक अमेरिका के हमले जारी रहेंगे, तब तक होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा। इस क्षेत्र से न तो गैस और तेल की एक बूंद बाहर जाएगी और न ही रासायनिक खाद का एक भी बैग निर्यात किया जाएगा।'
यदि यह चेतावनी अमल में आती है, तो इसके वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। भारत सहित तमाम एशियाई देश इस मार्ग से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल आयात करते हैं।
आगे क्या
फिलहाल अमेरिकी सेना की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। दोनों टैंकरों की वर्तमान स्थिति और उनमें सवार चालक दल के बारे में स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन और प्रमुख शिपिंग कंपनियाँ इस क्षेत्र में अपने जहाज़ों की आवाजाही को लेकर सतर्क हो गई हैं।