31 अगस्त 2026
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प्रणब मुखर्जी की पुण्यतिथि: नितिन गडकरी, योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

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प्रणब मुखर्जी की पुण्यतिथि: नितिन गडकरी, योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

सारांश

भारत के 13वें राष्ट्रपति और भारत रत्न प्रणब मुखर्जी की पुण्यतिथि पर 31 अगस्त को नितिन गडकरी, योगी आदित्यनाथ, भजनलाल शर्मा, रेखा गुप्ता और नायब सैनी समेत दर्जनों नेताओं ने श्रद्धांजलि दी — दलगत सीमाओं से परे उनकी स्वीकार्यता का प्रमाण।

मुख्य बातें

भारत रत्न प्रणब मुखर्जी की पुण्यतिथि 31 अगस्त को मनाई गई; उनका निधन 31 अगस्त 2020 को हुआ था।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी , मनोहर लाल और पंकज चौधरी ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ , भजनलाल शर्मा , रेखा गुप्ता और नायब सैनी ने भी उन्हें नमन किया।
प्रणब मुखर्जी 25 जुलाई 2012 से 25 जुलाई 2017 तक भारत के 13वें राष्ट्रपति रहे।
वे 1969 से राज्यसभा में पाँच बार और 2004 से लोकसभा में दो बार निर्वाचित हुए।
वे 23 वर्षों तक कांग्रेस कार्यकारी समिति के सदस्य रहे।

भारत के पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न प्रणब मुखर्जी की पुण्यतिथि पर 31 अगस्त 2025 को देशभर के केंद्रीय मंत्रियों और राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। नई दिल्ली से लेकर राज्यों तक, नेताओं ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर उनके दीर्घ राजनीतिक योगदान और राष्ट्रसेवा को याद किया। प्रणब मुखर्जी का निधन 31 अगस्त 2020 को हुआ था।

केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा, 'पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न प्रणब मुखर्जी के स्मृति दिवस पर उन्हें विनम्र अभिवादन।' केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने उन्हें 'सार्वजनिक जीवन में शुचिता, पारदर्शिता एवं स्पष्टवादिता की प्रतिमूर्ति' बताते हुए कहा कि 'प्रणब बाबू' का योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव मार्गदर्शक रहेगा।

केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि प्रणब मुखर्जी का 'राष्ट्रहित के प्रति समर्पित जीवन, दूरदर्शी नेतृत्व और सार्वजनिक जीवन में अमूल्य योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।'

मुख्यमंत्रियों का नमन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें 'प्रख्यात राजनेता' बताते हुए एक्स पर श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनका दीर्घ सार्वजनिक योगदान सदैव याद रखा जाएगा। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लिखा कि प्रणब मुखर्जी की 'राष्ट्रसेवा के प्रति निष्ठा और भारतीय लोकतंत्र के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा।'

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उनके 'लोकतांत्रिक मूल्यों, नीति-निर्माण और राष्ट्रसेवा में महत्वपूर्ण योगदान' को याद किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि उनके विचार और सार्वजनिक जीवन की विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।

प्रणब मुखर्जी का राजनीतिक सफर

प्रणब मुखर्जी ने 25 जुलाई 2012 को भारत के 13वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी और 25 जुलाई 2017 तक इस सर्वोच्च संवैधानिक पद पर रहे। उन्होंने 1969 से राज्यसभा के लिए पाँच बार और 2004 से लोकसभा के लिए दो बार निर्वाचित होने का गौरव प्राप्त किया। वे 23 वर्षों तक कांग्रेस कार्यकारी समिति — पार्टी की सर्वोच्च नीति-निर्माण संस्था — के सदस्य रहे।

विरासत और महत्व

गौरतलब है कि प्रणब मुखर्जी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की पृष्ठभूमि से आने के बावजूद विभिन्न दलों के नेताओं में समान रूप से आदरणीय रहे। यह ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण है जब राजनीतिक ध्रुवीकरण के दौर में उनकी छवि एक सर्वमान्य और निष्पक्ष राजनेता की रही। उनकी पुण्यतिथि पर सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी दलों, दोनों के नेताओं का एक साथ श्रद्धांजलि देना उनके दलगत सीमाओं से परे व्यक्तित्व को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी कांग्रेस की पृष्ठभूमि से आए प्रणब मुखर्जी को सत्तारूढ़ दल के नेता भी उतने ही आदर से याद करते हैं। यह उनकी संस्थागत गरिमा और संविधान-निष्ठा का प्रमाण है — एक मानक जो आज की राजनीति में और भी दुर्लभ होता जा रहा है।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रणब मुखर्जी की पुण्यतिथि कब है?
प्रणब मुखर्जी की पुण्यतिथि 31 अगस्त को मनाई जाती है। उनका निधन 31 अगस्त 2020 को हुआ था।
प्रणब मुखर्जी भारत के कौन से राष्ट्रपति थे?
प्रणब मुखर्जी भारत के 13वें राष्ट्रपति थे। उन्होंने 25 जुलाई 2012 को पदभार ग्रहण किया और 25 जुलाई 2017 तक इस पद पर रहे।
प्रणब मुखर्जी को भारत रत्न कब मिला?
स्रोत में भारत रत्न प्रदान किए जाने की तिथि का उल्लेख नहीं है, किंतु उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया था।
प्रणब मुखर्जी की पुण्यतिथि पर किन नेताओं ने श्रद्धांजलि दी?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मनोहर लाल और पंकज चौधरी के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक्स पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रणब मुखर्जी का राजनीतिक करियर कैसा रहा?
प्रणब मुखर्जी 1969 से पाँच बार राज्यसभा और 2004 से दो बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए। वे 23 वर्षों तक कांग्रेस कार्यकारी समिति के सदस्य रहे और राष्ट्रपति बनने से पूर्व कई महत्वपूर्ण केंद्रीय मंत्री पद संभाले।
राष्ट्र प्रेस
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