अमेरिका ने ईरान के लारक द्वीप पर हमला किया, आईआरजीसी के दो लॉन्चर तबाह; तनाव चरम पर
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के लारक द्वीप पर मौजूद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आईआरजीसी के जवानों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने और रॉकेट दागने की तैयारी करते देखा गया था। यह एक महीने से अधिक समय बाद ईरानी ठिकानों पर अमेरिका की पहली ज्ञात सैन्य कार्रवाई है।
हमले की पृष्ठभूमि और कारण
सेंटकॉम के अनुसार, अमेरिकी सेना क्षेत्र पर करीबी निगरानी बनाए हुए है और इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया गया कि ईरानी बलों को होर्मुज स्ट्रेट में बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी करते देखने के बाद यह कार्रवाई की गई। उल्लेखनीय है कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पिछले सप्ताह ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों से पहले से बिछी समुद्री सुरंगों को हटाने का काम पूरा किया था।
ईरान का दावा और जवाबी चेतावनी
आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक समाचार मंच सेपाह न्यूज पर जारी बयान में दावा किया कि होर्मोजगान प्रांत के लारक द्वीप पर हुए इस 'अमेरिका-इजरायल' हमले में कई सैन्यकर्मी और आम नागरिक मारे गए या घायल हुए हैं। आईआरजीसी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस हमले का जवाब दिया जाएगा और 'हमलावर को इसकी सजा मिलेगी।' ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी ने अनौपचारिक रिपोर्टों के हवाले से बताया कि इस कथित अमेरिकी ड्रोन हमले में कम से कम दो लोगों की मौत हुई है और दो अन्य घायल हुए हैं। ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स समाचार एजेंसी ने भी स्थानीय सूत्रों के हवाले से रात को लारक द्वीप पर एक जोरदार विस्फोट की आवाज सुने जाने की पुष्टि की।
ट्रंप की 'जीरो टॉलरेंस' चेतावनी
इस घटना से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट से सुरंगें हटाने की कार्रवाई के बाद तेहरान को कड़ी चेतावनी दी थी। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, 'जो भी जहाज या नाव नई बारूदी सुरंगें बिछाने में शामिल होगी, उसे तुरंत और व्यवस्थित तरीके से नष्ट कर दिया जाएगा।' उन्होंने यह भी कहा कि बारूदी सुरंगें बिछाने के खिलाफ उनकी 'जीरो टॉलरेंस' नीति पूरी तरह लागू है।
लारक द्वीप की रणनीतिक अहमियत
लारक द्वीप ईरान के बंदर अब्बास तट के निकट स्थित एक छोटा किंतु रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण द्वीप है। यह केश्म द्वीप के पूर्व और होर्मुज द्वीप के दक्षिण में स्थित है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है और इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य तनाव का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों पर पड़ता है।
क्या होगा आगे
आईआरजीसी की जवाबी कार्रवाई की चेतावनी के बाद मध्य-पूर्व में तनाव और गहरा सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता की संभावनाएं पहले से ही नाजुक दौर में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी तरह की बाधा वैश्विक तेल आपूर्ति को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।